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रामायण वाटिका का लोकार्पण नवरात्र में संभव, मुख्यमंत्री योगी से मांगा गया समय; दिखेगी ‘हरित रामायण’

बरेली
भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास काल की स्मृतियों को संजोए रामायण वाटिका के शुभारंभ की तैयारी फिर से आरंभ कर दी गई है। बीडीए की ओर से नवरात्र में वाटिका आमजन के लिए खोलने की योजना बनाई गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी समय मांगा गया है।

शहर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की नई पहचान देने वाली रामायण वाटिका के शुभारंभ के लिए लंबे समय से कवायद चल रही है। अब इसे नवरात्र में जनता को समर्पित करने की तैयारी चल रही है। नवरात्र के दौरान रामायण वाटिका के एम्फीथिएटर (खुला रंगमंच) में प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला सुंदरकांड, सत्संग, संकीर्तन, रामायण आधारित प्रस्तुतियां व अन्य विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि, शहर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की नई पहचान देने वाली रामायण वाटिका अब पूर्ण हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथ रामायण वाटिका का लोकार्पण कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा जा रहा है।

वाटिका में स्थापित की गई 51 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा
रामायण वाटिका की पहचान ‘हरित रामायण’ की संकल्पना है। भगवान श्रीराम के वनगमन के दौरान जिन वन क्षेत्रों से होकर उनके जाने का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में मिलता है, वहां की वनस्पतियों एवं वृक्षों से संबंधित विवरण को आधार बनाकर वाटिका काे हरित स्वरूप में विकसित किया गया है।

वाटिका में स्थापित 51 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य-दिव्य प्रतिमा पर्यटकाें का प्रमुख आकर्षण है। साथ ही लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए जाने की व्यवस्था की जा रही है।

मानसून के बाद वाटिका में विकसित पुष्प-पौधों, वनस्पतियों और लैंडस्केप के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि नवरात्र के अवसर पर इसे अपने पूर्ण प्राकृतिक एवं आकर्षक स्वरूप में जनता के सामने प्रस्तुत किया जा सके। वाटिका में आमजन के लिए खानपान की सुविधा को कैंटीन, सार्वजनिक शौचालय समेत अन्य सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

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