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पंजाब में जनगणना के दौरान जाति, शादी और बैंक खाते से जुड़े सवाल, ठिकाना बदलने की वजह भी पूछेंगे

चंडीगढ़ 

पंजाब में जनगणना का दूसरा फेज अगले महीने से शुरू होगा। 16 से 30 नवंबर तक लोग घर बैठे ऑनलाइन जनगणना की जानकारी भर सकेंगे। जनगणना में जाति, शादी, धर्म और बैंक खातों से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। कुल 40 सवालों में ठिकाना बदलने और कोराना का टीका लगाने के बारे में भी पूछा जायेगा। 

खास बात ये भी है कि देश में पहली बार डिजिटल साक्षरता के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। जिसमें पूछा जाएगा कि आपको मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट चलाना आता है या नहीं। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक कर्मचारी घर-घर जाकर जनगणना करेंगे। इसके लिए पंजाब में अफसरों ने तैयारी शुरू कर दी है। इसे पंजाब में 2027 में होने वाले चुनाव से पहले पूरा करने का टारगेट रखा गया है।

3 चरणों में होगी जनगणना फाइनल

1. ऑनलाइन- लोग घर बैठे जवाब भरेंगे, रेफरेंस नंबर दिखाना होगा लोग जनगणना की वेबसाइट se.census.gov.in पर जाकर ऑनलाइन जानकारी भर सकते हैं। सभी 40 सवालों का जवाब देने के बाद जनगणना पूरी हो जाएगी। फॉर्म जमा होने के बाद एक यूनिक रेफरेंस नंबर मिलेगा। जब जनगणना कर्मचारी वेरिफिकेशन के लिए घर आएंगे, तो केवल वह रेफरेंस नंबर दिखाकर काम तुरंत पूरा हो जाएगा।

2.ऑफलाइन- कर्मचारी घर आएंगे, 40 सवाल पूछेंगे जो लोग ऑफ लाइन जनगणना करवाना चाहते हैं उनके घर 1 दिसंबर से सरकारी कर्मचारी आएंगे और उनसे सभी 40 सवालों के जवाब पूछेंगे। लोगों को इन 40 सवालों के जवाब जनगणना कर्मचारी को देने होंगे। यह प्रक्रिया 4 जनवरी 2027 तक चलेगी।

3. संशोधन- गलतियां सुधार सकेंगे ऑनलाइन व ऑफ लाइन फार्म जमा होने के बाद 5 जनवरी 2027 से 9 जनवरी तक छूटे हुए लोगों व जनगणना की गलतियों को सुधारने का मौका रहेगा। इसी दौरान जनगणना कर्मी डेटा की जांच करेंगे और गलतियों को दूर करेंगे।

ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया जानिए…

    पोर्टल पर जाएं: जनगणना के आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in खोलें। यह विंडो 16 नवंबर से 30 नवंबर तक खुली रहेगी। इसी पीरियड में लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
    राज्य चुनें: पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए 'State/UT' के ड्रॉपडाउन मेन्यू में Punjab चुनें और स्क्रीन पर दिख रहा CAPTCHA दर्ज करें। उसके बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
    रजिस्ट्रेशन: परिवार के मुखिया का नाम और एक सक्रिय मोबाइल नंबर डालें। यह मोबाइल नंबर एक परिवार के लिए केवल एक ही मोबाइल नंबर मान्य होगा। जो मोबाइल नंबर भरेंगे उसी पर ओटीपी आएगा और उसके बाद ही प्रक्रिया शुरू होगी। मुखिया का नाम फार्म सब्मिट होने के बाद बदला नहीं जाएगा।
    घर का पता एवं लोकेशन दर्ज करें: ऑनलाइन आवेदन भरते समय अपना जिला, शहर/गांव, मोहल्ला, लैंडमार्क और पिन कोड भरें। डिजिटल मैप पर अपने मकान की सटीक लोकेशन मार्क करें। इसके लिए लैपटॉप/कंप्यूटर का उपयोग करना अधिक सुविधाजनक रहेगा।
    फार्म भरते समय दें सही जानकारी: ऑनलाइन व ऑफ लाइन भरते समय लोगों की सही जानकारी दें ताकि आवेदन फार्म में सही जानकारी उपलब्ध करवाई जा सके।
    फॉर्म सबमिट करें और SE ID संभालें: ऑनलाइन फार्म भरते समय सही तथ्यों की जानकारी दें। फार्म कंप्लीट होने के बाद एक बार चेक करें। चेक करने के बाद ही फार्म को सब्मिट करें। उसके बाद एक आईडी स्क्रीन पर शो होगी और उसके संभालकर रखें। 1 दिसंबर के बाद जब कर्मचारी आपके पास आएंगे तो उन्हें यह आईडी बतानी होगी।

डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता जनगणना कानून, 1948 के तहत इकट्ठा की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह से गुप्त (कॉन्फिडेंशियल) रखी जाएंगी। जनगणना अधिकारियों द्वारा जुटाई गई व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी आंकड़े तैयार करने और योजनाएं बनाने के लिए ही किया जाएगा।

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