samacharsecretary.com

सिडनी में हरियाणा के मां-बेटे की जोड़ी ने शूटिंग में जमाई धाक

भिवानी.

हरियाणवी हुनर विदेशों में खुद को साबित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग में एक साथ उतरने वाली हरियाणवी मां और बेटे की यह जोड़ी प्रदेश और देश का नाम विदेशी धरती पर चमका रही है। सिडनी इंटरनेशनल शूटिंग सेंटर में 20 से 22 फरवरी तक हुए सिडनी कप प्रथम में हरियाणवी मां सुनैना सांगवान और बेटे सामर्थ्य सांगवान ने टाप टेन में जगह बनाकर शूटिंग प्रेमियों के दिलों में जगह बनाई है।

शहर की इंदिरा कालोनी निवासी सुनैना सांगवान ने 10 मीटर एयर पिस्टल महिला वर्ग–2 व्यक्तिगत स्पर्धा में 534 अंक अर्जित कर 11 प्रतिभागियों के बीच 9वां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपनी छह सीरीज में 88, 89, 88, 93, 89 और 87 अंक हासिल किए। वहीं 10 मीटर एयर पिस्टल पुरुष वर्ग के क्वालिफिकेशन राउंड में सुनैना सांगवान के बेटे सामर्थ्य सांगवान ने उत्कृष्ट निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 541 अंक अर्जित कर प्रतियोगिता में 10वां स्थान हासिल किया। कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा। निशानेबाजी सिखाने मां अपने बेटे के साथ जाते-जाते खुद भी कब निशानेबाज बन गई उनको पता ही नहीं चला। सामर्थ्य सांगवान पूर्व सांसद जंगबीर सिंह की बहन के पोते हैं। सामर्थ्य के दादा सज्जन सांगवान बताते हैं कि इंजीनियर बेटे प्रवीण सांगवान वर्ष 2016 में नौकरी के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया चले गए थे।

सुनैना सांगवान बेटे के साथ आती थी। उन्होंने खुद भी शूटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया। अब वह निशानेबाजी में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है। दोनों मां बेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर स्टीक निशाना लगा कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। 
– प्रदीप बेनीवाल कोच एवं निदेशक, लक्ष्य स्पोर्ट्स शूटिंग एकेडमी

    बहू और पोते की उपलब्धि ने मेरा सीना चौड़ा किया है। मुझे उन पर गर्व है। दोनों की इस उपलब्धि पर परिवार में भी खुशी का माहौल है। 
– सज्जन सांगवान, दादा

    हरियाणवी चाहे दुनिया में कहीं भी हों, अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा ही लेते हैं। मां-बेटे का अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में खेलना ही अपने आप में बेमिसाल है। सुनैना और उनके बेटे सामर्थ्य ने यह साबित किया है कि उनका निशाना चिड़िया की आंख है। आने वाले समय में मां-बेटा की यह जोड़ी कमाल जरूर करेगी।
– एडवोकेट राजनारायण पंघाल, खेल प्रेरक

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here