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मैरी कॉम के खिलाफ दिल्ली की अदालत पहुंचा पूर्व पति, आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज

  नई दिल्ली
ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज मैरी कॉम के पूर्व पति करोंग ओंखोलर ने इस साल की शुरुआत में एक टेलीविजन साक्षात्कार में उनके खिलाफ कथित तौर पर झूठी और मानहानिकारक टिप्पणियां करने के आरोप में दिल्ली की एक अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है. छह अक्टूबर को दायर यह शिकायत समन जारी करने से पहले साक्ष्य दर्ज करने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवम गुप्ता की अदालत में लंबित है. अदालत में इस मामले पर 19 नवंबर को सुनवाई होनी है.

समन जारी करने से पहले साक्ष्य (पीएसई) का मतलब निजी आपराधिक शिकायत के मामले में आरोपी को समन जारी करने का फैसला लेने से पहले मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए जाने वाले प्रारंभिक मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य से है. ओंखोलर ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2023 में उनकी शादी टूटने के बाद मैरी कॉम ने इस साल 11 जनवरी को प्रसारित एक टेलीविजन साक्षात्कार में ये टिप्पणियां की थीं.

शिकायत के अनुसार, मैरी कॉम ने कथित तौर पर उन पर धोखा देने और उन्हें छोड़ने का आरोप लगाया था. उन्होंने यह भी दावा किया था कि ओंखोलर का कोई सफल करियर नहीं है और वह उनकी कमाई पर निर्भर थे.

शिकायतकर्ता ने दलील दी है कि इन बयानों से यह गलत धारणा बनी कि उनकी अपनी कोई स्वतंत्र पेशेवर पहचान नहीं थी और उन्हें मुक्केबाज मैरी कॉम से शादी करने के कारण आर्थिक लाभ हुआ था.

शिकायत में उन आरोपों पर भी आपत्ति जताई गई है कि ओंखोलर ने मैरी कॉम के बैंक खातों से बिना अनुमति पैसे निकाले, उनके नाम पर कर्ज लिया और बच्चों के पालन-पोषण में योगदान नहीं दिया.

इसमें उन कथित टिप्पणियों का भी जिक्र है, जिनमें उन्हें ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया गया था, जो कोई काम नहीं करता था और आर्थिक रूप से मैरी कॉम पर निर्भर था.

शिकायत के अनुसार, दोनों की शादी 12 मार्च 2005 को हुई थी और वे फरीदाबाद में साथ रहते थे. 20 दिसंबर 2023 को पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत उनका वैवाहिक संबंध समाप्त हो गया.

यह शिकायत अधिवक्ता आकाश कृष्ण और प्रगति शर्मा के माध्यम से दायर की गई है. ओंखोलर ने अदालत से कथित अपराध का संज्ञान लेने, समन जारी करने से पहले उनके साक्ष्य दर्ज करने और पर्याप्त आधार मिलने पर मैरी कॉम को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी करने का अनुरोध किया है.

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