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गोल्ड जीतने के बाद बागेश्वर धाम पहुंचीं क्रिकेटर क्रांति गौड़, धीरेंद्र शास्त्री से मिलीं

छतरपुर
 मध्य प्रदेश के छतरपुर की महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर सीधा बागेश्वर धाम दर्शन करने पहुंचीं. यहां क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने बाबा बागेश्वर से आशीर्वाद लेकर बाला जी के दर्शन किए और पूजा अर्चना की. बड़े मैच से पहले क्रिकेटर क्रांति गौड़ बागेश्वर धाम के दर्शन करने जरूर जाती हैं और खेल के बाद भी बाबा बागेश्वर का आशीर्वाद लेने पहुंचती हैं। 

मंदिर में गर्भगृह में शीश नवाया
एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत में क्रांति गौड़ ने अहम भूमिका निभाई है. देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत लौटीं स्टार क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने शुक्रवार को बागेश्वर धाम पहुंचीं. धाम पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले बालाजी सरकार के मुख्य मंदिर में दर्शन किए और विधिवत पूजन-अर्चन कर देश और अपनी टीम की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की। 

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शिष्टाचार भेंट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराकर देश लौटीं होनहार बेटी को अपने बीच पाकर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया. मंदिर में मौजूद लोगों ने तालियों और नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. बालाजी के दर्शन के उपरांत क्रांति गौड़ ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शिष्टाचार व आत्मीय भेंट की. मुलाकात के दौरान क्रिकेटर ने अपनी ऐतिहासिक खेल यात्रा और अंतरराष्ट्रीय मैदान के अनुभवों को साझा किया। 

मैदान में बालाजी सरकार का आशीर्वाद बरकरार
मुलाकात के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उन्हें स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए अंगवस्त्र व प्रसाद भेंट किया. इसके साथ ही भविष्य में भी भारतीय क्रिकेट और राष्ट्र का मान अंतरराष्ट्रीय पटल पर बढ़ाने का शुभाशीष प्रदान किया. वहीं, महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय ईश्वरीय कृपा और देश के 140 करोड़ नागरिकों के प्यार को दिया. उन्होंने कहा, '' मैदान पर हर गेंद और हर ओवर में देशवासियों की दुआएं और बालाजी सरकार का आशीर्वाद साथ रहता है। 

छतरपुर के घुवारा गांव निवासी महिला क्रिकेटर क्रांति गोंड ने युवाओं और खासकर बेटियों से खेल में पूरे समर्पण से आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने बेटियों से आह्वान करते हुए कहा, "अटूट विश्वास और निरंतर कठोर परिश्रम से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है, बस हौसला रखो और लगातार प्रयास करते रहो। 

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