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हरियाणा का 15 करोड़ का ‘विधायक’ बना चर्चा का विषय, खुराक में खाता है काजू-बादाम

माछरौली/पानीपत.

कृषि एवं पशुपालन मेले में इस बार पानीपत के गांव डिडवाड़ी निवासी प्रगतिशील पशुपालक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित नरेंद्र सिंह के पशुओं ने धूम मचा दी है। हसनपुर में आयोजित कृषि मेले में जब नरेंद्र सिंह अपने प्रसिद्ध पशुओं के साथ पहुंचे, तो हर कोई उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ा। मेले में उनके 15 करोड़ की कीमत वाले मुर्रा झोटे 'विधायक' ने मुख्य आकर्षण का केंद्र बनकर एक बार फिर सबको हैरान कर दिया

15 करोड़ की कीमत वाला 'विधायक' और विशेष नाम वाले पशु
नरेंद्र सिंह पिछले 30 वर्षों से पशुपालन और नस्ल सुधार के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनकी तीन दशकों की कड़ी मेहनत और पशुधन संरक्षण के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान के चलते उन्हें अनगिनत स्टेट और नेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं। उनकी इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा उन्हें देश के प्रतिष्ठित ''पद्म श्री'' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। हसनपुर के कृषि मेले में पहुंचे नरेंद्र सिंह का यह सफर और उनके असाधारण पशु आज पूरे प्रदेश के पशुपालकों के लिए प्रेरणा का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। जबकि, मेले में पहुंचे उनके फार्म के पशुओं की विशेषताएं भी खास है।

'विधायक' मुर्रा झोटा
साढ़े 5 वर्ष की आयु तक यह झोटा अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में 23 बार प्रथम आ चुका है। इस झोटे की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है। इससे पहले कुरुक्षेत्र में लगे पशु मेले में भी इसने चैंपियन का खिताब जीता था। प्रतियोगिता के समय इसकी डाइट में काजू-बादाम भी शामिल किए जाते हैं।

'मंत्री' और 'सांसद' भी मौजूद हैं
साधारण खान-पान: इन सभी दिग्गजों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन्हें कोई विशेष या महंगा भोजन नहीं दिया जाता, बल्कि ये आम पशुओं वाला सामान्य खान-पान ही करते हैं।

'पल्सर' और 'केसरी' ने भी मोहा मन –
1. पल्सर भैंस: यह मुर्रा नस्ल की भैंस प्रतिदिन 25 किलो दूध देने की क्षमता रखती है।
2. हरियाणा केसरी: देशी हरियाणा नस्ल का एक बेहतरीन सांड।
3. भारत केसरी: साहीवाल नस्ल का एक उत्कृष्ट सांड।

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