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देश सेवा से उद्यम तक का सफर, PMFME योजना ने बदली सफलता की कहानी

देश सेवा से उद्यम सेवा तक – प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना ने बनाया सफल उद्यमी

भोपाल 

भिण्ड शहर के चतुर्वेदी नगर निवासी संतोष सिंह प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना पीएमएफएमई अंतर्गत प्राप्त सहायता के माध्यम से सफल उद्यमी बने हैं। भारतीय सेना में हवलदार के पद पर 17 वर्षों तक सेवा देने वाले सिंह ने देश-सेवा के बाद जिले में उद्यम-सेवा के जज्बे के साथ खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कदम रखा। वैष्णवी ऑयल मिल के माध्यम से ओडीओपी उत्पाद – सरसो का प्रसंस्करण कर वे न केवल 10 लाख की वार्षिक आय प्राप्त कर रहे हैं बल्कि 5 अन्य स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार भी दे रहे है।

शुरुआती दिनों में वैष्णवी ऑयल मिल की सीमित संसाधनों के कारण उत्पादन क्षमता कम थी और उत्पाद को बड़ा बाजार नहीं मिल पा रहा था। पीएमएफएमई योजना अंतर्गत आवेदन करने पर योजना के तहत उन्हें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 13.50 लाख रुपए का ऋण और 5.25 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। उन्होंने इस सहायता से मिल के उन्नयन हेतु आधुनिक एक्सपेलर, फिल्टर और मोटर मशीनें लगाई जिससे उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी हुई। आज वे ग्रामीण क्षेत्रों से किसानों से सीधे सरसों खरीद कर शुद्ध सरसों का तेल निकालते हैं और उसे खुला एवं टीन के डिब्बों में पैक कर स्थानीय बाजार में बेचते हैं।

सिंह का कहना है कि पीएमएफएमई योजना अत्यंत लाभकारी है जिसके अंतर्गत सहायता प्राप्त कर युवा अपना उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। सिंह अपने खाद्य प्रसंस्करण उद्यम के सफल संचालन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद देते हैं।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत संचालित इस योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना पर अधिकतम 10 लाख रुपए की सीमा तक 35 प्रतिशत अनुदान और 3 प्रतिशत ब्याज माफी का प्रावधान है। जिले के युवा, कृषक, और छोटे व्यवसायी व्यक्तिगत स्तर पर, तथा किसान उत्पाद संगठन, स्वसहायता समूह और उत्पादक सहकारी समिति उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से संपर्क कर नए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अथवा मौजूदा इकाइयों के उन्नयन के लिए योजना अंतर्गत वित्तीय और तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

 

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