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तेल चोरी की कोशिश बनी जानलेवा, नाइजीरिया में जहरीली गैस की चपेट में आए 37 लोग

 लागोस
 शुक्रवार को नाइजीरिया के एक पर्यावरण समूह ने दावा किया कि तेल पाइपलाइन से तेल चुराने की कोशिश के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से कम से कम 37 लोगों की जान चली गई। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।

यूथ्स एंड एनवायरनमेंटल एडवोकेसी सेंटर के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा गुरुवार आधी रात के आसपास रिवर्स राज्य के ओक्रिका इलाके में हुआ।

बताया जा रहा है कि ओकारी जेटी पर एक बड़े जहाज में तेल भरा जा रहा था, तभी कुछ संदिग्ध चोर पाइपलाइन में तेज दबाव वाले पेट्रोलियम उत्पाद को अवैध तरीके से अपनी नावों में भरने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान वहां जहरीली गैस का रिसाव हो गया। समूह का कहना है कि कई लोग अब भी लापता हैं और नदी में कुछ शव तैरते हुए देखे गए हैं।

पाइपलाइन से तेल चोरी का संकट
पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की मौत कच्चा तेल चुराने की कोशिश के दौरान हुई। यह घटना नाइजर डेल्टा में कच्चे तेल की चोरी और पाइपलाइन में तोड़फोड़ की गंभीर और लगातार बनी हुई समस्या है।

अक्टूबर 2023 के बाद से यह इस तरह की सबसे बड़ी घटना है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने का दावा किया गया है।

इस क्षेत्र में अवैध रूप से तेल निकालने की घटनाओं के कारण अक्सर जानलेवा हादसे और भारी प्रदूषण होता है, जिससे नाइजीरिया के तेल उद्योग को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों की जांच
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, रिवर्स पुलिस के प्रवक्ता एएसपी ब्लेसिंग काबोर्लो अगाबे ने कहा कि घटना से जुड़े हालात का पता लगाने और तथ्यों की पुष्टि के लिए गहन जांच चल रही है। घटना के कारणों और मरने वालों की सही संख्या की पुष्टि नहीं कर सकी है।

वहीं, नाइजीरिया सुरक्षा और नागरिक रक्षा कोर ने स्पष्ट किया है कि हताहतों की बताई जा रही संख्या की अभी पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा, घटना में शामिल रासायनिक पदार्थ की तकनीकी जांच की भी आवश्यकता है।

कोर ने कहा कि वह मरने वालों, घायलों और लापता लोगों की सही संख्या का पता लगाने के लिए अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके साथ ही, किसी भी संभावित लापरवाही, स्थानीय मिलीभगत या आपराधिक मदद की भी जांच की जा रही है।

 

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