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रामानंद सागर के पोते लाएंगे श्रीमद्भागवतम् की भव्य कहानी, जारी हुआ पहला टीजर पोस्टर

बॉलीवुड में आज तक सैकड़ों धार्मिक और पौराणिक फिल्में बनी हैं, लेकिन आज तक कोई निर्माता-निर्देशक श्रीमद्भागवत् को रुपहले पर्दे पर साकार नहीं कर सका. लेकिन अब ये बड़ा कारनामा होना तय हो गया है. श्रीमद्भागवतम् के पहले पार्ट ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरत’ का पहला टीजर पोस्टर आज जारी कर दिया गया. रामानंद सागर के पोते आकाश सागर और अमृत सागर द्वारा सह निर्देशित पोस्टर में भगवान श्रीकृष्ण के हाथ की एक झलक दिख रही है. फिल्म अगले साल रिलीज होगी.

क्या है फिल्म की कहानी?
भारत के सबसे पूजनीय धर्मग्रंथों में से एक भागवत महापुराण पर आधारित है, जिसे दुनियाभर में करोड़ों लोग पढ़ते और श्रद्धा से देखते हैं. इसके पहले पार्ट में जुड़े ‘विष्णुरत’ का अर्थ है—‘विष्णु द्वारा संरक्षित’. यही भाव फिल्म की आध्यात्मिक और सिनेमाई यात्रा की बुनियाद भी है. फिल्म का पहला पोस्टर इसकी दुनिया की पहली झलक पेश करता है, जिसमें ईश्वरीय संरक्षण के भाव को केंद्र में रखा गया है.

फिल्म के बारे में सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट कर्ताधर्ता और निर्देशक जोड़ी आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा ने कहा- इस फिल्म के सह-निर्देशक होने के साथ-साथ हम दोनों भाई हैं और भागवत की कहानियां सुनते हुए ही बड़े हुए हैं. हमारा मानना है कि करोड़ों भारतीयों के लिए ये कथाएं केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं, बल्कि हमारी वर्षों पुरानी स्मृति का हिस्सा हैं.

'हमारे दादाजी ने रामायण को पर्दे पर उतारा था. वो एक ऐसा धारावाहिक साबित हुआ, जिसके जरिए पूरी एक पीढ़ी ने इस महाकाव्य का आध्यात्मिक अनुभव किया. लेकिन उन्होंने जो किया, उसे हम दोबारा नहीं बना सकते और न ही ऐसा करने की हमारी कोशिश है. हर पीढ़ी को अपनी सिनेमाई भाषा खुद खोजनी होती है, जो उसके समय के माध्यम और संभावनाओं के अनुरूप हो.'

‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I विष्णुरत’ की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है और अब ये प्रोडक्शन के अंतिम दौर में है. इस फिल्म का भव्य प्रोडक्शन डिजाइन, आधुनिक फिल्म निर्माण तकनीक और विशिष्ट विजुअल ग्रामर के जरिए एक ऐसी सिनेमाई दुनिया रची जा रही है, जिसे पहले कभी इस रूप में नहीं देखा गया. इस दुनिया की जड़ें मूल ग्रंथ की प्रामाणिकता में हैं, जबकि इसका पैमाना और कल्पनाशीलता उसके विराट स्वरूप के अनुरूप रखी गई है.

आकाश-अमृत कहते हैं- पिछले 6 वर्षों से हम दोनों ने पहले भागवत को समझने की कोशिश की, उसके बाद ही खुद को इस बात के लिए तैयार किया कि इसे पर्दे के लिए लिखा जा सकता है. इस यात्रा में हमें महसूस हुआ कि पार्ट I ‘विष्णुरत’ को एक पारंपरिक फिल्म की तरह नहीं बनाया जा सकता. मूल ग्रंथ की विराटता और कल्पनाशीलता एक बहुत बड़े सिनेमाई कैनवास की मांग करती है.

उन्होंने आगे कहा- सदियों से हमारे चित्रों, मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों में ईश्वर ने अलग-अलग स्वरूप लिए हैं. हमारी कोशिश उन छवियों के प्रति सच्चे रहने की है, जिन्हें देखते, पहचानते और जिनकी आराधना करते हुए हम बड़े हुए हैं. हमारा उद्देश्य केवल नया दिखाने के लिए उन्हें नए रूप में गढ़ना नहीं है, बल्कि आज सिनेमा में उपलब्ध तकनीक और संभावनाओं की मदद से उन्हें यथार्थ, प्रामाणिकता और भव्यता के साथ जीवंत करना है. ‘विष्णुरत’ के जरिए हमारी कोशिश उसी परिचित और पवित्र दृश्य-स्मृति को जीवंत करने और दर्शकों को भागवत महापुराण का अनुभव अब तक के सबसे विशाल सिनेमाई कैनवास पर कराने की है.

सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरात’ 2027 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में सभी प्रीमियम फॉर्मेट्स में रिलीज होगी.

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