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दिल्ली में बदले बस यात्रा के नियम, छात्राओं-महिलाओं को हो रही दिक्कत; पिंक टिकट की मांग उठी

नई दिल्ली
दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं का फ्री सफर अब नए दौर में पहुंच चुका है। महिला यात्रियों के हाथ में अब गुलाबी टिकट की जगह पिंक कार्ड नजर आ रहा है। शनिवार से बसों में पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य हो गया है।

जैसे ही बस रुकती है, महिलाएं कार्ड निकाल कंडक्टर की तरफ बढ़ा रही हैं, बदले में टिकट ले रही हैं, लेकिन जिनके पास कार्ड नहीं है, वह पैसे देकर टिकट खरीदने को मजबूर हैं। ऐसा ही नजारा नेहरू प्लेस जाने वाली बस में दिखा।

मेरे पास दिल्ली का रेजिडेंस प्रूफ नहीं है। इसलिए मेरा पिंक कार्ड नहीं बन पाया। मुझे पैसे देकर सफर करना पड़ा। मेरे 90 रुपये खर्च हो गए। पिंक कार्ड की जगह पुराना पिंक टिकट ही बेहतर था, कम खर्च में महिलाएं आराम से सफर कर सकती थीं।

पिंक कार्ड के नए नियम से अनजान महिला-छात्राएं हुईं परेशान
अपनी छोटी बच्ची के साथ बस में चढ़ी एक महिला ने जब कंडक्टर से पिंक टिकट मांगा, तो उसने कहा, 'अब से सिर्फ पिंक कार्ड चलेगा।' महिला ने बताया, 'मैं कभी-कभी ही बस में सफर करती हूं, मुझे नए नियम के बारे में पता नहीं था। मुझे नेहरू प्लेस जाना है, टिकट कितने का है?' कंडक्टर ने कहा, '25 रुपये दीजिए।' महिला बोली, 'मेरे पास तो सिर्फ 15 रुपये ही हैं।' कंडक्टर ने कहा, 'कोई बात नहीं, आप टिकट ले लीजिए।' ऐसा ही हाल गाजियाबाद से आई एक छात्रा का था, जिन्हें सर्वप्रिय विहार जाना था। वह दिल्ली की रहने वाली नहीं थीं, इसलिए न तो उनके पास पिंक कार्ड था और न ही जेब में पैसे।

मैं रोज मंगलापुरी से आनंद विहार काम पर जाती हूं। आज सुबह सबसे पहले मंगलापुरी बस डिपो पर कार्ड बनवाने गई थी, लेकिन वहां काउंटर बंद मिला। जब काउंटर ही नहीं खुलेगा तो कार्ड कैसे बनेगा?

पूनम शर्मा

महिलाओं को बसों में हुई परेशानी
मैं बस से ट्यूशन जाती हूं। मुझे कार्ड बनवाना पड़ा। पहले पिंक टिकट से सफर आसान था। अब कंडक्टर को कार्ड देकर इंतजार करना पड़ता है। इससे बस में भीड़ जमा हो जाती है और धक्का-मुक्की होती है।

यात्री, तनीषा शौकीन
कार्ड एक बार स्कैन होने के बाद अपडेट में दिक्कत
मुनिरका से बस में चढ़ी एक महिला ने पहले पिंक कार्ड स्कैन करवाकर सर्वप्रिय विहार तक का टिकट लिया। बाद में उन्हें पता चला कि बस नेहरू प्लेस तक जा रही है। जब उन्होंने कंडक्टर से नेहरू प्लेस का टिकट मांगा तो मशीन में दोबारा कार्ड स्कैन करने पर टिकट नहीं निकला। कंडक्टर ने कई बार कोशिश की लेकिन मशीन ने जवाब दे दिया। इसी तरह कई महिलाएं परेशान दिखीं।

38 सेंटरों पर बन रहे हैं पिंक कार्ड
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के अधिकारियों के अनुसार, पिंक कार्ड बनवाने के लिए कुल 38 सेंटर बनाए गए हैं। ये सभी सेंटर सोमवार को बंद रहते हैं। कार्ड का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि अगर आप एक बस में सफर कर रहे हैं, तो उसमें दोबारा कार्ड टैप करने पर टिकट नहीं मिलेगी क्योंकि इसके लिए 1 घंटे का कूलिंग पीरियड तय किया गया है। हालांकि, अगर आप उस बस से उतरकर उसी रूट की किसी दूसरी बस में चढ़ते हैं, तो आपको आसानी से तुरंत टिकट मिल जाएगी। दिल्ली में अब तक 19 लाख 50 हजार से भी ज्यादा पिंक कार्ड बनाए जा चुके हैं।

 

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