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धार्मिक जुलूस पर हमला: बुरहानपुर में तनाव, 10 युवकों पर केस दर्ज

बुरहानपुर
नेपानगर थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में गुरुवार को पूरी तरह शांति बनी रही। लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में शांति पूर्ण तरीके से माता की मूर्तियों का विसर्जन किया। पुलिस ने मूर्ति विसर्जन जुलूस पर पथराव करने के आरोप में गांव के दस लोगों पर छह धाराओं में केस दर्ज किया है। इनमें से तीन को नेपानगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

बता दें कि बुधवार शाम जवारा और माता मूर्ति विसर्जन के दौरान लाउड स्पीकर बजाने को लेकर धर्म विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया था, जिससे दुर्गोत्सव समित के एक पदाधिकारी का सिर फूट गया था। मां दुर्गा की छोटी मूर्ति खंडित हो गई थी। इसके बाद विहिप बजरंग दल के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नावरा पुलिस चौकी का घेराव कर दिया था।
 
सूचना मिलने पर नेपा विधायक मंजू दादू, कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार सहित अन्य पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे थे। भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण रात करीब एक बजे तक गांव छावनी में तब्दील था। मामला शांत होने के बाद भी कुछ पुलिस कर्मियों को गांव में अब भी तैनात किया गया है।

इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला
    नेपानगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी इरफान खान, लड्डू खान, शाकिर गुलाब, मुख्तयार लियाक़त, जलील रमजान, खालिक मोहम्मद, इलियास इशाक, अकील खान, हमिद हुसैन, सोएब सभी निवासी नयाखेड़ा के खिलाफ धारा 190, 191(2), 296, 299, 351(3) और 115(2) के तहत केस दर्ज किया है।

रात में कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रामीणों को समझाइश देकर जवारों का विसर्जन कराया गया। खंडित मूर्ति को गुरुवार को प्रशासन के मौजूदगी में विसर्जित किया गया। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार का कहना है कि शांति भंग करने वाले आरोपितों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

नदीम किराना के पास हुई घटना
    मुख्य शिकायतकर्ता मुकेश कीर ने पुलिस को बताया कि दोपहर बाद जैसे ही माता की मूर्ति और जवारे नदीम किराना दुकान के पास पहुंचे, इरफान खान ने गालियां देते हुए लाउड स्पीकर बंद करने के लिए कहा। मना करने पर उसने पत्थर चलाना शुरू कर दिया।
    उसके बाद उसने समाज के अन्य लोगों को बुला लिया और सभी ने पथराव शुरू कर दिया। आरोपियों ने उसके पिता ओमप्रकाश कीर से भी मारपीट की। इस दौरान दीपेश चौहान, शंकर चौहान सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

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