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Census 2027: महिलाओं को बतानी होगी बच्चों की संख्या, जानें किन 3 सवालों के जवाब देना जरूरी

कानपुर
 जनगणना को लेकर प्रगणकों के पहले बैच को दी जा रही ट्रेनिंग शुक्रवार को खत्म हो गई। आखिरी दिन ट्रेनिंग में जो मुद्दा उठा उसने प्रगणकों को कई तरह के सवाल करने पर विवश कर दिया। दरअसल, जनगणना के 40 सवालों में तीन सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब घर की महिलाओं को ही देना है। ये तीनों सवाल फर्टिलिटी से जुड़े हुए हैं। इस पर फील्ड ट्रेनर ने प्रगणकों को बताया कि यदि कोई महिला सामने आने से इनकार करती है या अन्य सदस्य उन्हें सामने नहीं आने देते हैं तो विवाद नहीं करना है।

ऐसी स्थिति में जानकारी देने वाले व्यक्ति की सूचना को दर्ज कर लेना है और सूचना न दे तो फार्म में जानकारी देने से मना किया अंकित किया जाएगा। फील्ड ट्रेनर श्रवण जायसवाल ने बताया कि मर्चेंट चैंबर्स में 30 से 40 तक के सवालों के बारे में प्रगणकों को जानकारी दी गई। सवाल नंबर 31 से 33 तक घर की महिलाओं को जवाब देने की बात बताई गई।

कौन-कौन से हैं सवाल?
सवाल 31: वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या। इसमें महिला को जन्मे बच्चों की संख्या बतानी होगी। अगर महिला ने दो शादियां की हैं तो पहले पति से संतान की गिनती भी उसी महिला की संतान में की जाएगी। दूसरे पति की पहले से कोई संतान है तो उसकी गिनती महिला के संतानों में नहीं होगी।

सवाल 32: अब तक पैदा हुए बच्चों की संख्या। इसमें महिला को उन बच्चों की भी संख्या बतानी होगी, जिनकी जन्म के बाद मौत हो गई। इसमें उन बच्चों की संख्या नहीं ली जाएगी जो मृतक ही पैदा हुए थे।

सवाल 33: पिछले एक साल में जीवित बच्चों की संख्या। इसमें 4 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक में जन्म दिए गए बच्चों की संख्या ली जाएगी।

ये सवाल भी पूछे जाएंगे
40 सवालों में इस बार लिव इन का भी प्रश्न है। जनगणना में इस बार पुरुषों एवं महिलाओं की चार शादी दर्शाने का विकल्प है, जबकि लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े शादी से पहले ही दंपति माने जाएंगे। भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार किसी भी जाति धर्म के लोग चार शादी को जनगणना में दर्शा सकते हैं।

जनगणना का कार्यक्रम
26 से 28 अक्टूबर 2026 तक दो और बैच को प्रशिक्षण दिया जाएगा 1 दिसम्बर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जनगणना अभियान शुरू होगा। 4 जनवरी 2027 को बेघर लोगों की जनगणना वाला फार्म भरा जाएगा वहीं, 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे से 9 जनवरी 2027 की रात 12 बजे तक पुनरीक्षण होगा।

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