samacharsecretary.com

बिहार में पशुपालकों को बड़ी सौगात, लखीसराय में बनेगा 50 लाख डोज क्षमता वाला स्टेशन

पटना
बिहार में पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारने तथा दुग्ध उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए लखीसराय जिले में 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक फ्रोजन सीमेन स्टेशन स्थापित किया जाएगा।

स्टेशन में प्रतिवर्ष 50 लाख डोज सीमेन के उत्पादन की क्षमता विकसित करने की योजना है। इसमें सेक्स-सार्टेड सीमेन के उत्पादन पर विशेष बल दिया जाएगा। पहल से दुधारू पशुओं के संतति सुधार को गति मिलेगी।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत स्वीकृत इस परियोजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग तथा बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (COMFED) करेगा।

गाय-भैंस पालकों को मिलेगी बड़ी राहत, दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा
इसके निर्माण और तकनीक पहलुओं में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) तकनीकी सहयोग देगा। पहल से गाय-भैंस पालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

वर्तमान में पूर्णिया में संचालित बिहार का एकमात्र सेक्स-सार्टेड सीमेन सेंटर आधा-अधूरा कार्यरत है। इससे बिहार की आवश्यकता की तुलना में दो प्रतिशत भी सेक्स-साॅर्टेड सीमेन उपलब्ध नहीं हो रहा है।

पशुपालकों की इस समस्या की ओर सरकार का ध्यान जनप्रतिनिधि बिहार से लेकर दिल्ली तक सदन में भी समय-समय आकृष्ट करते रहे हैं।

भाजपा सांसद डाॅ. भीम सिंह एवं विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार के अतिरिक्त कई जनप्रतिनिधि व्यवस्था में सुधार के सुझाव भी दिए।

दुधारू पशुओं के संतति सुधार की पहल होगी तेज
संभवत: सुझावों पर पहल करते हुए केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पहल की है। लखीसराय केंद्रीय मंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी है। ऐसे में यह उनकी बड़ी उपलब्धि है।

सेक्स-साॅर्टेड सीमेन से उच्च आनुवंशिक क्षमता वाली मादा संतति को बढ़ावा मिलेगा। सेक्स-सार्टेड सीमेन तकनीक के इस्तेमाल से उच्च आनुवंशिक क्षमता और बेहतर दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली मादा संतति के जन्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इससे राज्य में नस्ल सुधार कार्यक्रम को गति मिलने के साथ भविष्य में पशुधन की गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादकता में सुधार हो सकेगा। आधुनिक प्रजनन तकनीकों के माध्यम से पशुपालकों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here