samacharsecretary.com

8th CPC Salary Hike: ₹18,000 की बेसिक सैलरी ₹69,000 होने की चर्चा, जानें 140% का हिसाब

 नई दिल्ली

केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर चर्चा तेज है. इस बीच कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग ने सबका ध्यान खींचा है. इस मांग के आधार पर लेवल-1 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 69,000 रुपये होने का दावा किया जा रहा है। 

इसी कैलकुलेशन से करीब 140% बढ़ोतरी का आंकड़ा भी सामने आ रहा है. लेकिन सवाल है कि जब 7वें वेतन आयोग में वास्तविक वेतन बढ़ोतरी करीब 14.3% रही थी, तो इस बार 140% का दावा कैसे किया जा रहा है? क्या कर्मचारियों की सैलरी वाकई इतनी बढ़ने वाली है, या इस आंकड़े के पीछे कोई अलग कैलकुलेशन है? आइए, आसान भाषा में समझते हैं। 

3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग क्या है?

फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर (गुणक)है, जिसका इस्तेमाल पुरानी सैलरी को नए सैलरी स्ट्रक्चर में बदलने के लिए किया जाता है. 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. अब 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है. इस मांग के आधार पर लेवल-1 के कर्मचारियों की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये को 3.833 से गुणा किया जाता है। 

18,000 रुपये × 3.833 = 68,994 रुपये
यानी इस गणना के मुताबिक नई बेसिक सैलरी करीब 69,000 रुपये बैठती है. ध्यान रहे, यह कर्मचारी संगठनों की मांग पर आधारित अनुमान है. सरकार ने न तो इस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दी है और न ही 69,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी तय की है। 

140% हाइक का आंकड़ा कहां से आया?
इस आंकड़े को समझने के लिए मौजूदा बेसिक सैलरी के साथ महंगाई भत्ता (DA) भी जोड़कर देखना होगा. मौजूदा लेवल-1 कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और सरकार फिलहाल 60% की दर से महंगाई भत्ता दे रही है. इस हिसाब से उसका डीए 18,000×60/100 = 10,800 रुपये होगा. बेसिक सैलरी + डीए मिलाकर: 28,800 रुपये बैठते हैं। 

3.833 फिटमेंट फैक्टर पर प्रस्तावित नई बेसिक सैलरी 18,000 x 3.83 = 68940 यानी करीब 69,000 रुपये होगी. अब 69,000 रुपये की प्रस्तावित बेसिक सैलरी की तुलना मौजूदा बेसिक और डीए के कुल 28,800 रुपये से करें. दोनों के बीच अंतर करीब 40,200 रुपये है. बढ़ोतरी का प्रतिशत निकालने के लिए 40,200 के अंतर को मौजूदा 28,800 से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है। 

(69,000 − 28,800) ÷ 28,800 × 100 = करीब 139.6%
यानी इस गणना में प्रस्तावित नई बेसिक सैलरी, मौजूदा बेसिक और डीए के कुल जोड़ से करीब 140% ज्यादा बैठती है. यही वह गणित है, जिसके आधार पर 140% बढ़ोतरी का आंकड़ा चर्चा में है. लेकिन यहां एक अहम बात समझना जरूरी है. यह तुलना मौजूदा बेसिक सैलरी और डीए के कुल जोड़ से प्रस्तावित नई बेसिक सैलरी की है. इसे सीधे यह कहना कि कर्मचारियों की कुल सैलरी या हाथ में आने वाला वेतन 140% बढ़ जाएगा, सही नहीं होगा। 

7वें वेतन आयोग से तुलना सही है या गलत?
7वें वेतन आयोग के दौरान वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी करीब 14.3% हुई थी. इसकी तुलना में 8वें वेतन आयोग के लिए 140% बढ़ोतरी का आंकड़ा पहली नजर में बहुत बड़ा लगता है. इस अंतर को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि दोनों आंकड़ों का आधार एक जैसा है या नहीं. 140% वाला आंकड़ा कर्मचारी संगठनों की ओर से मांगे गए 3.833 फिटमेंट फैक्टर और मौजूदा बेसिक के साथ 60% डीए जोड़कर की गई गणना से निकलता है। 

दूसरी ओर, 7वें वेतन आयोग की करीब 14.3% बढ़ोतरी का आंकड़ा उस वेतन आयोग के तहत हुई वास्तविक वेतन वृद्धि को दर्शाता है. इसलिए इन दोनों प्रतिशतों की सीधे तुलना करते समय सावधानी जरूरी है. एक तरफ कर्मचारी संगठनों की मांग पर आधारित अनुमान है, तो दूसरी तरफ पिछले वेतन आयोग में लागू वेतन ढांचे से जुड़ा आंकड़ा. दोनों का आधार और गणना का तरीका समान हुए बिना इन्हें एक जैसी बढ़ोतरी मानना भ्रामक हो सकता है। 

कर्मचारियों की सैलरी सचमुच 140% बढ़ेगी?
फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी. 3.833 फिटमेंट फैक्टर और करीब 69,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी कर्मचारी संगठनों की मांग पर आधारित अनुमान हैं, सरकार का मंजूर फैसला नहीं. नई वेतन व्यवस्था में मौजूदा महंगाई भत्ते को किस तरह समायोजित किया जाएगा, नए वेतनमान क्या होंगे और दूसरे भत्तों पर इसका क्या असर पड़ेगा- इन सबका अंतिम हिसाब आधिकारिक नियमों के बाद ही स्पष्ट होगा। 

इसके अलावा, बेसिक सैलरी में बदलाव और कर्मचारी के हाथ में आने वाली कुल रकम में बदलाव एक ही बात नहीं है. 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने और सरकार के उन पर फैसला लेने के बाद ही यह पता चलेगा कि न्यूनतम वेतन कितना तय होता है और कर्मचारियों की सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी. फिलहाल 140% बढ़ोतरी को तय वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग पर आधारित एक गणितीय अनुमान समझना चाहिए। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here