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प्रलेस मप्र के अध्यक्ष बने डहेरिया, अनिल करमेले महासचिव

प्रलेस मप्र के अध्यक्ष बने डहेरिया, अनिल करमेले महासचिव

भोपाल
 प्रगतिशील लेखक संघ मध्य प्रदेश का 14वां राज्य सम्मेलन वैचारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रख्यात भाषाविद जीएन देवी, लेखक एवं अनुवादक जितेंद्र भाटिया, कवि-कथाकार कुमार अंबुज और उपन्यासकार रणेंद्र सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 150 से अधिक साहित्यकारों ने भाग लिया।
प्रलेस मध्य प्रदेश की नई कार्यकारिणी का गठन हुआ जिसमें छिंदवाड़ा निवासी प्रख्यात कवि लेखक मोहन कुमार डहेरिया को प्रदेश अध्यक्ष और भोपाल निवासी कवि, संस्कृतिकर्मी अनिल करमेले को महासचिव निर्वाचित घोषित किया गया। अपने संबोधन में डहेरिया ने कहा कि वे प्रगतिशील लेखक संघ की गौरवशाली परंपरा को आगे ले जाने का प्रयास करेंगे। नए महासचिव करमेले ने कहा कि सामाजिक असमानता और नागरिक अधिकारों के हनन के विरोध में प्रतिरोधी साहित्य समय की जरूरत है। हमें एकजुट होकर अपनी आवाज समाज तक पहुंचाने की जरूरत है।
सम्मेलन में जनसरोकारों से संबंधित कुछ प्रस्ताव जैसे केन बेतवा नदी परियोजना के विस्थापितों के लिए न्याय, मणिपुर में शांति बहाली के साथ विस्थापितों के पुनर्वास, शिक्षण व्यवस्था को राजनीतिक दबाव से मुक्त करने, टेलीविजन पर अंधविश्वास फैलाने वाले कार्यक्रमों के विरुद्ध कार्यवाही, एस आई आर विरोधी आंदोलन के दमन के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए।
सम्मेलन में भोपाल से सुबोध श्रीवास्तव, कुमार अंबुज, शैलेंद्र शैली, अनिल करमेले, सुधीर सजल, आरती, सत्यम पांडेय, संदीप कुमार, अभिषेक अंशु, मानस भारद्वाज और माया मिश्रा आदि सदस्यों ने शिरकत की।

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