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स्वदेशी का व्यवहार, आत्मनिर्भरता का मार्ग : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल स्वदेशी मेला समापन समारोह में हुए शामिल

भोपाल
राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्वदेशी के विचार को व्यवहार में उतारना ही आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्धि का मार्ग है। इसकी सफलता के लिए हमें अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति स्वदेशी उत्पादों से करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी उत्पादों की सूची तैयार की गई है। जरूरी है कि हम अपनी आवश्यकताओं को सूची के उत्पादों से पूरा करें। स्वदेशी की भावना आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत के संकल्प का सशक्त आधार है।

राज्यपाल  पटेल बुधवार को मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित स्वदेशी मेला समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल को इस अवसर पर गाय के गोबर से बनी घड़ी भेंट की गई। समापन कार्यक्रम में सांसद  दर्शन सिंह चौधरी भी मंचासीन थे। क्षेत्रीय संयोजक  सुधीर दांते,   दीपक वर्मा एवं  रमन तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी भावना मजबूत हुई है। आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत का संकल्प साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल अभियान ने महिला सशक्तिकरण और स्वाबलंबन को नई उचाईयां दी है। उन्होंने बताया कि भ्रमण के दौरान वह महिला स्व-सहायता समूहों के साथ चर्चा करते है। महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य बालिका द्वारा प्रभावी उद्बोधन देने। एक अन्य महिला द्वारा स्कूटी खरीदने एवं पति को ट्रेक्टर खरीदवाने के प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव को गति देने का भी कार्य है। प्रारंभ में राज्यपाल  पटेल ने स्वदेशी मेला परिसर में प्रतिष्ठित भगवान गणेश की उपासना की। भारत माता, स्व. दीनदयाल उपाध्याय और दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्रों पर दीप प्रज्जवलन कर समापन समारोह का शुभारंभ किया।

उपाध्यक्ष जन अभियान परिषद पद्मश्री मोहन नागर ने कहा कि देश की आज़ादी के आंदोलन के सेनानियों ने वंदे मातरम और स्वदेशी के आधार पर आंदोलन की नीव रखी थी। मेला संयोजक सतीश विश्वकर्मा ने मेले की प्रस्तावना में बताया कि मेले का आयोजन लाभ-हानि रहित आधार पर किया गया था। प्रदेश में 30 स्वदेशी मेले लगाना मंच का लक्ष्य है। स्वदेशी जागरण मंच मध्य भारत प्रांत प्रमुख सीमा भारद्वाज ने आभार ज्ञापन किया। संचालन श्रीकांत बुधोलिया ने किया।

 

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