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असम में आशुतोष रांका समेत CJP कार्यकर्ता हिरासत में, अभिजीत दीपके ने जताया विरोध

दिसपुर
कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम को असम में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी है। अभिजीत दीपके ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘असम पुलिस ने रांका और CJP की टीम को हिरासत में ले लिया है और उन्हें किसी अज्ञात जगह ले जा रही है।’ दीपके का कहना है कि रांका और उनकी टीम असम में वॉलंटियर्स के साथ एक छोटी सी मीटिंग करने जा रहे थे।

सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने कहा, “हिमंत बिस्वा सरमा डरे हुए हैं कि अगर हम असम के स्कूलों की असलियत दिखाएंगे तो देश को उनकी हालत के बारे में पता चल जाएगा। हिमंत सरमा इसलिए डरे हुए हैं क्योंकि काजीरंगा में हमारे लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और जमीन, जंगल और पानी छीनकर कॉरपोरेट्स को दिए जा रहे हैं।”

एक पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘हिमंता मामा डर गए है कि ज्ञानेश की आड़ में कहीं असम चुनाव में हुई धांधली ना पता पड़ जाये। किस तरह से विधानसभा की बाउंड्री बनाई गई, जिससे एक गांव के लोग तीन अलग अलग विधानसभा में बाट दिए गए। किस तरह से SIR के नाम पर असम के नागरिकों को वोटर लिस्ट से हटाया गया।’

हिमंत सरमा पर लगाए कई आरोप
एक अन्य पोस्ट में वीडियो शेयर करते हुए आशुतोष रांका ने लिखा, 'जब-जब हिमंत सरमा डरता है, पुलिस को आगे करता है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मीट-अप वाली जगह तक जाने वाली पूरी सड़क को दोनों तरफ से बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है। असम पुलिस आंसू गैस के साथ तैयार है। हमारे वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है। किसी को भी मीट-अप वाली जगह तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। असम सरकार कॉकरोच से इतनी डरी हुई क्यों है?

2 अक्टूबर से आंदोलन का ऐलान
आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार को ऐलान करते हुए कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद को लेकर अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो पार्टी आगामी दो अक्टूबर यानी कि गांधी जयंती से मुंबई से एक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार कल तक अपना त्यागपत्र नहीं सौंपते हैं, तो पार्टी मुंबई से आंदोलन शुरू कर इसे देश के अन्य शहरों में फैलाएगी और इस गांधी जयंती पर लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लेगी।

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