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मध्यप्रदेश में सस्ती होंगी आयुर्वेदिक दवाएं, भोपाल में शुरू होगी पहली सरकारी फार्मेसी

भोपाल
 प्रदेश की पहली सरकारी आयुर्वेदिक फार्मेसी इसी साल शुरू होने जा रही है। कलियासोत पहाड़ी स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय (स्वायत्त) आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान परिसर में अपनी खुद की आधुनिक फार्मेसी बनाई जा रही है, जिसका निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।

50 एकड़ में निर्माण
50 एकड़ के विशाल कैंपस में बन रही इस फार्मेसी में जड़ी-बूटी की प्रोसेसिंग, क्वॉलिटी टेस्टिंग और स्टोरेज की पूरी सुविधा होगी। यहां कच्ची जड़ी-बूटियों से लेकर तैयार दवा तक हर स्तर पर जांच होगी, ताकि मरीजों को शुद्ध, सुरक्षित और असरदार दवा मिल सके।

अभी तक सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों को दवाओं के लिए बाहरी कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब यह तस्वीर बदल जाएगी।

मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
इसका सीधा फायदा अस्पताल में भर्ती मरीजों को होगा। उन्हें बाजार से काफी सस्ती दर पर सीधे दवा मिलेगी। अनुमान है कि कई दवाएं बाजार से आधी कीमत पर मिलेंगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों का इलाज का खर्च काफी कम हो जाएगा और उन्हें दवा के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ेगा।

पूरे प्रदेश में होगी सप्लाई
सिर्फ भोपाल ही नहीं, इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा। यहां से प्रदेश के सभी सरकारी आयुर्वेद केंद्रों, डिस्पेंसरी और अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई होगी। इससे दूर-दराज के केंद्रों में भी दवा की कमी नहीं रहेगी और मरीजों को समय पर दवा मिल पाएगी।

शुद्धता की होगी पुख्ता जांच
फार्मेसी में पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक मशीनों का भी इस्तेमाल होगा। जड़ी-बूटियों को सुखाने, कूटने, पीसने और पैक करने की व्यवस्था वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। क्वालिटी टेस्टिंग लैब में हर बैच की जांच के बाद ही दवा आगे भेजी जाएगी।

इससे मिलावटी और नकली दवा का खतरा खत्म होगा। इसके साथ ही यहां छात्रों को भी प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। आयुर्वेद के विद्यार्थी फार्मेसी में दवा बनाने की पूरी प्रक्रिया को करीब से देख और सीख सकेंगे।

    फार्मेसी का निर्माण अंतिम चरण में है और इसी साल इसे शुरू कर दिया जाएगा। अब तक हमें दवाओं के लिए बाहर से महंगी दवा खरीदनी पड़ती थी, लेकिन अब हम अपनी फार्मेसी में ही शुद्ध और सस्ती दवा बनाएंगे। मरीजों को आधी कीमत पर दवा मिलेगी और प्रदेश के सभी सरकारी आयुर्वेद केंद्रों को यहीं से सप्लाई होगी। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय (स्वायत्त) आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान।

 

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