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PGI के नाम का अनधिकृत इस्तेमाल पड़ेगा भारी, डॉक्टरों पर हो सकती है कार्रवाई

चंडीगढ़.

डाॅक्टर साहब इंटरनेट मीडिया पर पीजीआई के नाम या लोगो के साथ कुछ भी पोस्ट करने से पहले सावधान हो जाएं, नहीं तो कार्रवाई हो सकती है। संस्थान के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालने वालों के लिए नियम सख्त करने की तैयारी है।

एम्स की तर्ज पर पीजीआई में भी इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश लागू किए जाने हैं। इसके लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही प्रस्तावित नियमों को लागू करने पर फैसला होगा। प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के तहत संस्थान के नाम और लोगो का इस्तेमाल करने के लिए लिखित अनुमति लेनी होगी। यह व्यवस्था छात्रों, रेजिडेंट डाक्टरों, कर्मचारियों और छात्र संगठनों पर भी लागू करने की तैयारी है।

मरीजों की निजता का विशेष महत्व
इसका उद्देश्य संस्थान की पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल को रोकना और इंटरनेट मीडिया पर पीजीआई के नाम से साझा की जाने वाली सामग्री को व्यवस्थित करना है। प्रस्तावित नियमों में मरीजों की निजता को विशेष महत्व दिया गया है। मरीजों की फोटो, व्यक्तिगत जानकारी और उनके इलाज से जुड़े केस का ब्योरा इंटरनेट मीडिया पर साझा करने की अनुमति नहीं होगी। संस्थान में इलाज कराने आने वाले मरीजों की पहचान और उनकी चिकित्सा संबंधी जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने के लिए यह प्रावधान अहम माना जा रहा है। संस्थान से जुड़े लोगों को इंटरनेट मीडिया पर किसी भी मरीज की जानकारी साझा करने से पहले नियमों का ध्यान रखना होगा।

12 घंटे में हटानी होगी विवादित पोस्ट
प्रस्तावित व्यवस्था में नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रविधान भी किया गया है। संबंधित व्यक्ति को नोटिस मिलने के 12 घंटे के भीतर आपत्तिजनक या नियमों का उल्लंघन करने वाली पोस्ट हटानी होगी। इसके अलावा चेतावनी देने से लेकर छात्र संगठन की मान्यता रद करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इन प्रविधानों को लागू करने से पहले कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।

कमेटी की रिपोर्ट के बाद लागू होंगे नियम
पीजीआई में इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल प्रस्तावित नियमों को लागू नहीं किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर संस्थान प्रशासन इन प्रविधानों पर निर्णय लेगा। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि इंटरनेट मीडिया पर संस्थान के नाम, लोगो और मरीजों से जुड़ी जानकारी के इस्तेमाल को लेकर अंतिम नियम क्या होंगे।

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