samacharsecretary.com

उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड: राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज की आरोपियों की सभी अपीलें, ट्रायल जारी रहेगा

जयपुर  
राजस्थान के सबसे चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर शुक्रवार 6 नवंबर को बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल, हत्याकांड के आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ से कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट (विशेष एनआईए अदालत) द्वारा आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेशों को चुनौती देने वाली सभी अपीलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। जानकारी के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट द्वारा 12 जनवरी और 13 फरवरी 2024 को जारी किए गए आरोप तय करने के आदेशों को पूरी तरह से वैध मानते हुए उन्हें बरकरार रखा है।

8 आरोपियों पर UAPA की गंभीर धाराएं कायम
अदालत के इस फैसले के बाद मामले के 8 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 16 (आतंकवादी कृत्य), 18 (साजिश) और 20 (आतंकवादी गिरोह का सदस्य होना) के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की अन्य गंभीर धाराओं के तहत ट्रायल जारी रहेगा।

इन मुख्य आरोपियों की अपीलें हुई खारिज:
मोहम्मद रियाज अत्तारी, मोहम्मद गौस, मोहसीन खान, आसिफ हुसैन, मो. मोहसीन, वसीम अली, मोहम्मद जावेद खान, मुस्लिम खान

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियां
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण बातें कहीं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोप तय करने के प्रारंभिक चरण में किसी आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सकता।

अदालत ने कहा कि साजिश का कोई प्रत्यक्ष या प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य न होना किसी आरोपी को दोषमुक्त करने का आधार नहीं बन सकता। परिस्थितियों के सामूहिक प्रभाव से भी आपराधिक साजिश का पता लगाया जा सकता है।

हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) मुकदमे के दौरान पेश किए जाने वाले सभी साक्ष्यों और गवाहों का स्वतंत्र मूल्यांकन करेगी।

बचाव पक्ष की तमाम दलीलें खारिज
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा दी गई कई दलीलों को हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। आरोपियों द्वारा बनाए गए वीडियो और ऑनलाइन धमकियों के संदर्भ में दी गई सफाई को अस्वीकार किया गया। किसी प्रतिबंधित आतंकी संगठन से सीधा जुड़ाव न होने के तर्क को भी UAPA की धाराओं से राहत देने के लिए नाकाफी माना गया।

अदालत के इस सख्त आदेश के बाद अब एनआईए की विशेष अदालत में कन्हैयालाल हत्याकांड का ट्रायल बिना किसी रुकावट के तेज गति से आगे बढ़ेगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here