लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव, भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल और बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के अयोध्या पहुंचकर भी रामलला के दर्शन नहीं करने पर सवाल उठाए।
‘अयोध्या गए थे तो रामलला के दर्शन कर लेते’
राज्य मंत्री गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या गए थे तो उन्हें प्रभु श्रीराम के दर्शन भी करने चाहिए थे। गिरीश यादव ने कहा कि यदि अखिलेश यादव को भगवान राम से प्रेम है तो उन्हें राम मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए था। साथ ही, यह कहने का साहस भी दिखाना चाहिए था कि उन्हें राम मंदिर बनने से खुशी हुई है।
‘धार्मिक मंच से भी राजनीतिक पाठ’
भाजपा सांसद और पूर्व DGP बृजलाल ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व सपा विधायक पवन पांडेय द्वारा आयोजित भागवत कथा के धार्मिक मंच से भी अखिलेश यादव ने राजनीतिक संदेश दिया। ये कथा का अपमान है।
बृजलाल ने अयोध्या की 1990 की घटनाओं और मथुरा के जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के कई सांसद अखिलेश यादव के परिवार से हैं और उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान बड़ी संख्या में लाल बत्तियां उनके परिवार के आसपास थीं।
उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में समानता की बात करते हैं तो घोषणा करें कि सत्ता में आने पर अपने परिवार के अलावा किसी अन्य यादव, मुस्लिम या दलित को मुख्यमंत्री बनाएंगे।
‘रामलला का मंदिर आस्था का केंद्र’
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या सप्तपुरियों में से एक है, लेकिन अखिलेश यादव ने सत्ता में रहते हुए इसे भुला दिया था। राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के यदुवंशी होने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं तो उन्हें मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि के लिए भी प्रयास करना चाहिए।
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की नाराजगी के डर से अखिलेश यादव न रामलला के दर्शन कर रहे हैं और न ही कृष्ण जन्मभूमि पर अपना रुख स्पष्ट कर रहे हैं।





