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प्रतिभा खोज परीक्षा के परिणाम घोषित, 9 केंद्रों पर होगी जेईई-नीट की नि:शुल्क तैयारी

भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शाजापुर जिले की प्रतिभा खोज परीक्षा के अंतिम परिणाम घोषित करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों से परे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ‘प्रतिभा मंदिर परियोजना’ का विस्तार करते हुए अब जिले के 9 केंद्रों पर जेईई (JEE) एवं नीट (NEET) की नि:शुल्क तैयारी कराई जाएगी।

मंत्री  परमार ने बताया कि प्रतिभा खोज परीक्षा में 1 हजार 751 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इनमें कक्षा 9 आधारभूत तैयारी (फाउंडेशन) के 937, संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) के 347 तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के 467 विद्यार्थी शामिल हैं। चयनित विद्यार्थियों में 1 हजार 241 शासकीय एवं 510 निजी विद्यालयों के विद्यार्थी हैं। इनमें 1 हजार 207 हिंदी माध्यम और 544 अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी हैं तथा दिव्यांग श्रेणी के 5 विद्यार्थियों का भी चयन हुआ है। 17 सितंबर 2026 को सांदीपनि विद्यालय, गौलाना में परियोजना का भव्य शुभारंभ होगा। इस अवसर पर सभी चयनित विद्यार्थियों को अभिभावकों एवं संरक्षकों की उपस्थिति में प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा एवं कक्षाएं 18 सितंबर से प्रारंभ होंगी।

मंत्री  परमार ने बताया कि विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी और उल्लेखनीय चयन को देखते हुए जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों शाजापुर, शुजालपुर एवं कालापीपल में प्रतिभा मंदिर केंद्रों की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 की गई है। इनमें शुजालपुर, पोचानेर, गौलाना, अकोदिया एवं सुंदरसी के 5 सांदीपनि विद्यालय (सीएम राइज), शाजापुर का 1 उत्कृष्ट विद्यालय तथा कालापीपल, मोमन बड़ोदिया एवं पोलायकला के 3 महाविद्यालय शामिल हैं।

मंत्री  परमार ने कहा कि प्रतिभा मंदिर परियोजना को समावेशी स्वरूप दिया गया है। शासकीय विद्यालयों के निर्धन एवं वंचित विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने के बाद सीटें रिक्त रहने पर निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी अवसर मिलेगा। चयनित निजी विद्यालय विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर अपने परिसर में भी प्रतिभा मंदिर स्थापित कर संचालित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त विश्वस्तरीय एवं नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के राष्ट्रीय संकल्प को मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। यह प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं संकल्प के प्रति हमारा कार्य-समर्पण है।

प्रतिभा मंदिर की कक्षाएं कोटा एवं नई दिल्ली स्थित प्रतिभा मंदिर स्टूडियो से ऑनलाइन संचालित होंगी। विषय-विशेषज्ञ शिक्षक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे तथा यूट्यूब (YouTube) चैनल एवं प्रतिभा धारा शिक्षण प्रबंधन प्रणाली (LMS) पोर्टल के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। स्क्रीन समय कम करने और अभ्यास को प्रभावी बनाने के लिए मुद्रित अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध होगी।  परमार ने कहा कि ‘प्रतिभा मंदिर’ केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का केंद्र नहीं, बल्कि संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर देने का माध्यम है।

 

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