samacharsecretary.com

रील के चक्कर में मौत का खेल! दिल्ली स्कॉर्पियो केस से दहली राजधानी, परिवार की इंसाफ की गुहार

नई दिल्ली
दिल्ली के द्वारका इलाके में पिछले दिनों हुए दर्दनाक हादसे से हर कोई सन्न है। एक नाबालिग के रील बनाने का जुनून 23 साल के साहिल की जान पर भारी पड़ गया। घटना उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार एसयूवी एक टैक्सी और बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर मौजूद साहिल धनेश्वा की मौके पर ही मौत हो गई।

दिल्ली के द्वारका इलाके में पिछले दिनों हुए स्कॉर्पियों कांड से हर कोई सन्न है। एक नाबालिग के रील बनाने का जुनून 23 साल के साहिल की जान पर भारी पड़ गया। घटना उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार एसयूवी एक टैक्सी और बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर मौजूद साहिल धनेश्वा की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में अब खुलासे हो रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक जिस एसयूवी से इतना बड़ा हादसा हुआ, वो एक 17 साल का नाबालिग चला रहा था। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था और गाड़ी पर पहले से ही ओवरस्पीडिंग के कई चालान थे।

जानकारी के मुताबिक आरोपी अपनी बहन के साथ मौजूद था और हादसे के वक्त रील बना रहा था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें हादसे के वक्त आरोपी अपनी बहन के साथ रील बनाते नजर आ रहा है।

मां का क्या आरोप?
अब इस मामले में मृक की मां इन्ना माकन ने न्याय की गुहार लगाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि आरोपी स्टंट मारते हुए गाड़ी चला रहा था। उसे गाड़ी चलानी भी नहीं आती थी और ना ही उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस था। उन्होंने बताया कि आरोपी अपनी बहन के साथ स्कॉर्पियो में रील बनाने निकला था और गलत लेन में स्टंट कर रहा था। इस दौरान वह बस के सामने आ गया। उन्होंने आगे कहा कि टक्कर के बाद भी एसयूवी ड्राइवर ने ब्रेक नहीं लगाए।

इस हादसे में बस और पास में खड़ी टैक्सी को भारी नुकसान हुआ। इन्ना माकन ने कहा कि रील बनाने के जुनून और रईस मां-बाप की शह ने उनके बेटे की जान ले ली। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार चालान कटने के बावजूद पिता ने नाबालिग को गाड़ी चलाने से क्यों नहीं रोका। उन्होंने कहा कि यह उस मानसिकता का परिणाम है जहां अमीर लोग समझते हैं कि वे पैसे के दम पर कानून को अपनी जेब में रख सकते हैं। वीडियो में मां ने कहा कि आरोपी स्टंट बनाने के लिए घर से निकला और मेरे बेटे को उड़ा दिया। उन्होंने ये भी बताया कि वह एक सिंगल मदर हैं और उन्होंने 23 साल से अपने बेटे को अकेले ही पाला है।

विदेश जाने वाला था साहित
साहिल की मां ने कहा, मेरा बेटा बीबीए का छात्र था, लास्ट ईयर में था और उसका आखिरी सेमेस्टर चल रहा था। कुछ ही महीनों में उसे विदेश जाना था। उसका कॉल लेटर आ चुका था और वह खूब मेहनत कर रहा था। मैंने मीडिया को सब कुछ बता दिया है। मैं इस कानून को स्वीकार नहीं करती और न ही कभी करूंगी। चाहे जो भी हो, इसे हम पर थोपा नहीं जा सकता। कानून व्यवस्था जनता के लिए है। इसे जनता पर थोपा नहीं जा सकता। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

कानूनी कार्रवाई की बात करें तो दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी नाबालिग को घटना स्थल से ही पकड़ लिया गया था और उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे प्रेक्षण गृह भेज दिया गया। हालांकि, 10 फरवरी 2026 को बोर्ड ने उसकी 10वीं की परीक्षाओं को आधार मानते हुए उसे अंतरिम जमानत दे दी है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल तीनों वाहनों को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच जारी है।

कैसे हुआ हादसा
घटना 3 फरवरी की है। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में मंदो कारों और एक बाइक की टक्कर में 23 वर्षीय मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि एक टैक्सी ड्राइवर घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि शुरुआती जांच के अनुसार, एसयूवी गुरुद्वारे की दिशा से आ रही थी, जबकि मोटरसाइकिल विपरीत दिशा से आ रही थी। एसयूवी और मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद, एसयूवी सड़क किनारे खड़ी टैक्सी से टकरा गई।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here