samacharsecretary.com

ऑस्ट्रेलिया ओपन में अल्काराज और सबालेंका ने चौथे दौर में बनाई जगह, अल्काराज की टक्कर अब टॉमी से

मेलबर्न
 विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के तीसरे दौर में कोरेंटिन माउटेट पर जीत दर्ज की. स्पेन के 22 वर्षीय अल्काराज यहां करियर ग्रैंडस्लैम की कोशिश में जुटे हैं उन्होंने 32वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी माउटेट से मिली चुनौती से निपटते हुए 6-2, 6-4, 6-1 से जीत दर्ज की.

अल्काराज ने कोर्ट पर टीवी इंटरव्यू में कहा, ‘जब आप कोरेंटिन जैसे किसी खिलाड़ी के साथ खेलते हैं तो आपको नहीं पता होता कि आगे क्या होने वाला है. जैसा कि आप देख सकते हैं, हम दोनों ने शानदार शॉट्स लगाए. शानदार अंक जुटाए.’

अल्काराज अब रविवार को दुनिया के 19वें नंबर के खिलाड़ी टॉमी पॉल से भिड़ेंगे, जिन्होंने एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के चोट के कारण रिटायर होने के कारण अगले दौर में प्रवेश किया. पॉल ने पहले दो सेट 6-1, 6-1 से अपने नाम कर लिए थे.

महिलाओं के एकल में शीर्ष रैंकिंग की खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने अनास्तासिया पोटापोवा को 7-6 (4), 7-6 (7) से हराया. सबालेंका चार साल में अपना तीसरा ऑस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीतने की कोशिश कर रही हैं.

सबालेंका ने 2023 और 2024 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब जीता और एक साल पहले वह मैडिसन कीज से हारकर उपविजेता रही थीं. सबालेंका ने दो बार अमेरिकी ओपन भी जीता है.

अब चौथे दौर में सबालेंका का सामना उभरती हुई स्टार विक्टोरिया म्बोको के खिलाफ होगा, जिन्होंने 14वीं वरीयता प्राप्त क्लारा टौसन को 7-6 (5), 5-7, 6-3 से हराया.

पुरुषों के अन्य मुकाबलो में दानिल मेदवेदेव ने दो सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए फैबियन मारोजसन पर 6-7 (5), 4-6, 7-5, 6-0, 6-3 से जीत हासिल की. यह पांचवीं बार है, जब मेदवेदेव ने 0-2 से पिछड़ने के बाद ग्रैंड स्लैम मैच जीता है.

2021 के अमेरिकी ओपन चैंपियन और तीन बार के ऑस्ट्रेलियाई ओपन उप विजेता मेदवेदेव अब अमेरिकी खिलाड़ी लर्नर टिएन से भिड़ेंगे, जिन्होंने उन्हें पिछले साल यहां दूसरे दौर के पाच सेट चले मैच में हराया था. 25वीं वरीयता प्राप्त टिएन ने नूनो बोर्गेस को 7-6 (9), 6-4, 6-2 से हराकर चौथे दौर में जगह बनाई.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here