samacharsecretary.com

एक महिला के तीन पासपोर्ट मिलने से मचा हड़कंप, मोगा पुलिस ने दर्ज किया मामला

मोगा.

विदेश जाने और फिलीपींस की राजधानी मनीला में रहने के लिए कथित तौर पर अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर तीन पासपोर्ट बनवाने के मामले में मोगा पुलिस ने एक महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई महिला के पति की शिकायत पर की गई जांच के बाद की है।

जांच में पासपोर्ट बनवाने के लिए गलत जानकारी और दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। थाना निहाल सिंह वाला के एसएचओ रणजीत सिंह ने बताया कि रणसींह कलां निवासी कुलवीर सिंह पुत्र सुखदेव सिंह ने छह फरवरी 2025 को पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत की जांच वरिष्ठ पुलिस कप्तान के आदेश पर डीएसपी (इन्वेस्टिगेशन), मोगा द्वारा की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

विदेश में हुआ था विवाह
शिकायतकर्ता कुलवीर सिंह के अनुसार, उसका विवाह जसप्रीत कौर पुत्री बलजीत सिंह निवासी पत्ती गंडुआ, गांव समाध भाई, जिला मोगा के साथ वर्ष 2013 में फिलीपींस में हुआ था। जांच में सामने आया कि जसप्रीत कौर का पहला पासपोर्ट शादी से पहले जारी हुआ था, जिसकी वैधता 10 जुलाई 2012 से 9 जुलाई 2022 तक थी। इस पासपोर्ट में दर्ज जन्मतिथि स्कूल प्रमाणपत्र के रिकॉर्ड के अनुरूप पाई गई।

शादी के बाद बनवाया तीसरा पासपोर्ट
इसके बाद महिला ने शादी के बाद दूसरा पासपोर्ट बनवाया, जो 13 दिसंबर 2019 से 12 दिसंबर 2029 तक वैध है। इसमें उसकी डेट ऑफ बर्थ (DOB) 27 जुलाई 1991 दर्ज थी। इसके अलावा तीसरा पासपोर्ट भी बनवाया गया, जिसकी वैधता 21 सितंबर 2021 से 20 सितंबर 2031 तक है। वहीं, मनीला से जारी दस्तावेजों में उसकी DOB 2 अक्टूबर 1999 दर्ज मिली।

पुलिस ने पासपोर्ट एक्ट के तहत मामा दर्ज किया
जांच अधिकारी के समक्ष पेश किए गए वास्तविक रिकॉर्ड के अनुसार, जसप्रीत कौर की जन्मतिथि 7 अप्रैल 1995 पाई गई। पुलिस जांच में आरोप है कि महिला ने पासपोर्ट विभाग को गलत जानकारी देकर और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग पासपोर्ट हासिल किए। पुलिस ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी जसप्रीत कौर के खिलाफ पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 12 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी महिला विदेश में होने के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here