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उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर तनाव, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

उज्जैन
शाही मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ जमा हो गई है। इसके बाद एक बार फिर से बवाल बढ़ गया है। मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। साथ ही पत्थर फेंकने लगे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले दागे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती है।

सुबह में जमा हुए मुस्लिम समाज के लोग
उज्जैन में शांति के बाद भोर में मुस्लिम समाज के लोग घर लौट गए थे। कुछ देर पहले समाज के लोगों की भीड़ वहां फिर से जमा होने लगी। इसके बाद नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लोगों को रोकने के लिए 500 मीटर के एरिया को बैरिकेड कर दिया गया था।

सोमवार सुबह हुआ पथराव 
उज्जैन में आज सुबह नगर निगम की कार्रवाई से पहले ही शाही मस्जिद हटाने का विरोध शुरू हो गया. अचानक से यहां पुलिसबल की तरफ पथराव शुरू हो गया. जिसके बाद पुलिस ने   उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं. कुछ देर तक पथराव के बाद पुलिस ने एक्शन तेज कर दिया और भीड़ को तितर-बितर किया गया. हालांकि मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान महिला टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट लगी है। 

उज्जैन के टंकी चौराहे पर भीड़ जमा हुई
उज्जैन के टंकी चौराहे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी है. यही पर पत्थरबाजी हुई है. बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने विरोध के दौरान मस्जिद परिसर में जाने की कोशिश की है. जिन्हें पुलिस ने रोक दिया है. मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात है. स्थिति को नियंत्रण में रखने की लगातार कोशिश हो रही है. शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने उज्जैन के नाका नंबर-5 पर चक्का जाम किया है. यहां बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठी हैं. जिसकी वजह से सुबह से उज्जैन शहर का ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है. यहां भी पुलिसबल महिलाओं को हटाने में जुटी है। 

उज्जैन में 2000 पुलिसकर्मी तैनात 
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उज्जैन शहर में करीब 2000 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जिसमें RAF और STF के जवान भी शामिल हैं. शहर के काजी खलीकुर्रहमान  के साथ प्रशासन ने बातचीत की है। 

उज्जैन में क्या शाही मस्जिद का यह मामला
दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद जारी है. इसी क्रम में गोपाल मंदिर रोड पर प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला सामने आया है. मस्जिद को चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित किए जाने की आशंका के चलते मुस्लिम समाज ने विरोध दर्ज कराया है. इसको लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर हुई है. एकलपीठ से याचिका खारिज होने के बाद युगलपीठ में अपील की गई है. शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी. अब सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है. शाही मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए प्रशासन से इसे बचाने की अपील की है. फिलहाल सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू होने से पहले ही विवाद बढ़ता जा रहा है। 

भीड़ ने शुरू कर दी पत्थरबाजी
इसके बाद भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन की टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी है। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोल दागे हैं। शाही मस्जिद के पास स्थिति को देखते हुए 2500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही दूसरे जिलों से भी बल बुलाया गया है।

पूरे शहर में अलर्ट जारी
स्थिति को देखते पूरे शहर में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस बल हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आंसू गैस के गोले से भीड़ को हटाया जा रहा है। एसपी समेत अन्य लोग वहां मौजूद हैं।

क्यों हो रहा है विवाद
सड़क चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ा जाना है। इसे लेकर मुस्लिम समाज के लोग विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों के साथ पुलिस की मीटिंग हुई थी। रात में मामला सुलझ जाने के बाद सुबह में फिर से विवाद बढ़ गया है। इसके बाद प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कवायद शुरू कर दी है।

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