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जनवरी 2026 से अब तक 83 अस्पतालों पर कार्रवाई

भोपाल 

आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन तथा पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश में योजना से संबद्ध अस्पतालों की निरंतर निगरानी एवं जांच की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जनवरी 2026 से अब तक प्रदेश में 83 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें 18 अस्पतालों का डी-एम्पेनेलमेंट, 15 अस्पतालों पर स्टॉप पेमेंट तथा 50 अस्पतालों पर कुल 3 करोड़ 13 लाख 79 हजार 311 रुपये की पेनल्टी अधिरोपित की गई है।

भोपाल के अस्पतालों पर भी नियमानुसार कार्रवाई

भोपाल में प्राप्त शिकायतों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। सिद्धांता रेडक्रॉस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना से निलंबित किया गया है तथा स्टॉप पेमेंट की कार्रवाई की गई है। वहीं, मल्टी केयर अस्पताल, भोपाल के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त दो अन्य अस्पतालों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों के संबंध में आयुष्मान भारत जांच दल द्वारा निरीक्षण किया गया है। उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अरविंद शाह ने कहा कि आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण, सुगम एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की नियमित जांच, क्लेम की समीक्षा, उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण तथा संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त अन्य शिकायतों का भी परीक्षण किया जा रहा है। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

 

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