samacharsecretary.com

Hanuman Ansh में ग्वालियर के कलाकारों का जलवा, साधु और श्रेयश की आवाज ने बिखेरा भक्ति का रंग

 ग्वालियर
बड़े पर्दे पर बाबा नीम करोली की भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक जीवन की कहानी दर्शकों को खूब प्रभावित कर रही है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ को देशभर में दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है और कमाई के मामले में भी फिल्म ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस कामयाबी में ग्वालियर की सुरमयी आवाजों की भी खास भूमिका है। फिल्म के कुल 13 गीतों में से पांच गीत शहर के गायक साधु तिवारी ने अपनी आवाज में पिरोए हैं। वहीं, एक अन्य भक्ति गीत ‘जय हनुमान’ को ग्वालियर के ही श्रेयश धर्माधिकारी ने स्वर दिया है।

साधु तिवारी की खासियत सिर्फ उनकी आवाज तक सीमित नहीं है। उन्होंने फिल्म के जिन पांच गीतों को गाया है, उनमें से गीतों के बोल लिखने और संगीत तैयार करने की जिम्मेदारी भी उन्होंने खुद संभाली है। फिल्म में उनके स्वर में ‘आवागवम’, ‘सासा हाले’, ‘जिद पर आ गई पार्वती’, ‘हे खरारी’ और ‘बजरंग बांका’ गीत सुनने को मिलते हैं।

करैया से मुंबई तक, जुनून ने बनाई पहचान
साधु तिवारी मूल रूप से ग्वालियर जिले के करैया-भितरवार क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद एक निजी संस्थान से स्नातकोत्तर शिक्षा हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने शहर के कई निजी महाविद्यालयों में अतिथि संकाय सदस्य के तौर पर भी सेवाएं दीं।

हालांकि, शिक्षा और अध्यापन के साथ उनका सबसे बड़ा जुनून संगीत रहा। उन्होंने ग्वालियर के शास्त्रीय गायक संजय देवले से संगीत की बारीकियां सीखीं। संगीत के प्रति इसी लगन ने उन्हें धीरे-धीरे ग्वालियर से मुंबई की मायानगरी तक पहुंचाया, जहां उनके हुनर को बड़े मंच पर पहचान मिलने लगी।

‘जय हनुमान’ में सुनाई देती है श्रेयश की आवाज
फिल्म के संगीत में ग्वालियर की एक और प्रतिभा श्रेयश धर्माधिकारी ने अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने फिल्म के चर्चित भक्ति गीत ‘जय हनुमान’ को आवाज दी है। पर्दे पर जब यह गीत गूंजता है तो ग्वालियर के दर्शकों के लिए इसका जुड़ाव और भी खास हो जाता है।

श्रेयश मूल रूप से ग्वालियर के लाला का बाजार क्षेत्र में रहते हैं और उनकी शिक्षा भी शहर में ही हुई है। वर्तमान में वह मुंबई में रहकर संगीत के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में जुटे हैं।

इस तरह ‘हनुमान अंश’ की सफलता के साथ ग्वालियर के दो कलाकारों की आवाज भी देशभर के दर्शकों तक पहुंच रही है, जो शहर की संगीत परंपरा और यहां की प्रतिभाओं के लिए गर्व का विषय है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here