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झारखंड के किसानों की बढ़ेगी कमाई, बकरी से बतख पालन तक सरकारी सहायता

रांची
राज्य में मुख्यमंत्री पशुधन योजना से किसानों को अतिरिक्त आय हो रही है। पशुपालन विभाग की ओर से अब तक राज्य में 2.17 लाख लाभुकों को इसका लाभ दिया है, जिससे उनके जीवनयापन में सुधार आया है।

पूर्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पशुधन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र और नए किसानों तक पहुंचाने का निर्देश दिया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को बढ़ावा मिले। पशुपालन विभाग की ओर से इस योजना के तहत बकरी, सूकर, बतख, बैकयार्ड लेयर बर्ड, ब्रायलर बर्ड दिया जा रहा है।

वर्ष 2020-21 से अभी तक 217223 लाभुकों को योजना का राशि सीधे खाते में भेजी गई है। जबकि 179757 लाभुकों के बीच बकरी, सूकर, बतख सहित अन्य बर्ड का वितरण हुआ है।

एससी-एसटी को 90 प्रतिशत अनुदान
राज्य के एससी-एसटी किसानों को इस योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। दस प्रतिशत राशि किसान
को देनी होती है, जिसके बाद उसके खाते में राशि भेजी जाती है। सामान्य श्रेणी को उक्त योजना के तहत 75 प्रतिशत अनुदान मिलता है।

इसके लिए सबसे पहले ग्रामसभा की ओर से लाभुकों की सूची तैयार की जाती है। इसके बाद इसे ब्लाक लेवल कमेटी के पास भेजा जाता है। वहां से स्वीकृति के बाद इसे जिला पशुपालन पदाधिकारी और उपायुक्त के नेतृत्व में सूची को अनुमोदित करते हुए अंतिम सूची तैयार की जाती है।

योजनावार विवरण
1- बकरी पालन: कुल 1,02,101 के लक्ष्य के मुकाबले 84,317 लाभार्थियों को डीबीटी का लाभ दिया गया तथा 69,026 मामलों में बकरी का वितरण पूरा हो चुका है।
2- सूअर पालन: 19,549 के निर्धारित लक्ष्य में से 16,567 लाभार्थियों को डीबीटी और 13,769 को वितरण उपलब्ध कराया गया।
3- बैकयार्ड लेयर बर्ड: 11,394 के लक्ष्य के मुकाबले 9,219 लाभार्थियों तक डीबीटी राशि पहुंची और 5,325 को वितरण का लाभ मिला है।
4- ब्रायलर बर्ड: 22,827 के लक्ष्य पर 18,848 डीबीटी और 13,268 वितरण पूरा कर लिया गया है।
5- बतख पालन: इस क्षेत्र में सबसे अधिक 1,44,440 का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 88,272 लाभार्थियों को डीबीटी और 76,543 को वितरण दिया गया है।

वर्ष 2023-24 में सबसे ज्यादा मिला लाभ
विभाग की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-2024 में मुख्यमंत्री पशुधन योजना की प्रगति सबसे अच्छी रही, जहां इस वर्ष में कुल 59,894 लाभार्थियों को डीबीटी और 54,061 लाभार्थियों को वितरण का लाभ मिला। इस वित्तीय वर्ष (2025-2026) में भी अब तक 30,000 डीबीटी और 22,646 वितरण किया जा चुका है।

 

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