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सचिन वाजे के पास थीं 5 लग्जरी गाड़ियां, BMW-मर्सिडीज से Land Cruiser Prado तक शामिल

 मुंबई

एंटीलिया बम केस में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत रद्द करने की NIA की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. गुरुवार को सुनवाई के दौरान अदालत में जब सचिन वाजे द्वारा इस्तेमाल की जा रही महंगी और लग्जरी गाड़ियों का ब्योरा सामने आया, तो जजों की बेंच भी हैरान रह गई। मामले की सुनवाई जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच कर रही थी. एनआईए की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह कोर्ट के सामने जांच के दौरान दर्ज किए गए गवाहों के बयान पढ़ रहे थे। 

इन बयानों में साल 2021 की एक घटना का भी जिक्र था. गवाह ने बताया कि जब वाजे को लगा कि मामला बिगड़ सकता है और एनआईए जांच में आ सकती है, तब उसने अपने साथियों के साथ अपने मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान को नष्ट करने और उन्हें मीठी नदी में फेंकने की बात कही थी। 

'काली मर्सिडीज में बैठा था वाजे'
अनिल सिंह ने एक गवाह का बयान पढ़ते हुए बताया कि वाजे ने अपने साथियों को अपने साथ आने के लिए कहा. इसके बाद सभी लोग नीचे आए और एक काली मर्सिडीज में बैठे. गवाह के मुताबिक, कार में बैठने के बाद वाजे ने फिर सभी से अपने मोबाइल फोन बंद करने को कहा। 

यह सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पूछा कि यह मर्सिडीज किसकी थी? क्या यह वाजे की अपनी कार थी? अनिल सिंह ने जवाब दिया कि हां, यह कार वाजे की थी। 

इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी वाजे के नाम पर था? बेंच ने कहा कि आमतौर पर असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को मर्सिडीज चलाते हुए देखने को नहीं मिलता। 

अनिल सिंह ने कहा कि ऐसे कई अधिकारी हैं. इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी इंस्पेक्टर जनरल के पास मर्सिडीज है? उन्होंने जवाब दिया कि हो सकता है IG के पास भी न हो, यहां तक कि कमिश्नर के पास भी न हो, लेकिन असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर के पास मर्सिडीज हो सकती है. ऐसा कोई नियम नहीं है कि कमिश्नर के पास मर्सिडीज होनी ही चाहिए। 

कोर्ट ने कहा कि यह ऐसी बात है जिस पर पुलिस कमिश्नर को भी ध्यान देना चाहिए. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि पहले यह देखना जरूरी है कि कार वास्तव में वाजे की ही थी या नहीं। 

बेंच ने कहा कि जब वर्दी में रहे किसी व्यक्ति पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप लगाया जाता है तो पूरे मामले को समझने के लिए उसकी पूरी स्थिति देखना जरूरी है. उसकी नौकरी के प्रति ईमानदारी, उसका काम, उसकी पोस्टिंग, उसने किस तरह काम किया और वर्दी में रहते हुए उसका व्यवहार कैसा रहा, इन सभी बातों को भी ध्यान में रखना होगा। 

कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच के दौरान सामने आई ऐसी चीजों को समझना जरूरी है, क्योंकि रिकॉर्ड में बार-बार वाजे के इन महंगी गाड़ियों में घूमने की बात सामने आ रही है. बेंच ने पूछा कि आखिर ये गाड़ियां किसकी थीं और वाजे इनका इस्तेमाल क्यों कर रहा था। 

CM के घर भी महंगी कार से जाता था वाजे
कोर्ट के सामने रखे गए कई बयानों में बताया गया कि वाजे अपनी महंगी मर्सिडीज से पुलिस कमिश्नर के ऑफिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 'वर्षा' भी जाता था. सुनवाई के दौरान अनिल सिंह ने यह भी बताया कि वाजे दक्षिण मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में करीब 100 दिनों तक रहा था। 

इस पर कोर्ट ने पूछा कि वह वहां इतने लंबे समय तक कैसे रह रहा था. बेंच ने यह भी पूछा कि उस समय वाजे की महीने की सैलरी कितनी थी. अनिल सिंह ने बताया कि फिलहाल उसकी सैलरी करीब 90 हजार रुपये महीना है। 

BMW से लेकर लैंड क्रूजर तक, पांच महंगी गाड़ियां
सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने वाजे के पास इस्तेमाल की गई पांच गाड़ियों की लिस्ट भी रखी गई. इसमें सफेद BMW, काली Volvo, सफेद Mercedes, सफेद Toyota Land Cruiser Prado और  काली Mercedes शामिल हैं. लिस्ट देखने के बाद कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा, 'इसके पास 5 कारें हैं!

अनिल सिंह ने बताया कि जांच के दौरान उन कार डीलरों के बयान भी दर्ज किए गए थे, जिन्होंने वाजे को ये गाड़ियां बेची थीं. इन गाड़ियों और उनके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी जांच में सामने आई थी। 

वाजे पर वसूली का भी मामला
सचिन वाजे पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के साथ कथित वसूली के मामले में भी सीबीआई ने केस दर्ज किया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब जांच एजेंसी पूरे मामले को वसूली से जोड़ रही है तो वाजे की महंगी गाड़ियों, होटल में रहने और दूसरे खर्चों से जुड़ी जानकारी भी मामले को समझने के लिए अहम हो सकती है. सीबीआई के मामले में विशेष अदालत ने बाद में वाजे को सरकारी गवाह बनने के लिए माफी दे दी थी. हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वह अब भी आरोपी है। 

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