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गणेश चतुर्थी पर कैसी मूर्ति लाएं? जानें बप्पा की सूंड किस दिशा में होना माना जाता है शुभ

 गणेश चतुर्थी पर घर में गणपति बप्पा की मूर्ति लाने की तैयारी कर रहे हैं, तो मूर्ति खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. खासकर गणेश जी की सूंड किस तरफ होनी चाहिए, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है. वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मूर्ति का स्वरूप और उसकी दिशा घर के माहौल से जुड़ी मानी जाती है. ऐसे में बप्पा की मूर्ति खरीदने से पहले इन बातों को जान लेना आपके काम आ सकता है.

किस दिशा में होनी चाहिए गणेश जी की सूंड?
वास्तु से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, घर में गणेश जी की बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली मूर्ति (Ganesh Idol Trunk Direction) रखना शुभ माना जाता है. इसे सामान्य गृहस्थ जीवन के लिए उपयुक्त माना जाता है. मान्यता है कि बाईं ओर मुड़ी सूंड वाला स्वरूप सौम्यता और शांति से जुड़ा होता है.

मूर्ति खरीदते समय यह जरूर देखें कि सूंड साफ और सही आकार में हो. केवल सूंड की दिशा देखकर ही मूर्ति को शुभ या अशुभ मानना जरूरी नहीं है, क्योंकि अलग-अलग परंपराओं में इसके अलग अर्थ बताए गए हैं.

दाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेश जी को लेकर क्या मान्यता है?
अगर गणेश जी की सूंड उनकी दाईं ओर मुड़ी हुई है, तो इसे दक्षिणाभिमुखी गणेश कहा जाता है. वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में इस स्वरूप को विशेष (Ganesh Idol Trunk Direction) माना जाता है. ऐसी प्रतिमा के साथ पूजा के कुछ खास नियमों का पालन करने की बात कही जाती है. इसलिए सामान्य घर की पूजा के लिए लोग अक्सर बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा को प्राथमिकता देते हैं.

बैठी हुई गणेश जी की मूर्ति क्यों मानी जाती है शुभ?
वास्तु की मान्यताओं में घर के लिए बैठे हुए गणेश जी की मूर्ति को अच्छा माना जाता है. इसे स्थिरता और शांति का प्रतीक माना जाता है. खासकर अगर मूर्ति घर के पूजा स्थान के लिए ली जा रही है, तो बैठे हुए गणेश जी की प्रतिमा एक सामान्य विकल्प हो सकती है. मूर्ति खरीदते समय यह भी देखें कि गणेश जी का चेहरा प्रसन्न और शांत दिखाई दे.

गणेश जी की मूर्ति किस दिशा में रखें?
वास्तु की मान्यताओं के अनुसार, घर में गणेश जी की मूर्ति को उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में रखना शुभ माना जाता है. अगर वहां पूजा स्थान बनाना संभव न हो, तो घर की स्थिति के अनुसार किसी साफ और शांत जगह पर पूजा स्थान बनाया जा सकता है. गणेश जी की मूर्ति को सीधे जमीन पर रखने के बजाय किसी साफ चौकी या पूजा स्थान पर रखना बेहतर माना जाता है.

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