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अमृतसर से आई IT टीम ने भोपाल में मारा छापा, MP के धनकुबेर के ठिकानों पर कार्रवाई जारी

भोपाल
करीब 3,800 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक, देश के साथ विदेशों में करीब 17 राज्यों में काम कर रही कंपनी ' दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड' पर आयकर का छापा पड़ा है। मध्यप्रदेश के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति दिलीप सूर्यवंशी के यहां छापा पड़ने से सनसनी मच गई है। कंपनी के चेयरमैन और एमडी दिलीप सूर्यवंशी ने वर्ष 1987 में कंपनी की शुरुआत की थी, जो कि अब मध्यप्रदेश के साथ ही देश की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है।

सोमवार सुबह से शुरु हुई कार्रवाई
आयकर विभाग द्वारा छापामार कार्रवाई सोमवार सुबह से ही शुरू हो गई थी, लेकिन आयकर विभाग ने रात में अधिकृत जानकारी दी। विभाग ने सोमवार सुबह दिलीप बिल्डकॉन (DBL) और उससे जुड़े सहयोगियों के ठिकानों पर रेड मारी है। खास बात यह है कि आयकर विभाग की यह टीम पंजाब के अमृतसर से आई और भोपाल में दो जगहों पर दस्तावेज खंगाले। अमृतसर से आई टीम ने इस छापेमारी में भोपाल के विभागीय अफसरों को साथ नहीं लिया है।

दिलीप बिल्डकॉन को भी आईटी ने कार्रवाई का कारण नहीं बताया अमृतसर इनकम टैक्स की ओर से भोपाल में दिलीप बिल्डकॉन पर की जा रही छापे की कार्रवाई को लेकर कंपनी को कोई जानकारी नहीं दी गई है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि आयकर विभाग ने अभी तक ये नहीं बताया कि वे कंपनी के कैम्पस में क्यों आए हैं। हम भी इस बात की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं कि इस कार्रवाई से हमारा कोई संबंध है या नहीं। बीते कुछ समय से कुछ कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर आयकर की कार्रवाई हुई है। इसलिए हो सकता है कि भोपाल में दिलीप बिल्डकॉन पर आईटी की कार्रवाई उन्हीं से संबंधित हो। हालांकि इनकम टैक्स की ओर से अब तक कोई बयान भी इस कार्रवाई के संबंध में अब तक जारी नहीं किया गया है।

यहां भी पड़े छापे
दिलीप सूर्यवंशी के चूनाभट्‌टी स्थित दफ्तर और अरेरा कॉलोनी के दफ्तर सहित अन्य जगहों पर छापे की खबर भी सूत्रों ने दी है। पंजाब के चंडीगढ़ रीजन के आयकर विभाग के अनुसार देर रात तक सर्चिंग जारी थी। टीम ने एमपी एसएएफ की मदद ली है। लोकल पुलिस या केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नहीं बुलाया। यह कार्रवाई मंगलवार तक जारी रह सकती है। फिलहाल कंपनी ने कितना टैक्स चोरी की है, इसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई है। टीम ने धार जिले के पीथमपुर में आर्निल टेक्नोक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर भी छापा मारा है। यह कंपनी दिलीप बिल्डकॉन ग्रुप से जुड़ी हुई बताई जा रही है।

कंपनी फिलहाल भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट समेत देशभर में हजारों करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर, हाइवे, रेलवे और सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। हाल ही में कंपनी को केरल और गुरुग्राम में भी बड़े निर्माण कार्यों के ठेके मिले हैं।

दिलीप सूर्यवंशी ने 1988 में दिलीप बिल्डकॉन की स्थापना की थी। शुरुआती दौर में कंपनी ने छोटे सरकारी भवनों और पेट्रोल पंपों के निर्माण का कार्य किया। बाद में 1995 में इंजीनियर देवेंद्र जैन कंपनी से जुड़े, जो वर्तमान में इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

कंपनी को 1993-94 में पहला बड़ा प्रोजेक्ट मिला जिसकी लागत मात्र चार करोड़ रुपये थी, लेकिन 2007 से 2010 के बीच अहमदाबाद–गोधरा हाईवे के लगभग 1000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट ने दिलीप बिल्डकॉन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। आज कंपनी का नेटवर्क 17 राज्यों तक फैला है और इसकी अनुमानित संपत्ति करीब 3,800 करोड़ रुपये आंकी गई है।

आयकर विभाग की टीम अब सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स और ट्रांजैक्शंस की विस्तृत जांच कर रही है।

बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही कंपनी
आपको बता दें कि दिलीप बिल्डकॉन के पास भोपाल मेट्रो रेल का ठेका है। गुरुग्राम मेट्रो का काम दिलीप बिल्डकॉन और रंजीत बिल्डकॉन को 1,503.63 करोड़ में मिला है, जिसमें मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 26.65 किमी के कॉरिडोर में वायडक्ट और 14 एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण शामिल है। कंपनी को हाल ही में केरल में बड़ा प्रोजेक्ट मिला है।

पहले भी पड़ चुके छापे
बता दें कि दिलीप बिल्डकॉन का कंस्ट्रक्शन का काम है। कंपनी देशभर में हाईवे और रेल प्रोजेक्ट से जुड़े ठेके लेती है। दिलीप सूर्यवंशी ने वर्ष 1988 में कंपनी बनाई जो कि पहले छोटे रिहायशी प्रोजेक्ट, सरकारी इमारतों और पेट्रोल पंपों का निर्माण करती थी। वर्ष 1995 में 21 वर्षीय इंजीनियर देवेंद्र जैन को काम पर रखा जो कि अब कंपनी में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। सीबीआई की दिल्ली की टीम ने करीब चार साल पहले दिलीप बिल्डकॉन के साउथ इंडिया में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को रिश्वत देते हुए पकड़ा था। तब भी दिलीप बिल्डकॉन के ऑफिस और घर पर छापा मारा था।

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