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धमतरी के जगदेव की आजीविका डबरी बनी समृद्धि का नया आधार

योजना की बूँदों से खिली आत्मनिर्भरता

धमतरी के जगदेव की आजीविका डबरी बनी समृद्धि का नया आधार

​रायपुर
     जब शासन की नीतियाँ धरातल पर उतरती हैं और ग्रामीणों की मेहनत से जुड़ती हैं, तो वे बदलाव का एक नया इतिहास रचती हैं। ऐसी ही एक सुखद और प्रेरणादायक तस्वीर धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत केकराखोली से सामने आई है। यहाँ सेवा संकल्प अभियान के तहत निर्मित एक आजीविका डबरी ने स्थानीय निवासी श्री जगदेव पिता श्री मंगलू राम के परिवार को आत्मनिर्भरता की नई दिशा दी है।
      ​वर्षों से सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती-किसानी के सहारे अपने परिवार का गुजर-बसर करने वाले जगदेव के लिए दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद बचत कर पाना बेहद कठिन था। उनके पास कोई ऐसा स्थायी साधन नहीं था जिससे वे अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर सकें। परिवार की इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2026 में वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत जगदेव के लिए आजीविका डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। शासन की इस जनकल्याणकारी पहल ने उनके खेत में न केवल एक स्थायी जल संसाधन तैयार किया, बल्कि भविष्य के लिए आजीविका का एक मजबूत आधार भी खड़ा कर दिया।
         ​वर्तमान में यह डबरी लबालब पानी से भरी हुई है। जल की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए जगदेव ने इसे केवल जल संग्रहण तक सीमित न रखकर इसमें मछली पालन शुरू करने का निर्णय लिया है। जगदेव का मानना है कि यह डबरी उनके लिए सिर्फ पानी जमा करने की संरचना नहीं, बल्कि रोजगार और स्वावलंबन का नया जरिया है। इस पहल में उनके परिवार के सदस्य भी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। मछली पालन से होने वाली भावी आय से परिवार ने बच्चों की बेहतर शिक्षा, कृषि कार्यों के आधुनिकीकरण और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए बचत करने की योजना बनाई है।
      ​जगदेव की यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब शासन की योजनाओं से निर्मित परिसंपत्तियों का सही उपयोग हितग्राही की लगन और मेहनत के साथ होता है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलती है। आज पानी से लबालब भरी यह आजीविका डबरी जगदेव के परिवार के लिए केवल मिट्टी और पानी का ढांचा नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल और समृद्ध कल का प्रतीक बन चुकी है।

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