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ढाई महीने बाद घर लौटीं अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां, बहनों की आंखों से छलके आंसू

अलवर
अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में करीब ढाई महीने पहले बादल फटने और भूस्खलन की घटना में लापता हुए अलवर के अग्निवीर समुद्र गुर्जर (24) को गुरुवार को अंतिम विदाई दी गई। उनके पार्थिव शरीर की पहचान 3 नवंबर को डीएनए टेस्ट के जरिए हुई थी। इसके बाद परिजनों ने अरुणाचल प्रदेश पहुंचकर 3 नवंबर को उनका अंतिम संस्कार किया था। अब उनकी अस्थियां पैतृक गांव केसरपुर लाई गई हैं।

गुरुवार को अलवर के इटाराणा आर्मी कैंप से सेना के राजकीय सम्मान के साथ अस्थियों को गांव ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। रैली में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। युवा हाथों में तिरंगा लेकर और देशभक्ति के नारे लगाते हुए चले। रास्ते में जगह-जगह लोगों की भीड़ भी जुटी। गांव के लोगों के लिए यह भावुक कर देने वाला पल है।

जेसीबी से बरसाए फूल 
अग्निवीर समुद्र गुर्जर के सम्मान में केसरपुर गांव में विशेष तैयारियां की गई। गांव के मुख्य स्टैंड पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा एकत्रित हुए हैं। यहां जेसीबी मशीन के जरिए अस्थियां लेकर आने वाली रैली पर फूल बरसाकर सम्मान दिया गया। गांव में हर तरफ समुद्र को अंतिम विदाई देने के लिए लोग पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। 

परिवार का इकलौता बेटा था समुद्र
समुद्र की अस्थियां सेना के सम्मान के साथ गांव लाई गई। वह गांव का होनहार बच्चा था और परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर से पूरा गांव दुखी है। परिवार के साथ गांव के लोग भी इस घटना से भावुक हैं।

करीब ढाई महीने तक समुद्र के लापता रहने के बाद उनके पार्थिव शरीर की पहचान होने से परिवार को अंतिम संस्कार का अवसर मिला। अब गांव में उनकी अस्थियां पहुंचने पर लोग श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए हैं। सेना के सम्मान, तिरंगे और देशभक्ति के नारों के बीच गांव का हर व्यक्ति अपने वीर बेटे को अंतिम विदाई देने के लिए पंहुचा। 

अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां पैतृक गांव पहुंचने पर माहौल गमगीन हो गया। अस्थियां गांव में पहुंचते ही समुद्र की बहनें भावुक हो उठीं। परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं। गांव के हर व्यक्ति की आंखों में अपने होनहार बेटे को खोने का दुःख नजर आया। ग्रामीणों ने नम आंखों से समुद्र गुर्जर को अंतिम विदाई दी। अंतिम विदाई देने के लिए केसरपुर गांव में हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

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