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झारखंड में वेतन घोटाले पर CID का शिकंजा, 22.46 लाख की निकासी मामले में जल्द दाखिल होगी चार्जशीट

रांची
खूंटी के स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन-2 (एसआईआरबी-2) के खाते से 22.46 लाख रुपये की अवैध निकासी मामले में सीआइडी अपनी पहली चार्जशीट करने की तैयारी में है। इस मामले में एक लेखापाल सह सिपाही शुभम कुमार की गिरफ्तारी हुई थी।

आने वाले 14 सितंबर को शुभम कुमार की गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में सीआईडी दो दिनों के भीतर चार्जशीट कर देगी। सीआइडी ने अब तक की जांच में पाया है कि सिपाही शुभम कुमार ने वर्ष 2019 से 2021 के बीच करीब 28 बार में कुल 22.46 लाख रुपये स्थानांतरित की थी। खूंटी पुलिस ने ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था

उसका दूसरा सहयोगी सिपाही अजित कुमार अब भी फरार है। आरोपित शुभम कुमार ने अस्थाई आइडी बनाकर अवैध वेतन की राशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित की है। अवैध निकासी के मामले में सबसे पहले खूंटी थाने में 21 मई 2026 को कांड संख्या 72/26 में खूंटी के कोषागार पदाधिकारी शिव कुमार सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

तब वहां के अनुसंधान पदाधिकारी खूंटी के थानेदार अशोक कुमार सिंह ने ही मुख्य आरोपित सह लेखापाल सिपाही शुभम कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सीआइडी ने इस केस को 13 जुलाई को टेकओवर करते हुए कांड संख्या 15/2026 में केस री-रजिस्टर्ड की थी।

इसके बाद से ही आरोपित शुभम कुमार के विरुद्ध सीआईडी ने साक्ष्य संकलित किया, ताकि उसके विरुद्ध निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल की जा सके।

सात जिलों में अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही है CID
सीआईडी झारखंड के सात जिलों में अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही है। सबसे पहला मामला बोकारो में आया था। इसके बाद एक-एक कर छह और जिलों में अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया।

इन जिलों में हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम, रांची, रामगढ़, देवघर व खूंटी में मामला सामने आया है। बोकारो में जिला कोषागार से 11 करोड़, हजारीबाग में 31 करोड़, पश्चिमी सिंहभूम में 27 लाख की अवैध निकासी का मामला उजागर हो चुका है।

वहीं, रांची में 2.94 करोड़, रामगढ़ में 35 लाख व देवघर में 99.06 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आ चुका है। इन जिलों से गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। सीआईडी इन सभी जिलों से जुड़े मामले की जांच कर रही है।

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