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चंडीगढ़ में चुनाव से पहले धड़ाधड़ उद्घाटन पर विवाद, SIA ने उठाई रोक लगाने की मांग

चंडीगढ़.

नगर निगम चुनाव नजदीक आते ही शहर में विकास कार्यों के धड़ाधड़ उद्घाटन और शिलान्यास हो रहे हैं। इस बीच सेकंड इनिंग्स एसोसिएशन (एसआईए) ने सार्वजनिक धन से करवाए जा रहे विकास कार्यों के उद्घाटन के नाम पर राजनीतिक प्रचार किए जाने पर चिंता जताई है।

एसआईए ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि चुनाव से पहले अनधिकृत उद्घाटनों और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से आयोजित प्रचार कार्यक्रमों पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। एसआईए के प्रतिनिधियों का कहना है कि पार्षदों और संभावित उम्मीदवारों को अपने काम और उपलब्धियों को जनता के सामने रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों को किसी व्यक्ति, परिवार या राजनीतिक दल की निजी उपलब्धि के रूप में पेश करना उचित नहीं है।

प्रशासनिक निष्पक्षता पर उठते हैं सवाल
ये परियोजनाएं जनता के पैसे से तैयार होती हैं और इनका लाभ भी जनता को ही मिलता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि या संभावित उम्मीदवार नगर निगम की अनुमति के बिना किसी सार्वजनिक परियोजना का उद्घाटन करता है या निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करता है तो यह प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। चुनाव से ठीक पहले ऐसे कार्यक्रमों के जरिये राजनीतिक लाभ लेने की संभावना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। एसोसिएशन ने मांग की कि सार्वजनिक परियोजनाओं का उद्घाटन केवल सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी और नियमों के अनुसार ही किया जाए। पार्षदों, उनके परिवार के सदस्यों और संभावित उम्मीदवारों को सरकारी कार्यक्रमों या सार्वजनिक विकास कार्यों का इस्तेमाल व्यक्तिगत प्रचार और चुनावी लाभ के लिए करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।

विकास कार्यों को चुनावी उपलब्धि प्रस्तुत न करें
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि एसोसिएशन की मांग किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक धन के सम्मान, प्रशासनिक निष्पक्षता और चुनाव से पहले सभी उम्मीदवारों को समान अवसर सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता के हैं और उन्हें किसी की व्यक्तिगत या चुनावी उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

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