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ऑटो-ई रिक्शा में सफर से पहले पहचान होगी आसान, चालकों को पहननी होगी ग्रे वर्दी

हिसार
शहर में ऑटो या ई-रिक्शा में सफर करते समय अब यात्री चालक की पहचान आसानी से कर सकेंगे।

सड़कों पर दौड़ने वाले ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य कॉन्ट्रेक्ट कैरिज के चालकों को ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी पहनने के साथ शर्ट के बाईं ओर बैज लगाना होगा।

यातायात व्यवस्था को अनुशासित बनाने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यातायात पुलिस ने इस व्यवस्था का पालन कराने की तैयारी की है।

इसके साथ ही चालकों की मनमर्जी से सवारियां बैठाने और उतारने, क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने तथा जरूरी दस्तावेजों के बिना वाहन चलाने पर भी नजर रखी जाएगी

नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि एक जैसी निर्धारित वर्दी और बैज होने से चालक की पहचान स्पष्ट होगी।

इससे किसी अप्रिय स्थिति में यात्री को चालक की पहचान करने में भी आसानी होगी। इसी व्यवस्था को लेकर यातायात थाना पुलिस ने आटो और ई-रिक्शा चालकों के साथ जागरूकता बैठक कर उन्हें नए सिरे से दिशा-निर्देश दिए।

यातायात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने चालकों से कहा कि वाहन चलाते समय सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें। सवारियों को केवल निर्धारित स्थानों पर ही बैठाया और उतारा जाए। क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर उनकी सुरक्षा को खतरे में न डाला जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क पर चालक का व्यवहार सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है। चालकों को यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की हिदायत भी दी गई। बैठक में चालकों ने नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया।

वर्दी सिर्फ ड्रेस नहीं, यात्री के लिए बनेगी पहचान
पुलिस के अनुसार ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी के साथ चालक को शर्ट के बाईं ओर बैज लगाना होगा। इसका उद्देश्य चालक की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करना है।

वर्दी और बैज से यात्री को यह पता रहेगा कि वाहन कौन चला रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि वर्दी संबंधी निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इन नियमों पर रहेगा विशेष फोकस
    वर्दी: ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी पहननी होगी।
    बैज: शर्ट के बाईं ओर निर्धारित बैज लगाना होगा।
    दस्तावेज: वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे।
    सवारी: निर्धारित स्थान पर ही यात्रियों को बैठाना और उतारना होगा।
    ओवरलोडिंग: क्षमता से अधिक सवारियां नहीं बैठा सकेंगे।
    व्यवहार: यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार और यातायात नियमों का पालन करना होगा।

 

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