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BRICS Summit में दिखी खास बॉन्डिंग, PM मोदी के साथ पुतिन-जिनपिंग की तस्वीर ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली

दिल्ली के ब्रिक्स सम्मेलन से एक तस्वीर सामने आई है, जो दुनिया को संदेश देने वाली है. एशिया की तीन महाशक्ति कहे जाने वाले भारत, चीन और रूस के नेता एक तस्वीर में नजर आए हैं. हाथों में हाथ और चेहरे पर मुस्कान वाली इस तस्वीर में पीएम नरेंद्र मोदी बीच में हैं, जबकि उनके बाईं ओर व्लादिमीर पुतिन हैं और दाईं ओर शी जिनपिंग हैं. पीएम मोदी ने दोनों के हाथों को थाम रखा है और तीनों ही एक फ्रेम में मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. यह तस्वीर इसलिए अहम है क्योंकि चीन और भारत को लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखा जाता रहा है. लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आया है। 

इसके अलावा रूस के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक हैं, लेकिन अमेरिका की शिकायत भी रही है कि भारत उसे ज्यादा तवज्जो क्यों देता है. अब यह तस्वीर भी अमेरिका तक एक संदेश पहुंचाने वाली है. इस तस्वीर की खासियत यह भी है कि एक तरफ रूस दुनिया के बड़े ऊर्जा सप्लायर्स में से एक है तो वहीं चीन और भारत ऊर्जा के सबसे बड़े आयातक देश हैं. पीएम नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि 21वीं सदी एशिया की है. अब एशिया की तीन महाशक्तियों के नेता यदि एक साथ नजर आ रहे हैं तो यह बड़ी खबर है. इसके संदेश भी कई हैं और मायने भी निकाले जाएंगे. ब्रिक्स सम्मेलन में चीन, रूस, भारत, साउथ अफ्रीका, ब्राजील समेत कुल 11 बड़े देशों के नेता पहुंचे हैं. वहीं 10 पार्टनर देशों के नेता भी आए हैं। 

इस तस्वीर को पीएम नरेंद्र मोदी की डिप्लोमेसी के तौर पर भी देखा जा रहा है. वह अकसर भारत से दोस्ती रखने वाले नेताओं को अपनी गर्मजोशी के साथ एक संदेश देने की कोशिश करते हैं. बता दें कि शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स की ताकत की बात की थी और उनका कहना था कि हम दुनिया की 50 फीसदी आबादी हैं और 40 फीसदी जीडीपी यहीं की है. ऐसे में अब ऐसी तस्वीर आने पर अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी. यह देखने वाली बात होगी. इस बीच ब्रिक्स के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है. नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद इसका ऐलान किया है और कहा कि नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर किसी की कोई आपत्ति नहीं है और सभी ने स्वीकार किया है। 

 

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