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जीवाजी विश्वविद्यालय में एनएसएस के विश्वविद्यालय स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ

ग्वालियर,
जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सात दिवसीय विश्वविद्यालय स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। जिसमें ग्वालियर चंबल संभाग के सभी जिलों से 315 स्वयंसेवक/प्रतिभागी/कार्यक्रम अधिकारी/जिला संगठक महोदय शामिल हुए।
जिसका 28 सितम्बर 2026 को शिविर का विधिवत उद्घाटन गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। शिविर के प्रथम दिन का आरंभ प्रातः 5:00 बजे जागरण, प्रभात फेरी एवं शारीरिक प्रशिक्षण (पी.टी.) के साथ हुआ। तत्पश्चात स्वामी विवेकानंद केंद्र, ग्वालियर के संगठक श्री श्रवण जी ने स्वयंसेवकों को योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया। शिविर के सुचारू संचालन व नेतृत्व कौशल संवर्धन के उद्देश्य से प्रतिभागियों को 5 कार्यदलों में विभाजित कर विभिन्न दायित्व सौंपे गए।

सत्र के मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन ग्वालियर के प्रमुख परम पूज्य स्वामी श्री कृष्णमित्रानंद पुरी जी महाराज ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक जीव की अंतर्निहित शक्ति को पहचानना ही जीवन का वास्तविक ध्येय है। उन्होंने युवाओं से चरित्र निर्माण, आत्मशक्ति और ध्यान के माध्यम से 'विकसित भारत' की कमान संभालने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष श्री देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि चरित्र और राष्ट्र निर्माण की सुदृढ़ आधारशिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा विश्व के स्वाभाविक नेतृत्वकर्ता हैं और स्वामी विवेकानंद जी के विचारों का अनुसरण कर वैश्विक स्तर पर भारत का गौरव बढ़ा सकते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत सरकार के क्षेत्रीय निर्देशालय (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) के उप सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने शिविर को जीवन की वास्तविकता, सेवा, धर्म और अनुशासन का अद्भुत संगम बताया तथा स्वयंसेवकों को निरंतर समाज सेवा के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य एडवोकेट भानु प्रताप सिंह एवं जीनियस इंटरनेशनल स्कूल, ग्वालियर की डायरेक्टर श्रीमती रक्षणा सासोड़े विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सत्र के दौरान अतिथियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया तथा डॉ. हरिशंकर सिंह कंसाना जी द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।  
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. मनोज अवस्थी जी ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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