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‘ख्वाबों का हमसफर मिला…’ मनीष कश्यप ने किया प्यार का इजहार, कौन हैं अनुष्का?

 पटना 'हमसफर का साथ मिला है, अब जिंदगी का हर सफर खूबसूरत होगा. एक नई शुरुआत, नए सपनों के साथ…' बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप की निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हैं. इस बार वजह कोई चुनावी बयान या सोशल मीडिया पर उनका वीडियो नहीं, बल्कि एक फोटो है. मनीष और अनुष्का दोनों ने अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं. दोनों ने ही रोमांटिक अंदाज में कैप्शन भी लिखा है।  अनुष्का ने  यह तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि ख्वाबों में देखा था जिस खूबसूरत एहसास को… आज उस हमसफर के साथ एक नई कहानी दुनिया के सामने है. वहीं मनीष कश्यप ने लिखा है कि    'हमसफर का साथ मिला है, अब जिंदगी का हर सफर खूबसूरत होगा. एक नई शुरुआत, नए सपनों के साथ! इसके साथ उन्होंने अनुष्का और मनीष के नाम को दिल के निशान के साथ लिखा है. तस्वीर में दोनों ब्लैक शर्ट और ब्लू जींस में नजर आ रहे हैं. दोनों के जूते भी एक जैसे दिखाई दे रहे हैं।  रियलिटी शो में किया था 21 साल की गर्लफ्रेंड का जिक्र मनीष कश्यप की लव लाइफ की चर्चा अचानक शुरू नहीं हुई है. इससे पहले रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' के दौरान उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक खुलासा किया था. शो में मनीष ने बताया था कि उनकी एक गर्लफ्रेंड है. हालांकि, उस वक्त उन्होंने उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया था. अब अनुष्का के साथ सामने आई तस्वीर और उनके कैप्शन के बाद सोशल मीडिया पर लोग दोनों को उस पुराने खुलासे से जोड़कर देख रहे हैं।   कौन हैं अनुष्का, जिनके साथ आई तस्वीर अनुष्का शर्मा बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर इलाके की रहने वाली हैं. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. पढ़ाई के साथ वह छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही हैं. अनुष्का पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार भी रह चुकी हैं।   इंजीनियरिंग छोड़कर यूट्यूब से बनाई पहचान मनीष कश्यप का असली नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है. वह पश्चिम चंपारण जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने पुणे की सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. लेकिन इंजीनियरिंग में करियर बनाने के बजाय उन्होंने यूट्यूब और सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का रास्ता चुना. उनका 'सच टॉक' नाम का यूट्यूब चैनल काफी लोकप्रिय हुआ. बिहार से जुड़े मुद्दों और अपने अलग अंदाज में रिपोर्टिंग के चलते वह सोशल मीडिया पर चर्चित चेहरा बन गए. धीरे-धीरे उनकी पहचान सिर्फ एक यूट्यूबर तक सीमित नहीं रही और उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा।  बीजेपी से जन सुराज तक पहुंचा राजनीतिक सफर मनीष कश्यप का राजनीतिक सफर भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. अप्रैल 2024 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ली थी. बाद में उन्होंने बीजेपी छोड़कर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का दामन थाम लिया. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने पश्चिम चंपारण की चनपटिया विधानसभा सीट से जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली. चुनावी मैदान में हार के बाद अब उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी यह तस्वीर चर्चा में है. फिलहाल, अनुष्का की पोस्ट और उसके कैप्शन ने मनीष कश्यप की लव लाइफ को फिर सुर्खियों में ला दिया है. जिस गर्लफ्रेंड का जिक्र उन्होंने रियलिटी शो में किया था, क्या यह तस्वीर उसी रिश्ते की ओर इशारा करती है। 

सभा से पहले मनीष कश्यप का हंगामा! भाई से हाथापाई, कुर्सी फेंकी और मंच छोड़कर चले गए

चनटपटिया/पटना बिहार के पश्चिम चंपारण जिले की चनपटिया विधानसभा सीट से 2020 में निर्दलीय लड़कर हारे चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप 2025 में जन सुराज पार्टी से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। भाजपा छोड़कर जन सुराज में शामिल हुए कश्यप की टिकट को लेकर राज किशोर चौधरी से तकरार चल रही है, जो गुरुवार को प्रशांत किशोर की जनसभा से पहले खुलकर सामने आ गई। सभा के पंडाल में पोस्टर लगाने को लेकर मनीष के भाई करण कश्यप और चौधरी के समर्थकों में बहस हाथापाई में बदल गई। इससे गुस्साए मनीष कश्यप का पंडाल से कुर्सी फेंककर तमतमाते हुए निकलने का एक वीडियो वायरल है। वीडियो की पुष्टि लाइव हिन्दुस्तान नहीं करता है। गुरुवार को चनपटिया के कुड़ियाकोठी खेल मैदान में प्रशांत किशोर की जनसभा हुई थी। इससे पहले दोपहर करीब 12 बजे मनीष कश्यप और जन सुराज पार्टी के युवा जिलाध्यक्ष राज किशोर चौधरी के समर्थक पोस्टर-बैनर लगाने को लेकर आपस में ही भिड़ गए। वायरल वीडियो में दोनों के समर्थक आपस में उलझते और हाथापाई करते दिख रहे हैं। इस बात की खबर मिलने पर मनीष कश्यप भी वहां पहुंच गए और अपने समर्थकों को पोस्टर लगाने को कहा। इसके बाद राज किशोर चौधरी के समर्थकों और कश्यप के बीच कहासुनी होने लगी। तब मनीष कश्यप गुस्से से तिलमिलाते हुए कुर्सी फेंक सभा स्थल से निकले और गाड़ी में बैठकर चले गए। उसके बाद करण कश्यप भी चले गए। हालांकि बाद में जब प्रशांत किशोर की सभा हुई तो मंच पर मनीष कश्यप नजर आए और भाषण भी किया।

भाजपा छोड़ जनसुराज में शामिल हुए यूट्यूबर मनीष कश्यप: पटना के बापू सभागार में प्रशांत किशोर ने दिलाई सदस्यता

पटना चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने प्रशांक किशोर की जन सुराज का दामन थाम लिया है। सोमवार उन्होने जन सुराज पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान प्रशांत किशोर ने स्वागत करते हुए कहा कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की चाहत रखने वाले सभी लोगों को साथ आना चाहिए। जन सुराज ज्वाइन करने के मौके पर मनीष कश्यप ने कहा कि वो भाजपा में 13 महीने रहे। इस बार का चुनाव बिहार के भाग्य का चुनाव है। कश्यप ने दावा करते हुए कहा कि अगला 5 साल आपका होगा। बिहार की हकीकत आप सबको पता है। बिहार में कोई सुरक्षित नहीं है। बिहार को अगर सुरक्षित करना चाहते हैं तो जन सुराज की सरकार बनाए। इससे पहले मनीष कश्यप ने सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर, जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के साथ तस्वीरें शेयर की थी। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि 7 जूलाई को बापू सभागार। उन्होंने आगे लिखा, बुझी हुई आश जलाएंगे हम, घर-घर रोशनी पहुंचाएंगे हम, पलायन का दर्द मिटाएंगे हम, फिर से नया बिहार बनाएंगे हम। आपको बता दें बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मनीष चनपटिया सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। हालांकि, तब वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे। और तीसरे नंबर पर रहे थे। इस सीट से बीजेपी के उमाशंकर सिंह ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी मनीष कश्यप के चनपटिया सीट से ही चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई है। वहीं प्रशांत किशोर ऐलान कर चुके हैं कि जन सुराज बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी वैसे विवादों से मनीष कश्यप का पुराना नाता रहा है। हाल ही में पीएमसीएच में मनीष कश्यप की डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला छाया रहा था। इससे पहले सारण जिला प्रशासन ने 11 यूट्यूब चैनल पर FIR दर्ज की थी। जिन पर एकतरफा खबरें चलाने का आरोप है। इन चैनलों में मनीष कश्यप का नाम भी शामिल था। मनीष कश्यप पर कानूनी शिकंजा तब कसा था, जब तमिलनाडु में बिहार के लोगों के खिलाफ हिंसा को लेकर एक वीडियो सामने आया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये वीडियो मनीष ने फर्जी तरीके से अपने चैनल पर दिखाया है। जिसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने गलत बताते हुए केस दर्ज किया था। तमिलनाडु सरकार ने मनीष कश्यप पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की थी। तमिलनाडु में उसके खिलाफ 6 मामले दर्ज हुए थे। 9 महीने बाद मनीष को जेल से रिहाई मिली थी।