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मोरहाबादी मैदान में जेसोवा दिवाली मेला अब 3 नवंबर तक, खरीदारी के लिए मिलेगा एक दिन अतिरिक्त

रांची
दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही राजधानी रांची में उत्सव का माहौल बनने लगा है. शहर के मोरहाबादी मैदान में झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) की ओर से पांच दिवसीय दिवाली मेले का आयोजन किया गया है. 29 अक्टूबर से शुरू हुआ यह मेला अब 3 नवंबर तक चलेगा. मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां लोगों को देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी का मौका मिल रहा है.

गुरुवार को राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया. इसके साथ ही मोरहाबादी मैदान में खरीदारी और उत्सव की रौनक देखने को मिल रही है. मेले में हस्तशिल्प, पारंपरिक कपड़ों, फैशन एक्सेसरीज और घर की सजावट से जुड़ी कई तरह की वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं. अलग-अलग राज्यों से आए कारीगरों और उद्यमियों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं.

300 से अधिक स्टॉल पर खरीदारी के कई विकल्प
दिवाली मेले में खरीदारी करने पहुंचने वाले लोगों के लिए कई तरह के उत्पाद उपलब्ध हैं. यहां पारंपरिक कपड़े, फैशन से जुड़ी वस्तुएं, हस्तशिल्प और घर सजाने के सामान के स्टॉल लगाए गए हैं. त्योहार के मौके पर घर को सजाने और उपहार देने के लिए भी लोगों को अलग-अलग विकल्प मिल रहे हैं. देश के विभिन्न हिस्सों से आए उत्पाद मेले को खास बना रहे हैं.

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल
जेसोवा की ओर से आयोजित इस मेले का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और छोटे कारोबारियों को बाजार उपलब्ध कराना है. मेले में ग्रामीण महिलाओं और महिला उद्यमियों की ओर से तैयार उत्पादों को भी जगह दी गई है. इससे उन्हें अपने हुनर और मेहनत से तैयार सामान को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है.

हस्तशिल्प और पारंपरिक कला के भी दिखेंगे रंग
मेले में केवल खरीदारी ही नहीं, बल्कि देश की विविध कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिल रही है. अलग-अलग क्षेत्रों के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. ऐसे आयोजन स्थानीय हुनर को पहचान दिलाने के साथ लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों की कला और परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनते हैं.

अब 3 नवंबर को होगा जेसोवा दिवाली मेले का समापन
मोरहाबादी मैदान में आयोजित जेसोवा दिवाली मेले का समापन अब 3 नवंबर 2026 को होगा. पहले मेले का समापन 2 नवंबर को होना था, लेकिन अब इसकी तारीख बढ़ा दी गई है. ऐसे में रांची और आसपास के लोगों को मेले में खरीदारी करने और हस्तशिल्प व स्वदेशी उत्पादों को देखने के लिए एक दिन और मिलेगा. 300 से अधिक स्टॉल के साथ यह मेला दीपावली से पहले राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है.

 

 

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