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जमशेदपुर के मानगो निकाय चुनाव में बन्ना और सरयू में सिंदूर पर महाभारत!

जमशेदपुर.

मानगो नगर निगम चुनाव के अखाड़े में अब विकास के मुद्दे आइसीयू में चले गए हैं, उनकी जगह एक चुटकी सिंदूर और व्यक्तिगत चरित्र हनन ने ले ली है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गुरुवार को पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के उन आपत्तिजनक आरोपों का चुन-चुनकर जवाब दिया, जिन्होंने शहर की राजनीति में भूचाल ला दिया था।

राय ने दो टूक कहा कि जो व्यक्ति हर नारी को केवल देह की दृष्टि से देखता हो, उससे मर्यादा की उम्मीद करना ही बेमानी है। सियासी दंगल में गुरुवार को सरयू राय के तेवर रुद्र नजर आए। उन्होंने बन्ना गुप्ता को अल्पज्ञानी बताते हुए कहा कि किसी महिला के चरित्र पर अंगुली उठाना अक्षम्य अपराध है। राय ने स्पष्ट किया कि मधु और उनका पूरा शिक्षित परिवार (माता, बेटा और बेटी) उनके साथ रहता है। उन्होंने कहा, मैं रामार्चा पूजा में बैठता हूं, पंडित पूजा कराते हैं और संकल्प के समय कई महिलाएं मौजूद रहती हैं। बन्ना की सोच इतनी विकृत है कि उन्हें पवित्र संकल्प में भी केवल पति-पत्नी का रिश्ता दिखता है। बेहुदगी की भी एक सीमा होती है।

सरयू राय ने बन्ना गुप्ता को आईना दिखाते हुए उनका वह अश्लील वीडियो याद दिलाया, जो विधानसभा चुनाव के कुछ दिन पहले रिलीज हुआ था। राय ने तीखा हमला करते हुए कहा, बन्ना गुप्ता को उस वीडियो वाली महिला को पत्नी के रूप में स्वीकार कर लेना चाहिए, क्योंकि सच्चाई सबके सामने है। जिसका अपना दामन दागों से भरा हो, वह दूसरों के सिंदूर और पूजा पर सवाल उठा रहा है। राय ने तंज कसा कि बन्ना गुप्ता मेयर पति बनकर नगर निगम के पैसों को लूटने की फिराक में हैं और इसी बौखलाहट में वे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।

दरअसल, इस विवाद की पटकथा बुधवार को बन्ना गुप्ता ने लिखी थी। एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बन्ना ने सरयू राय के निजी जीवन पर सीधा हमला करते हुए ''आपरेशन सिंदूर'' छेड़ा था। बन्ना ने सार्वजनिक रूप से पूछा था कि सरयू राय जिस महिला के साथ सालों से रामार्चा पूजा में पति-पत्नी के रूप में बैठते हैं, उनके सम्मान में अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ते? बन्ना ने व्यंग्य करते हुए कहा था कि अगर रिश्ता इतना ही गहरा है, तो सरयू राय उस महिला की मांग में सिंदूर क्यों नहीं भर देते और उन्हें समाज में पत्नी का दर्जा क्यों नहीं देते?

बन्ना ने राय पर दोहरा चरित्र जीने का आरोप लगाते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से इस रिश्ते को स्वीकार करने की चुनौती दी थी। अब मानगो की चुनावी जंग पूरी तरह व्यक्तिगत ईगो और चरित्र हनन की भेंट चढ़ चुकी है। एक तरफ बन्ना गुप्ता ने सिंदूर को हथियार बनाया, तो दूसरी तरफ सरयू राय ने नैतिकता और पुराने वीडियो के जरिए पलटवार किया।

मानगो की राजनीति में अब कीचड़ इतना गहरा हो गया है कि जनता विकास के कम और विवादों के चर्चे ज्यादा कर रही है। अब देखना यह है कि मानगो की महारानियों की इस लड़ाई में यह व्यक्तिगत हमला किसे ले डूबता है।

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