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8th Pay Commission: जनवरी 2026 से लागू होंगी सिफारिशें तो DA पर भी पड़ेगा असर, जानें क्या बदलेगा

नई दिल्ली

 केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता यानी डीए में बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार है। साल की दूसरी छमाही के लिए डीए बढ़ोतरी का ऐलान इसी महीने यानी अक्टूबर में ही होने की उम्मीद है। आठवें वेतन आयोग के दौर में यह दूसरी बार होगा जब सरकार महंगाई भत्ते का ऐलान करेगी। इससे पहले अप्रैल महीने में भी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डीए को 2 पर्सेंट बढ़ाया गया था।

कब हुआ था 8वें वेतन आयोग का गठन
वैसे तो सरकार ने पिछले साल जनवरी महीने में ही आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया था लेकिन 2025 के नवंबर महीने में टर्म्स ऑफ रेफरेंस और समिति का गठन हुआ। इससे एक महीने पहले यानी अक्टूबर 2025 में सातवें वेतन आयोग के आखिरी दौर में सरकार ने डीए बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया था। बता दें कि सातवें वेतन आयोग की अवधि दिसंबर 2025 में खत्म हो गई। अब ऐसा माना जा रहा है कि सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें जब लागू करेगी तो जनवरी 2026 से ही प्रभावी होगा।

अप्रैल में पहली बार डीए का ऐलान
आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद सरकार ने अप्रैल महीने में पहली बार डीए का ऐलान किया था। यह ऐलान जनवरी से जून छमाही के लिए किया गया था। डीए में 2 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई और इसका कैल्कुलेशन सातवें वेतन आयोग के तहत ही किया गया। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता 60 पर्सेंट है।

कितनी हो सकती है बढ़ोतरी?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को फिलहाल 60 पर्सेंट की दर से डीए मिल रहा है। AICPI-IW के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर DA में 4 से 5 पर्सेंट बढ़ोतरीका अनुमान लगाया जा रहा है। अगर यह बढ़ोतरी होती है तो केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 64 पर्सेंट से 65 पर्सेंट का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। हालांकि, अंतिम डीए दर का फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। बता दें कि 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों के पूरे वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन की समीक्षा कर रहा है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। इसके आधार पर नए वेतन ढांचे में बेसिक पे में बड़ा बदलाव हो सकता है।

वहीं, डीए पर क्या फैसला होगा, इसके बारे में वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही फैसला होगा। ऐसा अनुमान है कि वेतन आयोग अपनी सिफारिशें मई या जून 2027 तक सरकार को सौंप देगा। इसके बाद सरकार इसे लागू करेगी।

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