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झारखंड की राजधानी में पानी की किल्लत की चेतावनी, 31 अक्टूबर तक इन इलाकों में हो सकती है परेशानी

रांची
 राजधानी के करीब सात लाख लोगों को अगले तीन दिनों तक पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है। चक्रवात अर्णब के प्रभाव से तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जलापूर्ति प्रभावित होने की चेतावनी जारी की है।

रूक्का जलशोध संयंत्र और बूटी पंप हाउस में बिजली आपूर्ति अनियमित होने की स्थिति में 29 और 30 अक्टूबर को शहर के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसका असर 31 अक्टूबर तक रहने की आशंका है।

पेयजल एवं स्वच्छता स्वर्णरेखा शीर्षकार्य प्रमंडल, रांची के कार्यपालक अभियंता ने सार्वजनिक सूचना जारी कर शहरवासियों को पानी का समुचित भंडारण करने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चक्रवात के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर जलशोधन और पंपिंग व्यवस्था बाधित हो सकती है।

इन इलाकों में हो सकती है पानी की किल्लत
रूक्का जलशोध संयंत्र से प्रतिदिन करीब 14.52 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति होती है। यहां से पानी बूटी जलाशय और अन्य वितरण लाइनों के माध्यम से राजधानी के बड़े हिस्से में पहुंचता है।

इससे जुड़े बूटी जलापूर्ति तंत्र के प्रभावित होने पर बरियातू, मोरहाबादी, कांटाटोली, कोकर, लालपुर, बूटी मोड़, चुटिया और आसपास के इलाकों में पानी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। संबंधित जलापूर्ति क्षेत्रों में ऊंचाई पर स्थित मोहल्लों और पाइपलाइन के अंतिम छोर पर रहने वाले परिवारों को अधिक परेशानी हो सकती है।

बिजली गुल हुई तो बिगड़ेगी जलापूर्ति व्यवस्था
रूक्का जलशोध संयंत्र में पानी का शोधन करने के बाद पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न जलमीनारों और वितरण क्षेत्रों तक पानी पहुंचाया जाता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से जलशोधन और पंपिंग प्रभावित होगी।

इससे जलमीनारों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाएगा। बिजली बहाल होने के बाद भी पाइपलाइन में दबाव सामान्य होने और जलमीनारों को भरने में समय लग सकता है।

विभाग की अपील, पहले से जमा कर लें पानी
पेयजल विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पीने और घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त पानी सुरक्षित रखें। अनावश्यक पानी खर्च करने से बचें। विशेष रूप से बहुमंजिली इमारतों और नियमित पाइपलाइन जलापूर्ति पर निर्भर परिवारों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

 

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