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‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक

भोपाल 

मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल शासकीय सेवाओं के वितरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि सेवा, पोषण, सीखने, सहभागिता और सम्मान के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी ‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश के सभी 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन होगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया ने मंगलवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के अधिकारियों को अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हर आंगनवाड़ी बने सेवा, पोषण और सम्मान का केंद्र

मंत्री सु भूरिया ने कहा कि ‘आंगन मिलन सेवा’ को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे समुदाय और आंगनवाड़ी के बीच मजबूत जुड़ाव का माध्यम बनाया जाए। अभियान का मूल उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, माताओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा अन्य हितग्राहियों तक पोषण, स्वास्थ्य और कल्याण सेवाओं की नियमित एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर ऐसा वातावरण निर्मित किया जाए, जिसमें सेवा के साथ सम्मान और जनभागीदारी भी दिखाई दे।

माताओं-बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और संवाद पर विशेष फोकस

अभियान के प्रथम दिवस बाल स्वास्थ्य और आनंदमयी गतिविधियों पर विशेष जोर रहेगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों की गतिविधियां, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के संदेशों का वाचन तथा डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा कार्यकर्ता का सम्मान भी किया जाएगा। इसके साथ ही 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों की माताओं, गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा महिला हितग्राहियों से संवाद होगा। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गर्भावस्था एवं प्रसवोत्तर देखभाल, संतुलित आहार, एनीमिया, स्तनपान और शिशु देखभाल जैसे विषयों पर पोषण संवाद आयोजित होंगे। बच्चों को फल एवं मिठाई का वितरण भी किया जाएगा।

‘मेरी कहानी, मेरी सफलता’ बताएगी योजनाओं के प्रभाव की कहानी

अभियान के द्वितीय दिवस को ‘मेरी कहानी, मेरी सफलता’ की थीम पर लाभार्थी संवाद आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं और परिवारों के अनुभव सामने लाए जाएंगे। लाभार्थी माताओं को अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा करने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, टेक होम राशन, गर्म पका भोजन, पोषण सेवाओं सहित महिला एवं बाल कल्याण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी सरल एवं बोलचाल की भाषा में दी जाएगी।

जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश

महिला एवं बाल विकास मंत्री सु भूरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जनप्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित कर उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित गतिविधियों की शोभा बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, विभागीय अमले और समुदाय की सहभागिता से अभियान को व्यापक जन-अभियान का स्वरूप दिया जाए।

सफलता की कहानियां बनेंगी अभियान की पहचान

मंत्री सु भूरिया ने अभियान की प्रभावी रिपोर्टिंग और दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया। प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर कार्यक्रम के फोटो और वीडियो तैयार करने तथा कम से कम एक सफलता की कहानी पर वीडियो निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सफलता की कहानियों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी एवं लाड़ली बहना योजना, पोषण सेवाओं, कुपोषण से सामान्य श्रेणी में आए बच्चों, पीएम जनमन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान क्षेत्र के हितग्राहियों, स्पॉन्सरशिप, पीएम केयर्स, मुख्यमंत्री बाल कोविड सेवा योजना तथा सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़े अनुभवों को प्रमुखता दी जाएगी।

‘आशीर्वाद का दीया’ के बाद अब ‘आंगन मिलन सेवा’ में भी व्यापक जनभागीदारी का आह्वान

मंत्री सु भूरिया ने कहा कि 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय जनभागीदारी दर्ज की है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से आह्वान किया कि आगामी ‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान में भी पूरे मनोयोग और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए प्रदेश की जनभागीदारी को नई ऊंचाई दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी अभियान को अपनी जिम्मेदारी मानकर कार्य करे और यह सुनिश्चित करे कि हर आंगनवाड़ी केंद्र पर कार्यक्रम प्रभावी और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित हो।

9 और 10 अक्टूबर को ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ का विशेष आयोजन

‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेश में आगे भी जनभागीदारी आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी। 9 एवं 10 अक्टूबर को ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झाबुआ और आलीराजपुर में बड़े मैदानों पर मानव रंगोली का निर्माण किया जाएगा। इसमें व्यापक जनभागीदारी के साथ सेवा, राष्ट्रभाव और विकसित भारत के संकल्प को अभिव्यक्त किया जाएगा।

प्रतिदिन होगी मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग

अभियान के दौरान जिलों से प्रगति, प्रमुख उपलब्धियों तथा उच्च गुणवत्ता वाले फोटो एवं वीडियो सहित जानकारी प्रतिदिन शाम 4 बजे तक राज्य स्तर पर भेजी जाएगी। मैदानी अमला आवश्यकता के अनुसार लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा शिक्षा विभाग से समन्वय करेगा। कार्यक्रमों की गुणवत्ता, SOP के अनुपालन और दस्तावेजीकरण की जिला स्तर पर निगरानी की जाएगी।

 

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