पटना
अंतिम आंकड़ों में पटना (स्नातक) सीट पर पड़े वोटों में 21.37% की वृद्धि हो गई। मतदान में सर्वाधिक वृद्धि इसी सीट पर दर्ज हुई है, जो इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रही है। अब यहां के परिणाम की प्रतीक्षा है।
बहरहाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने विधान परिषद में स्नातक और शिक्षक कोटे की आठ सीटों पर हुए मतदान के अंतिम आंकड़े शनिवार दोपहर सार्वजनिक कर दिए।
स्नातक क्षेत्रों में औसत 53.42% और शिक्षक क्षेत्रों में 82.85% मतदान दर्ज किया गया है। अंतिम आंकड़ों में इन दोनों श्रेणी की सीटों पर पड़े मतों में क्रमश: 9.55% और 8.30% की वृद्धि दर्ज की गई।
शुक्रवार अपराह्न चार बजे तक शिक्षक कोटे की सीटों पर 74.55% और स्नातक कोटे की सीटों पर 43.87% मतदान की सूचना थी।
कुल आठ सीटों पर शुक्रवार (23 अक्टूबर) को मतदान हुआ था। मतदान में शिक्षकों ने स्नातक वालों को काफी पीछे छोड़ दिया। शिक्षक कोटे की चार सीटों पर मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया, जबकि स्नातक कोटे की चार सीटों पर उदासीनता रही।
कुल 150 प्रत्याशियों (स्नातक कोटे में 90 और शिक्षक कोटे में 60) का भाग्य मतपेटियों में बंद हो चुका है। मतगणना के बाद 27 अक्टूबर को देर रात परिणाम की घोषणा के साथ आशा-निराशा के बादल भी छंट जाएंगे।
पटना में बदला आंकड़ा
स्नातक की तरह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मतदान प्रतिशत में सर्वाधिक बदलाव पटना सीट पर हुआ है। शुक्रवार अपराह्न चार बजे मतदान के आंकड़े जारी करते हुए सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया था कि अंतिम मतदान प्रतिशत बाद में जारी किया जाएगा और उसमें परिर्वतन स्वाभाविक है।
कारण यह कि चार बजे तक मतदान का समय निर्धारित था। तब तक बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतार थी, जो देर शाम तक मतदान किए। प्रारंभिक आंकड़ों में उनकी गणना नहीं हुई थी।
अंतिम आंकड़े बता रहे कि सारण (शिक्षक) क्षेत्र में सर्वाधिक (89.05%) वोटिंग हुई है। तिरहुत (स्नातक) क्षेत्र में सबसे कम (48.51%) मतदान हुआ है।





