samacharsecretary.com

रामबन में कमर्शियल वाहनों के लिए नया ट्रैफिक प्लान लागू, सफर से पहले जान लें रूट

उधमपुर  जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रामबन शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद अलीयास खान ने शहर में कमर्शियल यात्री वाहनों और मालवाहक वाहनों के लिए वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी किए हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले दो महीने तक अथवा आगामी आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, रामबन शहर में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी कमर्शियल यात्री वाहनों, जिनमें सूमो, बसें, मिनी बसें और इको वाहन शामिल हैं, को निर्धारित एकतरफा मार्ग का ही इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा सभी प्रकार के लोड कैरियर वाहनों पर भी यह व्यवस्था लागू रहेगी। शान पैलेस नाके से शहर में दाखिल होंगे कमर्शियल वाहन नई यातायात व्यवस्था के तहत कमर्शियल वाहनों को शान पैलेस नाके से शहर में प्रवेश करना होगा। इसके बाद वाहन बोवली बाजार, टी-चौक, बस स्टैंड और कैफेटेरिया चौक से होकर गुजरेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कैफेटेरिया चौक की तरफ से बस स्टैंड में कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इस मार्ग का इस्तेमाल केवल वाहनों की निकासी के लिए किया जाएगा। प्रशासन ने बाजार और व्यस्त मार्गों पर भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से मालवाहक वाहनों के लिए लोडिंग और अनलोडिंग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अधिसूचित मार्गों पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सामान की लोडिंग और अनलोडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य बस स्टैंड, टी-चौक, बोवली बाजार और आसपास के क्षेत्रों में यातायात को व्यवस्थित करना है, जहां अक्सर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। नई व्यवस्था से ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद जिला मजिस्ट्रेट ने आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामबन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक (राष्ट्रीय राजमार्ग) और सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की संबंधित धारा के तहत जारी किया है। साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने से रामबन शहर में यातायात का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भी जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी, 14 नवंबर से होलकर स्टेडियम में मुफ्त एंट्री

इंदौर   मध्य प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों को एक बार फिर इंदौर के होलकर स्टेडियम (Holkar Stadium) में चौकों-छक्कों की बारिश देखने का मौका मिलेगा। अवसर होगा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का। 14 नवंबर से शुरू हो रही इस प्रतिष्ठित टी-20 प्रतियोगिता में देशभर की टीमें मैदान पर उतरेंगी। इस बार दर्शकों के आकर्षण का केंद्र टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) और युवा स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) होंगे। अभिषेक शर्मा दिल्ली की टीम से खेलेंगे, जबकि वैभव सूर्यवंशी बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। इंदौर में होंगे 21 मुकाबले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के तहत इंदौर में कुल 21 मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें अधिकांश मैच होलकर स्टेडियम में होंगे। होलकर स्टेडियम के सभी मुकाबले दिन-रात के होंगे, जबकि डेली कॉलेज मैदान पर केवल दिन के मैच आयोजित किए जाएंगे। दर्शकों को इन मुकाबलों के लिए टिकट नहीं खरीदना होगा। सभी मैच आम दर्शकों के लिए निःशुल्क और खुले रहेंगे। हमारी तैयारी पूरी- एमपीसीसी मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सुधीर असनानी ने बताया कि होलकर स्टेडियम में होने वाले मुकाबलों के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इंदौर में मुकाबले सौराष्ट्र-बिहार रेलवे-तमिलनाडु (एलीट ग्रुप-बी) जम्मू-कश्मीर-दिल्ली रेलवे-बिहार जम्मू-कश्मीर-तमिलनाडु सौराष्ट्र-हरियाणा दिल्ली-पंजाब दिल्ली-बिहार पंजाब-रेलवे तमिलनाडु-हरियाणा जम्मू-कश्मीर-सौराष्ट्र पंजाब-तमिलनाडु जम्मू-कश्मीर-बिहार दिल्ली-सौराष्ट्र रेलवे-हरियाणा रेलवे-सौराष्ट्र दिल्ली-हरियाणा जम्मू-कश्मीर-पंजाब तमिलनाडु-बिहार दिल्ली-तमिलनाडु पंजाब-सौराष्ट्र आखरी बार भारत और वेस्ट इंडीज का मैच होलकर स्टेडियम में आखरी बार 11 अक्टूबर 2026 को भारत और वेस्ट इंडीज के बीच टी-20 मैच हुआ था। इस मैच में भी धाकड़ बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने चौके-छक्कों की बरसात की थी। शर्मा ने 30 गेंदों में 69 रनों की पारी खेली थी जिसमे उन्होंने 5 छक्के और 6 चौके लगाए थे। भारत इस मैच को 14 रन से जीता था। होलकर स्टेडियम में खूब बरसते रन इंदौर के होलकर स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और सपाट पिच के कारण बल्लेबाज यहां रनों की बरसात करते है। होलकर में कुल पांच अंतराष्ट्रीय टी-20 मैच हुए है। यहां पहली इनिंग का एवरेज स्कोर 204 है और दूसरी का 174 रन है। इस मैदान में हाईएस्ट टीम टोटल 260 पर 5 विकेट है जो भारत ने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। इस मैच में रोहित शर्मा ने 35 गेंदों में शतकीय पारी खेली थी जो उस समय अंतराष्ट्रीय टी-20 फॉर्मेट में सबसे तेज शतक था। रोहित ने 118 रनों की पारी खेली थी जिसमें उन्होंने 10 छक्के और 12 चौके ठोके थे।

अमेरिका से तनाव के बीच भारत की बड़ी तैयारी, 30 देशों में भारतीय सामान पर जीरो ड्यूटी

नई दिल्ली चंद महीनों पहले की बात है. अमेर‍िका ने भारत पर 50 फीसदी टैर‍िफ लगाया तो लगा सारे रास्‍ते बंद हो गए हैं. एक के बाद एक बुरी खबरें आने लगीं. ट्रंप 100 फीसदी, 200 फीसदी टैर‍िफ की धमकी देने लगे. सरकार थोड़ी हैरान जरूर थी, लेकिन ट्रंप के सनकीपन के बारे में शायद पता था. इसील‍िए कुछ ही द‍िनों बाद सरकार ने नए रास्‍ते खोलने शुरू कर द‍िए. सबसे पहले अमेर‍िका के ही सबसे करीबी देशों यूरोप को पार्टनर बनाया. अफ्रीका के साथ डील की. एश‍िया के कई देशों से हाथ म‍िलाया. एक के बाद एक ट्रेड डील ने ऐसे हालात बना द‍िए क‍ि ट्रंप को भी कहना पड़ा क‍ि हम भारत के साथ डील करना चाहते हैं. अब वही ट्रंप म‍िडटर्म इलेक्‍शन हार गए हैं. उनके हाथ बंध गए हैं. अब वे कड़े फैसले लेने से पहले कई बार सोचेंगे. ये सब देखकर एक्‍सपर्ट कह रहे क‍ि साल भर की मेहनत का नतीजा अब द‍िखेगा. भारत की ट्रेड ड‍िप्‍लोमेसी से कमाई के नए रास्‍ते खुलने वाले हैं।  यूरोप के साथ ट्रेड डील चंद महीनों में लागू होने वाली है, जो भारतीय व्‍यापार‍ियों को 27 देशों में खुलकर कारोबार करने के मौके देगी. इसके अलावा यूएई, ओमान, ब्रिटेन, ऑस्‍ट्रेल‍िया , न्यूजीलैंड, मॉरीशस, सिंगापुर नेपाल, साउथ कोर‍िया, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन जैसे तमाम देशों के साथ भारत ने अलग से ट्रेड डील की है, जो लागू भी हो चुकी है. हम आपको यहां कुछ फैक्‍ट्स दे रहे हैं।  जहां भारत के ल‍िए खुला बाजार     यूएई- भारत ने यूएई के साथ ट्रेड डील की है. भारत के 99 फीसदी प्रोडक्‍ट वहां टैर‍िफ फ्री हैं. भारत चाहता है क‍ि बाइलेटरल ट्रेड अगले 7 सालों में 200 अरब डॉलर तक पहुंच जाए. अभी भारत का एक्‍सपोर्ट स‍िर्फ 38 अरब डॉलर के आसपास है. यानी यहां काफी उम्‍मीद है।      ऑस्‍ट्रेल‍िया- यहां भी भारतीय प्रोडक्‍ट पर शून्‍य ड्यूटी लगती है. ऑस्‍ट्रेल‍िया के साथ अभी भारत का एक्‍सपोर्ट 7.28 अरब डॉलर है. इसे तीन गुना करने का भारत का टारगेट है।      स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन के साथ TEPA लागू. भारत में 15 साल में 100 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता और 10 लाख रोजगार की संभावना है।      ओमान के साथ जून 2026 में डील लागू हुई. 98.08% टैरिफ लाइनों पर भारतीय उत्पादों को जीरो ड्यूटी. FY26 निर्यात 4.02 अरब डॉलर है, इसे दोगुना करने का लक्ष्‍य है।      ब्रिटेन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जुलाई 2026 में लागू हुआ. इससे करीब 99% भारतीय एक्‍सपोर्ट को शुल्क मुक्त बाजार पहुंच म‍िल गई है. FY26 एक्‍सपोर्ट 13.44 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।      न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अक्टूबर 2026 में लागू हुआ. भारत के 100% निर्यात पर जीरो ड्यूटी. 20 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता. 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 7 अरब का लक्ष्य।  पुरानी ट्रेड डील जहां रास्‍ते और खुले भारत ने आस‍ियान देशों के साथ कारोबार के नए रास्‍ते खोले हैं. स‍िंगापुर, जापान, नेपाल, साउथ कोर‍िया, मलेश‍िया, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान, साउथ एश‍ियाई देशों के साथ डील का भारत लगातार फायदा उठा रहा है. जो एक्‍सपोर्ट चंद करोड़ों डॉलर का हुआ करता था, वह अब अरबों डॉलर को पार कर रहा है।  यहां बातचीत पूरी, लागू होने की तैयारी     यूरोपीय यून‍ियन के साथ बातचीत पूरी हो चुकी है. 27 देशों का लगभग 24 ट्र‍िल‍ियन डॉलर की ज्‍वाइंट इकाॅनमी है. भारत अभी स‍िर्फ 75 अरब डॉलर का एक्‍सपोर्ट है. भारत इसे पांच साल में तीन गुने करने का इरादा रखता है।      अमेर‍िका के साथ ट्रेड डील ट्रंप के फैसलों की वजह से अटकी पड़ी है. अमेर‍िका चाहता था क‍ि भारत एग्रीकल्‍चर और डेयरी सेक्‍टर खोले भारत तैयार नहीं है. अगर यह डील हो जाती है तो भारत के फार्मा, टेक्‍सटाइल, इंजीन‍ियर‍िंग और आईटी सर्विसेज को बड़े अवसर म‍िल जाएंगे।      इजरायल-कनाडा के साथ भी एफटीए पर बात हो रही है. यहां भारत को ड‍िफेंस, एग्रीकल्‍चर टेक्‍नोलॉजी, एआई, फार्मा और केम‍िकल सेक्‍टर में बड़े मौके म‍िल सकते हैं।      च‍िली, पेरू के अलावा रूस के साथ भी भारत ने बातचीत पूरी कर ली है. इंजीन‍ियरिंग, फार्मा, केम‍िकल सेक्‍टर में खूब मौके म‍िलने वाले हैं. वाहन कलपुर्जे, फार्मा इंजीन‍ियरिंग सेक्‍टर में अवसर म‍िल सकता है।  एक्‍सपर्ट क्‍या कह रहे एमके ग्‍लोबल फाइनेंश‍ियल सर्विसेस की र‍िपोर्ट के मुताबिक- ट्रंप अब इमरजेंसी इकोनॉम‍िक पावर एक्‍ट का बेजा इस्‍तेमाल करके जबरदस्‍ती भारत पर टैर‍िफ नहीं लगा पाएंगे, क्‍योंक‍ि उनके हाथ बंध जाएंगे. अगर वे कुछ करना भी चाहें तो उनके पास स‍िर्फ सेक्‍शन 301 और सेक्‍शन 232 ही रास्‍ता होगा. लेकिन इसका प्रॉसेस इतना धीमा है क‍ि जब तक लागू होगा, तब तक नए इलेक्‍शन आ जाएंगे।  एमसी ग्‍लोबल स‍िक्‍योर‍िटीज का कहना है क‍ि म‍िडटर्म इलेक्‍शन में ट्रंप की हार से डॉलर कमजोर होगा. तेल की कीमतों में नरमी आएगी. रुपया मजबूत होगा. यह सबकुछ भारत के ल‍िए पॉज‍िट‍िव साइन है. इससे भारतीय न‍िर्यातकों की संभावनाएं बेहतर होंगी. भारतीय संपत्‍त‍ियों पर जोख‍िम कम होगा. ये भी हो सकता है क‍ि दबाव में आकर अमेर‍िका भारत के साथ र‍िश्ते बेहतर करने के ल‍िए कुछ और फैसले ले। 

TVS M1-S की एंट्री से इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में हलचल, सिंगल चार्ज में चलेगा 120 KM

मुंबई  टीवीएस मोटर ने ईआईसीएमए 2026 में अपने उत्पादन-अनुरूप एम1-एस इलेक्ट्रिक मैक्सी स्कूटर का अनावरण किया है – मिलान में कॉन्सेप्ट संस्करण प्रदर्शित होने के एक साल बाद। यह मॉडल यूरोपीय बिक्री के करीब पहुंच गया है और प्रदर्शनी में ऑर्बिटर और टीवीएस एक्स के साथ प्रदर्शित किया गया है। इसका विकास सिंगापुर में हुआ और एम1-एस में फुल-साइज़ मैक्सी-स्कूटर के अनुपात के साथ-साथ कम ऊंचाई पर लगी बैटरी का भी उपयोग किया गया है। आयन मोबिलिटी के एम1-एस पर आधारित, 4.2 किलोवाट-घंटे की एनएमसी लिथियम-आयन बैटरी गुरुत्वाकर्षण केंद्र को कम करने के लिए फुटरेस्ट में नीचे लगी है। इस मैक्सी स्कूटर की लंबाई 1,970 मिमी और चौड़ाई 730 मिमी है, जबकि व्हीलबेस 1,350 मिमी है। इसका वजन 150 किलोग्राम, ग्राउंड क्लीयरेंस 170 मिमी और सीट की ऊंचाई 800 मिमी है। इसमें दोनों तरफ 14 इंच के पहिये लगे हैं। पहियों की बात करें तो, आगे 110/70 सेक्शन के 14 इंच के और पीछे 120/70-14 सेक्शन के टायर लगे हैं। आगे टेलीस्कोपिक सस्पेंशन है, जबकि पीछे दो एडजस्टेबल सस्पेंशन यूनिट हैं। ब्रेकिंग के लिए दोनों पहियों में 230 मिमी के डिस्क ब्रेक दिए गए हैं, जो डुअल-चैनल एबीएस सिस्टम और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग फंक्शन से लैस हैं। विनिर्देश टीवीएस एम1-एस मोटर चेसिस-माउंटेड पीएमएसएम चरम शक्ति 16.8 एचपी मूल्यांकित शक्ति 6.7 एचपी बैटरी 4.2 किलोवाट-घंटे एनएमसी लिथियम-आयन अपेक्षित सीमा 120 किमी शीर्ष गति 105 किमी प्रति घंटा 0-50 किमी/घंटा 3.7 सेकंड चार्ज 75 मिनट में 10-80% चार्जर आउटपुट 1.8 किलोवाट सामने का टायर 110/70-14 पिछला टायर 120/70-14 ब्रेक आगे और पीछे, 230 मिमी डिस्क पेट डुअल-चैनल सीट की ऊंचाई 800 मिमी धरातल 170 मिमी वजन पर अंकुश लगाएं 150 किलोग्राम सीट के नीचे भंडारण 26 लीटर प्रदर्शन 7-इंच टीएफटी चेसिस पर लगा स्थायी चुंबक सिंक्रोनस मोटर अधिकतम 16.8 हॉर्सपावर और निरंतर चलने पर 6.7 हॉर्सपावर उत्पन्न करने में सक्षम है। M1-S 3.7 सेकंड में 0 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेता है और इसकी अधिकतम गति 105 किमी प्रति घंटे बताई गई है। TVS को मौजूदा प्री-होमोलोगेशन सेटअप के तहत 120 किमी की रेंज की उम्मीद है, साथ ही क्रूज़ कंट्रोल भी राइडर एड सूट का हिस्सा है। 1.8 किलोवाट का चार्जिंग सिस्टम बैटरी को 75 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज कर देता है, जबकि ऑनबोर्ड चार्जर के माध्यम से घर के सॉकेट से भी पावर ली जा सकती है। स्कूटर में सीट के नीचे 26 लीटर का स्टोरेज स्पेस भी है, जो फुल-फेस हेलमेट के लिए पर्याप्त है, साथ ही आगे की तरफ दो स्टोरेज एरिया भी हैं। एक में यूएसबी-ए सॉकेट है और दूसरे में 500 मिलीलीटर की बोतल या छोटी-मोटी चीजें रखी जा सकती हैं। कॉकपिट में 7 इंच का टीएफटी डिस्प्ले लगा है जो वाई-फाई, ब्लूटूथ और ऑनबोर्ड एलटीई को सपोर्ट करता है। एंड्रॉइड और आईओएस ऐप्स के जरिए रिमोट सीट ओपनिंग, फाइंड-माई-बाइक और सर्विस की जानकारी मिलती है, साथ ही ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट्स को रिमोटली डिलीवर किया जा सकता है। राइडर्स ऐप या की फोब के जरिए स्कूटर स्टार्ट कर सकते हैं और यह भी ध्यान देने वाली बात है कि एलईडी लाइटिंग स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर दी गई है। स्पेक्ट्रे ब्लैक कलर यूरोप में भी लॉन्च के लिए उपलब्ध होगा। एम1-एस के लिए भी ऑर्बिटर और एक्स मॉडल की तरह ए1 लाइसेंस की आवश्यकता होगी। डिजाइन और सड़क पर उपस्थिति: आराम के लिए निर्मित मैक्सी-स्कूटर अपने विशाल आकार, आरामदायक सवारी मुद्रा और बेहतर पवन सुरक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं। टीवीएस एम1-एस इसी आजमाए हुए फॉर्मूले पर खरा उतरता है।     आक्रामक फ्रंट फेसिया: स्कूटर में एक तीखा, कोणीय फ्रंट एप्रन है जिसमें डुअल एलईडी हेडलाइट्स लगी हैं, जो इसे सड़क पर एक प्रभावशाली रूप प्रदान करती हैं।     एर्गोनॉमिक्स: इसमें एक सीढ़ीदार, चौड़ी सीट और एक फ्लोरबोर्ड लेआउट है जो सवारों को लंबी राजमार्ग यात्राओं पर अपने पैरों को फैलाने की सुविधा देता है।     मजबूत बनावट: 110/70 फ्रंट और 120/70 रियर ट्यूबलेस टायरों से लिपटे 14-इंच अलॉय व्हील्स पर चलने वाली M1-S टूटी-फूटी सड़कों पर आसानी से सरकने और उच्च गति पर स्थिरता बनाए रखने के लिए बनाई गई है। पावरट्रेन और प्रदर्शन: दमदार त्वरण इसके बॉडी पैनल के नीचे एक सक्षम इलेक्ट्रिक पावरट्रेन मौजूद है जिसे बिना किसी परेशानी के दमदार प्रदर्शन देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।     मोटर सेटअप: चेसिस पर लगी स्थायी-चुंबक सिंक्रोनस मोटर (पीएमएसएम) पिछले पहिये को चलाती है, जो 5 किलोवाट की रेटेड पावर आउटपुट और 12.5 किलोवाट की पीक पावर उत्पन्न करती है ।     अधिकतम गति: राइडर स्कूटर को 105 किमी/घंटा की सम्मानजनक अधिकतम गति तक पहुंचा सकते हैं , जिससे यह तेज गति वाले शहरी रिंग रोड और मुख्य राजमार्गों के लिए उपयुक्त है।     त्वरण के आंकड़े: एम1-एस महज 3.7 सेकंड में 0 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है , जिससे ट्रैफिक लाइट पर तेजी से आगे बढ़ना सुनिश्चित होता है।     पत्रकार का नोट: मैक्सी-स्कूटरों में चेसिस पर लगे मोटर अनस्प्रंग वेट को कम रखने में मदद करते हैं, जिससे पारंपरिक हब-माउंटेड सेटअप की तुलना में कॉर्नरिंग की चपलता में काफी सुधार होता है। बैटरी, रेंज और चार्जिंग इकोसिस्टम इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए रेंज की चिंता सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बनी हुई है। टीवीएस एक संतुलित बैटरी और चार्जिंग पैकेज के साथ इन चिंताओं को दूर करने का लक्ष्य रखती है।     बैटरी पैक: स्कूटर में निकेल मैंगनीज कोबाल्ट (एनएमसी) रसायन का उपयोग करने वाली 4.2 किलोवाट-घंटे की लिथियम-आयन बैटरी लगी है।गुरुत्वाकर्षण केंद्र को नीचे रखने के लिए इसे फर्श के निचले हिस्से में लगाया जाता है।     वास्तविक रेंज: आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, WMTC परीक्षण स्थितियों के तहत एक बार चार्ज करने पर M1-S लगभग 120 किमी की अपेक्षित रेंज प्रदान करता है।     चार्जिंग समय: इसमें 1.8 किलोवाट का अंतर्निर्मित चार्जर है। इसे किसी सामान्य घरेलू सॉकेट में प्लग करने से बैटरी लगभग 75 मिनट में 10% से 80% तक चार्ज हो जाती है ।   तकनीकी विशिष्टताओं का संक्षिप्त विवरण पैरामीटर    विनिर्देश विवरण मोटर प्रकार    चेसिस पर लगे पीएमएसएम (स्थायी चुंबक सिंक्रोनस मोटर) रेटेड / पीक पावर    5 किलोवाट रेटेड / 12.5 … Read more

ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाम से मिलेगी राहत, 6 लेन अंडरपास का 3 दिन ट्रायल शुरू

  नोएडा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए गौर चौक का जाम रोज की परेशानी रहा है. सुबह ऑफिस जाने का समय हो या शाम को घर लौटने की भीड़, इस चौराहे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं. अब इस परेशानी को कम करने के लिए 92 करोड़ रुपये की लागत से बना 6 लेन का अंडरपास खोल दिया गया है।  आज गुरुवार 5 नवंबर से इस अंडरपास पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई है. हालांकि, फिलहाल इसे आम लोगों के लिए ट्रायल के तौर पर खोला गया है. यह ट्रायल 5 से 7 नवंबर तक चलेगा. यानी तीन दिन तक अधिकारी देखेंगे कि अंडरपास से गाड़ियां किस तरह निकल रही हैं और कहीं कोई परेशानी तो नहीं आ रही।  ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति गोलचक्कर को गौर चौक के नाम से भी जाना जाता है. यह इलाका ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए अहम रास्ता है. यहां गाड़ियों का दबाव काफी ज्यादा रहता है।  खासकर सुबह और शाम के समय इस चौराहे पर जाम लग जाता है. इसकी वजह से लोगों को कुछ दूरी तय करने में भी काफी वक्त लग जाता है. नए अंडरपास से इसी परेशानी को कम करने की कोशिश की गई है।  700 मीटर लंबा, छह लेन का अंडरपास करीब 700 मीटर लंबे इस अंडरपास को बनाने में लगभग 92 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इसमें आने-जाने के लिए कुल छह लेन बनाई गई हैं. इसके शुरू होने से ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद और गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा आने-जाने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है. अधिकारियों के मुताबिक, अंडरपास के चालू होने से गौर चौक पर गाड़ियों का दबाव कम हो सकता है. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की करीब पांच लाख आबादी को इस अंडरपास से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  अंडरपास को सिर्फ गाड़ियों की आवाजाही के लिहाज से ही तैयार नहीं किया गया है. इसकी दीवारों पर खूबसूरत चित्रकारी की गई है और आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं. बारिश के दिनों में पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं. हालांकि, असली परीक्षा बारिश के दौरान ही होगी, जब यह पता चलेगा कि पानी निकालने की व्यवस्था कितनी कारगर है।  तीन दिन के ट्रायल में क्या देखा जाएगा? ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम एके सिंह के मुताबिक, फिलहाल अंडरपास को तीन दिन के ट्रायल पर खोला गया है. इस दौरान ट्रैफिक की आवाजाही और निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाएगी. अगर ट्रायल के दौरान कोई कमी सामने आती है तो उसे तुरंत ठीक कराया जाएगा. इसके बाद आगे की व्यवस्था तय की जाएगी. अब लोगों की उम्मीद है कि अंडरपास शुरू होने के बाद गौर चौक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी. हालांकि, इसका असली असर तब पता चलेगा जब रोजाना की तरह बड़ी संख्या में गाड़ियां यहां से गुजरेंगी। 

Medical PG Admission: MD-MS में सीट मिली तो करना होगा ये काम, वरना रद्द होगा एडमिशन

रायपुर  NEET PG Admission 2026: प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों के संचालित एमडी-एमएस कोर्स में आवंटित सीट को स्वीकारने के बाद छात्रों को प्रवेश लेना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर छात्र स्वत: ही प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। यही नहीं वे आगे होने वाली काउंसिलिंग के लिए अपात्र हो जाएंगे। एमबीबीएस काेर्स में निजी कॉलेजों में ये नियम लागू नहीं था। इस बार नीट पीजी के टॉपरों में 6 को मेडिसिन, 3 को रेडियो डायग्नोसिस व एक को स्किन की सीट मिली है। प्रदेश में पीजी की 642 सीटें हैं। इनमें सरकारी कॉलेजों में 378 व निजी कॉलेजों में 264 एमडी-एमएस की सीटें हैं। नीट पीजी क्वालिफाइड छात्रों को प्रवेश नियमों को ध्यान से पढ़ना होगा, नहीं तो उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। नियम के अनुसार छात्र असंतुष्ट होने पर आवंटित सीट को अस्वीकार कर सकेगा। ऐसे में उनके पास अगले राउंड में बने रहने के लिए विकल्प बना रहेगा। मेडिकल एक्सपर्ट व पूर्व डीएमई डॉ. विष्णु दत्त व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार काउंसिलिंग के पहले सभी दस्तावेज होना भी जरूरी है। आवंटन सूची में नाम आने के बाद भी अगर दस्तावेज सही नहीं मिलता है तो छात्र स्वत: ही प्रवेश के लिए अपात्र माना जाएगा। निजी कॉलेजों में प्रवेश के दौरान 8 से 10 लाख निर्धारित ट्यूशन फीस जमा करनी होगी। कॉलेज बदलने पर 10 फीसदी काटकर बाकी फीस वापस करने का नियम है। दिवाली 8 को, एडमिशन 10 तक चलेगा, कर्मियों की परेशानी बढी पीजी की प्रवेश प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई है, जो 10 नवंबर तक चलेगी। गाैर करने वाली बात ये है कि एडमिशन प्रक्रिया के दौरान ही 8 नवंबर को दिवाली है। इस दिन रविवार है, लेकिन पहले रविवार को भी एडमिशन प्रक्रिया चलती रही है। काउंसिलिंग से जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों का कहना है कि दिवाली जैसे त्योहार में छुट्टी दी जानी चाहिए। 9 नवंबर को कोई त्योहार नहीं है, लेकिन 10 को गोवर्धन पूजा व 11 नवंबर को भाई दूज है। इन कॉलेजों में पीजी की सीटें कॉलेज – कुल – आल इंडिया – स्टेट – एनआरआई रायपुर – 146 – 74 – 92 – 00 बिलासपुर – 91 – 43 – 48 – 00 राजनांदगांव – 18 – 09 – 09 – 00 जगदलपुर – 28 – 15 – 13 – 00 रायगढ़ – 42 – 21 – 21 – 00 अंबिकापुर – 40 – 20 – 20 – 00 कोरबा – 13 – 07 – 06 – 00 रिम्स – 63 – 54 – 00 – 09 बालाजी – 100 – 85 – 00 – 15 शंकराचार्य – 101 – 86 – 00 – 15 कुल – 642

‘ख्वाबों का हमसफर मिला…’ मनीष कश्यप ने किया प्यार का इजहार, कौन हैं अनुष्का?

 पटना 'हमसफर का साथ मिला है, अब जिंदगी का हर सफर खूबसूरत होगा. एक नई शुरुआत, नए सपनों के साथ…' बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप की निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हैं. इस बार वजह कोई चुनावी बयान या सोशल मीडिया पर उनका वीडियो नहीं, बल्कि एक फोटो है. मनीष और अनुष्का दोनों ने अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं. दोनों ने ही रोमांटिक अंदाज में कैप्शन भी लिखा है।  अनुष्का ने  यह तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि ख्वाबों में देखा था जिस खूबसूरत एहसास को… आज उस हमसफर के साथ एक नई कहानी दुनिया के सामने है. वहीं मनीष कश्यप ने लिखा है कि    'हमसफर का साथ मिला है, अब जिंदगी का हर सफर खूबसूरत होगा. एक नई शुरुआत, नए सपनों के साथ! इसके साथ उन्होंने अनुष्का और मनीष के नाम को दिल के निशान के साथ लिखा है. तस्वीर में दोनों ब्लैक शर्ट और ब्लू जींस में नजर आ रहे हैं. दोनों के जूते भी एक जैसे दिखाई दे रहे हैं।  रियलिटी शो में किया था 21 साल की गर्लफ्रेंड का जिक्र मनीष कश्यप की लव लाइफ की चर्चा अचानक शुरू नहीं हुई है. इससे पहले रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' के दौरान उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक खुलासा किया था. शो में मनीष ने बताया था कि उनकी एक गर्लफ्रेंड है. हालांकि, उस वक्त उन्होंने उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया था. अब अनुष्का के साथ सामने आई तस्वीर और उनके कैप्शन के बाद सोशल मीडिया पर लोग दोनों को उस पुराने खुलासे से जोड़कर देख रहे हैं।   कौन हैं अनुष्का, जिनके साथ आई तस्वीर अनुष्का शर्मा बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर इलाके की रहने वाली हैं. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. पढ़ाई के साथ वह छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही हैं. अनुष्का पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार भी रह चुकी हैं।   इंजीनियरिंग छोड़कर यूट्यूब से बनाई पहचान मनीष कश्यप का असली नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है. वह पश्चिम चंपारण जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने पुणे की सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. लेकिन इंजीनियरिंग में करियर बनाने के बजाय उन्होंने यूट्यूब और सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का रास्ता चुना. उनका 'सच टॉक' नाम का यूट्यूब चैनल काफी लोकप्रिय हुआ. बिहार से जुड़े मुद्दों और अपने अलग अंदाज में रिपोर्टिंग के चलते वह सोशल मीडिया पर चर्चित चेहरा बन गए. धीरे-धीरे उनकी पहचान सिर्फ एक यूट्यूबर तक सीमित नहीं रही और उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा।  बीजेपी से जन सुराज तक पहुंचा राजनीतिक सफर मनीष कश्यप का राजनीतिक सफर भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. अप्रैल 2024 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ली थी. बाद में उन्होंने बीजेपी छोड़कर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का दामन थाम लिया. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने पश्चिम चंपारण की चनपटिया विधानसभा सीट से जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली. चुनावी मैदान में हार के बाद अब उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी यह तस्वीर चर्चा में है. फिलहाल, अनुष्का की पोस्ट और उसके कैप्शन ने मनीष कश्यप की लव लाइफ को फिर सुर्खियों में ला दिया है. जिस गर्लफ्रेंड का जिक्र उन्होंने रियलिटी शो में किया था, क्या यह तस्वीर उसी रिश्ते की ओर इशारा करती है। 

मध्य प्रदेश के लाखों ग्रामीणों को बड़ी सौगात, मकान के कागजों से बैंक से ले सकेंगे कर्ज

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने का माध्यम बन रही है। प्रदेश के सभी 55 जिलों में योजना के तहत अब तक 15 लाख 98 हजार 46 रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं। इन दस्तावेजों के जरिए ग्रामीण परिवार अपनी संपत्ति पर मालिकाना हक का प्रमाण प्राप्त कर सकेंगे और बैंक ऋण सहित अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेना उनके लिए आसान होगा। योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि पर बने पात्र मकानों और भूखंडों का पंजीयन निशुल्क किया जा रहा है। पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 'सारा' ऐप और 'संपदा 2.0' जैसी डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे संपत्ति के अभिलेख तैयार करने, मौके पर सत्यापन और पंजीयन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिल रही है। छिंदवाड़ा सबसे आगे, राजगढ़ दूसरे नंबर पर जिलावार आंकड़ों में छिंदवाड़ा 74 हजार 2 रजिस्ट्रियों के साथ पहले स्थान पर है। राजगढ़ में 64 हजार 880, उज्जैन में 62 हजार 244 और सागर में 56 हजार 143 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। सिवनी में 55 हजार 910, छतरपुर में 55 हजार 381, जबलपुर में 54 हजार 573, बालाघाट में 53 हजार 228 और शिवपुरी में 51 हजार 855 रजिस्ट्रियां दर्ज की गई हैं। इन जिलों में भी हजारों परिवारों को मिला अधिकार अभिलेख नरसिंहपुर में 49 हजार 896, मंदसौर में 49 हजार 552, रायसेन में 45 हजार 333, धार में 45 हजार 311, विदिशा में 44 हजार 25 और बैतूल में 42 हजार 743 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं। नीमच, सीहोर, खंडवा, खरगोन, कटनी, शाजापुर, देवास और नर्मदापुरम में भी हजारों ग्रामीण परिवारों का पंजीयन किया जा चुका है। छोटे जिलों में भी जारी है पंजीयन पांढुर्णा में 9 हजार 416, मैहर में 9 हजार 100, झाबुआ में 8 हजार 629, सीधी में 4 हजार 41 और सिंगरौली में 2 हजार 588 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं। आलीराजपुर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और मऊगंज में भी पंजीयन का काम जारी है। ग्रामीणों को क्या होगा फायदा?     आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार अभिलेख मिलेगा।     संपत्ति के दस्तावेज के आधार पर बैंक ऋण लेने में सुविधा होगी।     जमीन और मकान से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।     पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से आसान होगी। राजस्व विभाग के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में स्वामित्व योजना का काम जारी है। शेष पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।  

धनतेरस पर महाकाल के दरबार में होगी चांदी के सिक्कों की पूजा, दीपोत्सव की खास तैयारी

उज्जैन  पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शुरुआत सबसे पहले भगवान महाकाल के आंगन से होगी। शुक्रवार को धनतेरस पर महाकालेश्वर मंदिर में परंपरानुसार विशेष पूजन-अभिषेक किया जाएगा। पुजारी-पुरोहित भगवान महाकाल के साथ धन कुबेर और चांदी के सिक्कों का पूजन करेंगे। बाबा महाकाल को चांदी का सिक्का अर्पित किया जाएगा। सुबह भस्म आरती में विशेष पूजन के बाद पुजारी गर्भगृह में फुलझड़ी जलाकर दीपावली पर्व का शुभारंभ करेंगे। मंदिर के नंदी हाल में सुबह करीब नो बजे पुरोहित समिति द्वारा महापूजा की जाएगी। लगभग एक घंटे चलने वाले इस आयोजन में वैभव, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना से गणपति व महालक्ष्मी पूजन के बाद भगवान महाकाल का पंचामृत और रुद्राभिषेक होगा। पुरोहित समिति के सदस्य लोकेश व्यास के अनुसार पूजन जनकल्याण और विश्व कल्याण की कामना से किया जाता है। इसमें कलेक्टर रोशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित करीब दो दर्जन पुजारी-पुरोहित शामिल होंगे। रूप चौदस पर उबटन, अमावस्या पर अन्नकूट आठ नवंबर को रूप चौदस पर तड़के भस्म आरती में विशेष पूजन होगा। दीपावली पर पुजारी परिवार की महिलाएं भगवान महाकाल को उबटन लगाएंगी। बाबा का विशेष श्रृंगार कर गर्भगृह में अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। शाम को कोटितीर्थ कुंड में दीपमालाएं सजाई जाएंगी। धनतेरस से दीपावली तक मंदिर में परंपरागत धार्मिक आयोजन होंगे। पुजारी-पुरोहित भगवान महाकाल के साथ धन कुबेर और चांदी के सिक्कों का पूजन करेंगे। बाबा महाकाल को चांदी का सिक्का अर्पित किया जाएगा।सुबह भस्म आरती में विशेष पूजन के बाद पुजारी गर्भगृह में फुलझड़ी जलाकर दीपावली पर्व का शुभारंभ करेंगे। मंदिर के नंदी हॉल में सुबह करीब नौ बजे पुरोहित समिति द्वारा महापूजा की जाएगी। लगभग एक घंटे चलने वाले इस आयोजन में वैभव, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना से गणपति व महालक्ष्मी पूजन के बाद भगवान महाकाल का पंचामृत और रुद्राभिषेक होगा। पुरोहित समिति के सदस्य लोकेश व्यास के अनुसार पूजन जनकल्याण और विश्व कल्याण की कामना से किया जाता है। इसमें कलेक्टर रोशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित करीब दो दर्जन पुजारी-पुरोहित शामिल होंगे। आठ नवंबर को रूप चौदस पर तड़के भस्म आरती में विशेष पूजन होगा। दीपावली पर पुजारी परिवार की महिलाएं भगवान महाकाल को उबटन लगाएंगी।बाबा का विशेष श्रृंगार कर गर्भगृह में अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। शाम को कोटितीर्थ कुंड में दीपमालाएं सजाई जाएंगी।धनतेरस से दीपावली तक मंदिर में परंपरागत धार्मिक आयोजन होंगे। नंदी हॉल में एक घंटे चलेगी महापूजा मंदिर के नंदी हॉल में पुरोहित समिति के पुजारी सुबह करीब 9 बजे वैभव, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के साथ महापूजा शुरू करेंगे। करीब एक घंटे तक चलने वाली इस पूजा में गणपति पूजन और महालक्ष्मी पूजन के बाद भगवान महाकाल का पंचामृत और रुद्राभिषेक किया जाएगा। पुरोहित समिति के सदस्य लोकेश व्यास ने बताया कि पूजन जनकल्याण और विश्व कल्याण की कामना से किया जाता है। इसमें उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित करीब दो दर्जन पंडे-पुजारी शामिल होंगे। रूप चौदस पर उबटन, अमावस्या पर अन्नकूट का भोग पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि 8 नवंबर को तड़के भस्म आरती के दौरान रूप चौदस का पूजन होगा। इसके बाद अमावस्या लगने पर मंदिर में दीपावली पर्व मनाया जाएगा। इस दिन पुजारी परिवार की महिलाएं भगवान महाकाल को उबटन लगाएंगी। बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और गर्भगृह में अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। शाम को कोटितीर्थ कुंड में दीपमालाएं सजाई जाएंगी। इस तरह महाकाल मंदिर में धनतेरस से दीपावली तक परंपरागत धार्मिक आयोजन होंगे। धनतेरस से शुरू होगा पांच दिवसीय उत्सव महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि दीपावली का पर्व मंदिर में पांच दिनों तक धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाता है. इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है. पर्व को देखते हुए मंदिर में साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन और सजावट का काम भी कराया जा रहा है. मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया जाएगा. रंग-बिरंगी लाइटों से सजा मंदिर रात के समय विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।  श्रद्धालुओं को दिखेगा बदला हुआ स्वरूप महाकाल मंदिर में बड़े पर्वों से पहले गर्भगृह की विशेष सफाई और चांदी के हिस्सों की चमक बढ़ाने की परंपरा रही है. शिवरात्रि और श्रावण मास के दौरान भी इसी तरह विशेष तैयारियां की जाती हैं. अब दीपावली के अवसर पर भी बाबा महाकाल के दरबार को सजाने-संवारने का काम किया जा रहा है. मंदिर में आने वाले श्रद्धालु जहां चांदी की चमक से दमकते गर्भगृह में बाबा के दर्शन करेंगे, वहीं रोशनी से जगमगाता मंदिर परिसर दीपोत्सव के आध्यात्मिक और उत्सवी माहौल को और खास बनाएगा। 

Diwali 2026: लक्ष्मी पूजन में चावल की जगह क्यों चढ़ाई जाती है खील, गणेश जी के आगे क्यों जलता है सरसों का दीपक?

Diwali 2026: हर साल कार्तिक अमावस्या की रात दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. इस साल दीपावली का त्योहार 8 नवंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा की जाती है. उन्हें खील का भोग लगाया जाता है. खील यानि खिली हुई धान. सभी पूजा-पाठ में देव पूजन के लिए सामान्यतः रोली के साथ चावल का उपयोग किया जाता है. लेकिन दीपावली एकमात्र ऐसा त्योहार है. जब लक्ष्मी-गणेश जी के पूजन के लिए खील-बताशे का प्रयोग होता है. जबकि भगवान गणेश के सामने सरसों के तेल का दीपक भी विशेष रूप से जलाया जाता है. दीपावली पर लोग घर में सुख-समृद्धि और धन-वैभव की कामना के साथ लक्ष्मी पूजन करते हैं. खिली हुई धान यानि खील घर में सुख-समृद्धि और सम्पन्नता का प्रतीक है और बताशे घर के सभी सदस्यों के बीच मिठास बढ़ाने का काम करते हैं. घर में हमेशा इसी तरह धनधान्य बना रहे, मिठास बिखरी रहे, इसी कामना के लिए दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश जी के पूजन के लिए चावल के स्थान पर खील का प्रयोग किया जाता है. गणपति के आगे सरसों के तेल का दीपक दीपावली पर मां लक्ष्मी के समक्ष शुद्ध घी और गणपति के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाने की प्रथा है. मां लक्ष्मी के बाईं तरफ विराजमान गणपति के सामने सरसों के तेल का दीपक प्रज्ज्वलित किया जाता है. पूजन के बाद उसी दीपक की लौ से एक कच्चे मिट्टी के दीपक से काजल बनाया जाता है. इसे घर के सभी सदस्य अगले दिन सुबह उठकर अपनी आंखों में लगाते हैं. मान्यता है कि इस काजल को परिवार के सदस्यों को लगाने से बुरी नजर का प्रभाव दूर रहता है और घर-परिवार पर गणेश जी की कृपा बनी रहती है. देव पूजन में प्रज्वलित दीपक से प्राप्त काजल शुभता का प्रतीक होता है और इसे लगाने से बुरी नजर से बचाव होता है. बच्चों को विशेष रूप से काजल लगाने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित रही है. सरसों के तेल का दीपक और विघ्नहर्ता गणेश भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक का देवता माना जाता है. दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के साथ गणेश पूजन का विधान है. लक्ष्मी जी धन, वैभव और ऐश्वर्य प्रदान करती हैं, वहीं गणेश जी उस धन के सदुपयोग के लिए बुद्धि और विवेक देते हैं. ऐसे में गणेश जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना जीवन की बाधाओं को दूर करने और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की कामना का प्रतीक माना जाता है.