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4.47 लाख नाम डिलीट होने के बाद अब घर-घर पहुंचेगा BLO अमला, इंदौर में फिर जुड़ेगा वोटर लिस्ट में नाम

 इंदौर

 मतदाता सूची को लेकर एक बार फिर घर-घर दस्तक शुरू हो चुकी है। करीब सात माह पहले जिस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान बीएलओ ने दो बार मतदाताओं से संपर्क किया था, फॉर्म भरवाए थे और दस्तावेजों की जांच की थी, वहीं काम अब फिर से किया जाएगा। एसआइआर के बाद हटे मतदाताओं की जानकारी लेने के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) फिर से उनके पते पर दस्तक देंगे। यदि वह पते पर मिलते हैं और पात्र पाए जाते हैं, तो उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।
SIR के दौरान घटे मतदाता, अब नाम जुड़वाने का मिला फिर मौका

एसआइआर से पहले जिले में 28 लाख 67 हजार 294 मतदाता थे। एसआइआर के बाद 23 दिसंबर 2025 की प्रारंभिक सूची में संख्या घटकर 24 लाख 20 हजार 171 रह गई। यानी एक ही प्रक्रिया में 4.47 लाख नाम बाहर हो गए थे। एसआईआर के दौरान ही 66,825 नाम जोड़े गए।

वहीं 21 फरवरी 2026 को अंतिम सूची प्रकाशित हुई, जिसमें 24 लाख 86 हजार 996 मतदाता थे। अब सात माह बाद फिर से बीएलओं विलोपित मतदाताओं की जांच कर नाम जोड़ने का कार्य करेंगे।

सोमवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा ने इस अभियान की समीक्षा की। उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पवार ने सभी ईआरओ को पात्र मतदाताओं को चिन्हित कर उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि 18-19 वर्ष के मतदाताओं के नाम भी इस दौरान प्राथमिकता से नाम सूची में शामिल किए जाएं। एक माह तक यह अभियान चलेगा।
10 माह में 5वीं बार दस्तक: 2003 की जानकारी देने का बंधन खत्म

बीते वर्ष अक्टूबर से अब तक मतदाताओं से बीएलओ द्वारा चार बार संपर्क किया जा चुका है। अक्टूबर से दिसंबर के बीच एसआइआर प्रक्रिया के दौरान दो बार बीएलओ मतदाता के घर पहुंचे थे। वहीं फार्म प्राप्त नहीं होने पर जनवरी में एक बार फिर से छूटे मतदाताओं की जांच की गई थी। इसके बाद नगरीय निकाय और पंचायत की मतदाता सूची तैयार करने के लिए भी घर-घर संपर्क किया गया। अब फिर पांचवी बार बीएलओं अपने बूथ में विलोपित मतदाता की जांच करेंगे।

एसआइआर के दौरान 2003 की सूची में नाम या परिवार के किसी सदस्य का नाम मांगा गया था, लेकिन अब इसकी बाध्यता नहीं है। फार्म-6 के साथ भरा जाने वाला डिकलेरेशन फार्म हटा दिया गया है। एसआइआर के दौरान पुरानी सूची से अपना संबंध साबित नहीं कर पाने वाले मतदाताओं के लिए अब पात्रता के आधार पर नाम जुड़वाने का रास्ता खुला है।

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नाम जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेज

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या संशोधन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे…

  •     जन्म तारीख का प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र, तारीख लिखी मार्कशीट, पासपोर्ट और पैन कार्ड।
  •     पते का प्रमाण: पहचान पत्र, बिजली बिल, बैंक पासबुक, सरकारी कर्मचारी होने पर कार्ड, जमीन के दस्तावेज।
  •     किरायेदार के लिए: जन्म प्रमाण पत्र के साथ, पते के प्रमाण में किरायानामा दस्तावेज और मकान मालिक का बिजली बिल।
  •     पता बदलने पर: मतदाता को वर्तमान ईपीक नंबर के साथ फार्म-8 भरना होगा और नए पते का प्रमाण देना होगा।
  •     युवा मतदाता: फार्म-6 भरना होगा, जिसमें माता-पिता के नाम के साथ जन्म और पते का प्रमाण देना होगा।

 

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