मानसा.
मानसा से चर्चा में आए परविंदर झोटा हत्याकांड में पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी और मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार के बाद अब उसकी पत्नी नीलम रानी का नाम भी नामजद कर दिया गया है।
नीलम के अलावा अश्विनी के दो अन्य एसोसिएट लाडी बरनाला और विपिन गर्ग का नाम भी FIR में जोड़ दिया गया है। पुलिस अब इन सभी की भूमिका की भी गहराई से छानबीन कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब आरोपी अश्विनी कुमार ने केमस्टि शॉप के अंदर परविंदर झोटा पर गोली चलाई थी, उस दौरान वह अपने मोबाइल फोन पर किसी व्यक्ति से लगातार बातचीत कर रहा था। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के वक्त आरोपी की बात किससे हो रही थी।
डीआईजी ने वारदात के बारे में जानकारी दी –
झोटा की हत्या के बारे में बात करते हुए बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने कहा, "शुरुआती जांच में पता चला है कि अश्वनी नामक एक दवा दुकान के मालिक ने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाई. परविंदर सिंह मानसा में नशा-विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे थे." अभियुक्त को पकड़ने के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की थीं. बीबीसी संवाददाता चरणजीव कौशल ने बताया कि फोरेंसिक टीमें भी घटनास्थल की जांच कर रही हैं. इस बीच, मानसा में डीसी दफ़्तर के बाहर हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. प्रदर्शनकारी हत्या के सभी अभियुक्तों की गिरफ़्तारी, मामले में कड़ी कार्रवाई और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं.





