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मांगों को लेकर नर्सों की हड़ताल शुरू, महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

मुंबई महाराष्ट्र में सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा गए हैं। राज्यभर की 30,000 से अधिक नर्सें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई हैं। नर्सों के इस सामूहिक आंदोलन से सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। नर्सों की यह हड़ताल महाराष्ट्र राज्य नर्सेज एसोसिएशन के नेतृत्व में की जा रही है। एसोसिएशन का कहना है कि सातवां वेतन आयोग लागू होने के बावजूद वेतन विसंगतियां दूर नहीं की गई हैं, जिससे हजारों नर्सों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे पहले, 15 और 16 जुलाई को मुंबई के आजाद मैदान में राज्यभर से आई नर्सों ने दो दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था। प्रशासन से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण अब नर्सों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुना है।  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार हड़ताल को समाप्त करने के लिए प्रयास कर रही है और जल्द ही नर्सेज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की संभावना है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की देखभाल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि नर्सिंग स्टाफ की गैरमौजूदगी से सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है। नर्सों की मांगों में वेतन विसंगतियों को दूर करने के अलावा पदोन्नति, कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं और सेवा शर्तों में सुधार जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। हड़ताल कब तक चलेगी, इसका फिलहाल कोई अंदाजा नहीं है।  

तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: ईरान में बस दुर्घटना में 21 मरे, 34 घायल

तेहरान ईरान से एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, ईरान के दक्षिण में एक बस के पलट जाने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। वहीं, इस घटना में 34 लोगों के मारे जाने की खबर है। बता दें कि फार्स प्रांत के आपातकालीन संगठन के प्रमुख मसूद आबेद ने बताया कि प्रांत की राजधानी शिराज के दक्षिण में हुई इस दुर्घटना में 34 अन्य लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी वहीं, इस घटना को लेकर फार्स प्रांत के आपातकालीन संगठन के प्रमुख मसूद आबेद ने कहा कि घटना के बाद युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के बाद अतिरिक्त जानकारी और अंतिम आंकड़े घोषित किए जाएंगे। बस हादसे के वजहों की तलाश जारी गौरतलब है कि इस बस हादसे के पीछे की वजहों को तलाशने का काम जारी है। बता दें कि हर साल ईरान में सड़क और सड़क दुर्घटनाओं में 17000 से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। माना जाता रहा है कि सुरक्षा उपायों की अनदेखी, पुराने वाहनों के उपयोग और अपर्याप्त आपातकालीन सेवाओं के कारण यह दुर्घटनाएं हुई हैं।  

कलेक्टर ने व्हीसी के माध्यम से की बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा

राजस्व अधिकारी अतिवृष्टि बाढ़ से प्रभावित परिवारो का सर्वे कर समय पर कराये राहत राशि का वितरतण :  शुक्ला   सिंगरौली जिले में हो रही भारी बारिस को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला ने व्हीसी के माध्यम से राजस्व अधिकारियो के साथ बाढ़ आपदा प्रबंधन की समीक्षा। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले ऐसे परिवार जिन्हे अतिवृष्टि बाढ़ के कारण जान माल की क्षति हुई ऐसे परिवारो का सर्वे कर उन्हे निर्धारित समय सीमा के अंदर राहत राशि का वितरण कराये।      कलेक्टर शुक्ला ने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो की लगातार मानीटरिंग करते रहे। अपना सूचना तंत्र मजबूत रखे ताकि बाढ़ आपदा के समय हर पल की जानकारी लगातार मिलती रहे। उन्होने उपखण्ड अधिकारी चितरंगी को सोन नदी के आस पास वाले गावो की लगतार निगरानी रखने के साथ अपादा के दौरान नगारिको को सुरंक्षित स्थानो पर ले जाने के लिए सभी तैयारिया रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बाढ़ आकाशीय बिजली , सर्प दंश सहित अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओ से पिड़ित व्यक्तियो के परिजनो को शासन के नियामनुसार तत्काल राहत राशि का वितरण कराये। निचले क्षेत्रो वाले बस्तियो गावो की जानकारी हर समय मिल सके इस हेतु ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित गाव में रहने वाले कम से कम चार लोगो का मोबाईल नम्बर अपने पास रखे। कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ के समय जो पुल पुलिया जलमग्न हो जाती है उन्हे चिन्हित कर उनके दोनो किनारो में बोर्ड लगाकर  संदेश लिखवाये कि जलमग्न होने पर पुल या पुलिया से आवागमन बिलकुल न करे साथ ही जानकारी प्राप्त होते पुल पुलियो के दोनो ओर बैरिकेंटिग भी कराये।  कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि अपने अपने क्षेत्रो के विद्यालय भवनो सहित शासकीय भवनो का सर्वे कराये कि वे जर्जर हालत मे तो नही यदि भवन जर्जर हालत में मरम्मत कराने योग्य नही है तत्काल उनको डिसमेंटल करने की कार्यवही करे। साथ ही ऐसे स्थल जहा पर जल भराव की समस्या बनी रहती है ऐसे स्थलो को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए कि बाढ़ आपदा के दौरान अपने क्षेत्रो में होने वाली जानमाल के क्षति की जानकारी से प्रत्येक दिवस शांय के समय दिया जाना सुनिश्चित करे। बैठक के दौरान संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, एसडीएम सिंगरौली सृजन बर्मा, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र द्विवेदी, तहसीलदार सविता यादव, जान्हवी शुक्ला सहित अन्य राजस्व अधिकारी व्हीसी के माध्यम से बैठक में शामिल रहे।

गरीब रथ के इंजन में भीषण आग, लोको पायलट ने समय रहते रोक ली बड़ी दुर्घटना

जयपुर राजस्थान में शनिवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया जबकि गरीब रथ एक्सप्रेस (12216) के इंजन में अचानक आग लग गई। यह घटना 19 जुलाई की सुबह करीब 3 बजे सेंदड़ा (ब्यावर) रेलवे स्टेशन के पास हुई, जब ट्रेन मुंबई के बांद्रा स्टेशन से दिल्ली के सराय रोहिल्ला जा रही थी। जानकारी अनुसार ट्रेन में उस वक्त 500 से अधिक यात्री सवार थे। लोको पायलट को इंजन के पिछले हिस्से से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ट्रेन को रोका और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेल अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई और राहत कार्य शुरू कर दिए गए। रेलवे प्रवक्ता के अनुसार प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से हो सकता है। राहत की बात यह रही कि आग डिब्बों तक नहीं पहुंची और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसी के साथ रेल प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। साथ ही, प्रभावित इंजन को हटाकर ट्रैक को साफ किया जा रहा है। रूट को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अन्य ट्रेनों को कम गति से वहां से निकाला गया है। गौरतलब है कि यह गरीब रथ एक्सप्रेस रात 11:30 बजे आबू रोड से रवाना होकर सुबह 3:45 बजे अजमेर पहुंचती है। सेंदड़ा स्टेशन ट्रेन का आधिकारिक स्टॉप नहीं है, लेकिन घटना के समय ट्रेन की रफ्तार कम होने के चलते लोको पायलट ने सूझबूझ से बड़ा हादसा टाल दिया। रेलवे विभाग ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और इंजन में लगी आग की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी।  

AI साफ्टवेयर का उपयोग कर मां शारदा देवी मंदिर में ब्लास्ट की झूठी अफवाह फैलाने वाला भेजा गया जेल

मैहर पुलिस अधीक्षक मैहर सुधीर कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन एवं चंचल नागर अपुअ, महेन्द्र सिंह चौहान सीएसपी मैहर के मार्गदर्शन में निरीक्षक अनिमेष दिवेदी थाना प्रभारी कोतवाली मैहर के नेतृत्व में मिली सफलता वीडियो वायरल होने के महज 12 घंटों के अंदर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। विवरण – दिनांक 18.07.2025 को विभिन्न व्हास्ट्सप ग्रुपों एवं सोशल मीडिया में मां शारदा देवीजी मंदिर मैहर में प्रवेश द्वार पर आतंकवादी हमला (ब्लास्ट) होने एवं कुछ श्रद्धालुओं के हताहत होने की वीडियो वायरल होने पर करीबन 40 लाख से अधिक सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा वीडियो देखा गया तथा उक्त कथित भ्रामक वीडियो के संबंध में लोगों में काफी आक्रोश देखा गया जिस पर कार्यालय अधीक्षक मां शारदा देवी मंदिर मैहर द्वारा थाना मैहर मे अज्ञात व्यक्ति के द्वारा अपने फेसबुक अकाउंट से उक्त झूठी ब्लास्ट होने की वीडियो वायरल किये जाने व लोगो की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाये जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई जिस पर थाना कोतवाली मैहर मे अपराध धारा 192, 299, 351(1) बीएनएस का पंजीबद्ध कर आरोपी द्वारा वीडियों वायरल हेतु उपयोग किये गये फेसबुक अकाउंट के संबंध में जांच की गई जो आरोपी दीपांशु गुप्ता निवासी सीधी का पाये जाने पर आरोपी उपरोक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक मैहर द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा 12 घंटे के अंदर पकड़ा गया जिसने पूंछताछ पर AI साफ्टवेयर का उपयोग कर देवीजी शारदा मंदिर में ब्लास्ट की झूठी वीडियो बनाकर वायरल करना बताया। जिस पर आरोपी का वीडियो वायरल में प्रयुक्त REAL ME कंपनी का एन्ड्राइड मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी दीपांशु गुप्ता पिता दिनेश गुप्ता 19 वर्ष निवासी पोंडी थाना मझौली जिला सीधी को गिरफ्तार कर पेश न्यायालय किया गया है। जप्ती विवरणः- भ्रामक वीडियो बनाने एवं वायरल करने में प्रयुक्त REAL ME कंपनी का एन्ड्राइड मोबाइल फोन कीमती 15 हजार रु. नाम पता गिरफ्तार आरोपीः- दीपांशु गुप्ता पिता दिनेश गुप्ता 19 वर्ष निवासी पोंडी थाना मझौली जिला सीधी सराहनीय भूमिकाः- निरीक्षक अनिमेष दिवेदी थाना प्रभारी कोतवाली मैहर, सउनि अरविन्द दिवेदी, सउनि पुष्पेन्द्र सिंह, प्रआर पुष्पेन्द्र वर्मा, आर. आशुतोष यादव, संजय तिवारी, शिवम तिवारी एवं सायवर सेल मैहर से आर. संदीप सिंह, सुशील दिवेदी की रही है।

राजस्थान में मानसून का जलवा, मंत्री ने कहा – गिरिराज महाराज का आशीर्वाद बरसा

जोधपुर राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल राज्य में लगातार हो रही बारिश से खुश हैं। राजस्थान में इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक दी है। जलस्रोतों में बहाव लौट आया है, नदियां-नाले उफान पर हैं और किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने अच्छी बरसात पर अपनी खुशी जाहिर की है। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने बारिश को ‘गिरिराज महाराज की कृपा’ बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रार्थना को गिरिराज महाराज ने स्वीकार किया है, जिसकी बदौलत इस बार प्रदेश में मानसून जल्दी और जोरदार आया है। जोधपुर प्रवास के दौरान मीडिया से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, “इस बार इंद्रदेव राजस्थान पर मेहरबान हैं। जब राज्य में पानी की समस्या रही, तब गिरिराज महाराज से प्रार्थना की थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गुहार को गिरिराज महाराज ने सुना। गिरिराज महाराज की कृपा हुई और इस बार मानसून 9-10 दिन पहले आया। लगभग पूरे राजस्थान में यह बारिश देखने को मिली है। पहले के मुकाबले इस बार जुलाई में 170 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज हुई है।” इस दौरान मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रदेश की जनता से भी खास अपील की। उन्होंने कहा, “पूरे प्रदेश में नदी-नाले उफान पर हैं। मैंने लूणी और पाली विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। लोगों से आग्रह है कि वे इन उफनती नदियों और नालों के पास न जाएं और पूरी सावधानी बरतें। हाल ही में अरना झरना क्षेत्र में एक जनहानि भी हो चुकी है। सभी लोग सावधानी बरतें। पशुओं की भी सावधानी रखें।” राज्य में कुछ जगह जलभराव की समस्याओं पर मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि जलभराव की समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम और जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) लगातार प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मंत्री पटेल ने जोधपुर के दो प्रमुख नालों (बनाड़ नाला और भैरव नाला) के निर्माण कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इन नालों का निर्माण पूरा होने के बाद जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।” उन्होंने बताया कि उन्होंने बनाड़ क्षेत्र का दौरा किया, जहां जलभराव की स्थिति सामान्य थी और थोड़ी ही देर में पानी निकल गया। फिर भी प्रशासन का प्रयास है कि स्थायी समाधान किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने एम्स जोधपुर में आयोजित एक विशेष वर्कशॉप का जिक्र किया जिसमें यह बताया गया कि मरीजों के अटेंडेंट्स से किस तरह व्यवहार किया जाए।  

मिशन हॉस्पिटल मामला: कोर्ट ने याचिका खारिज कर सरकार को दी बड़ी जीत

बिलासपुर मिशन हॉस्पिटल मामले में हाईकोर्ट ने शासन के पक्ष में बड़ा से फैसला सुनाया है. मामले में सुनवाई के बाद 24 अप्रैल 2025 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. कोर्ट ने आज फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया है. 1885 में लीज पर मिली थी 11 एकड़ जमीन दरअसल, मिशन अस्पताल की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी. मिशन अस्पताल के लिए सेवा के नाम से 11 एकड़ जमीन लीज पर दी गई थी. इसके लिए क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन हॉस्पिटल बिलासपुर, तहसील व जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को जमीन आवंटित की थी. यह मोहल्ला चांटापारा शीट नंबर 17, प्लाट नंबर 20/1 एवं रकबा 382711 एवं 40500 वर्गफीट है. 1966 में लीज का नवीनीकरण कर साल 1994 तक लीज बढ़ाई गई थी. जिसकी अवधि 31 अप्रैल 1994 तक के लिए थी. जिसमें मुख्य रूप से निर्माण में बदलाव एवं व्यवसायिक गतिविधियां बिना कलेक्टर की अनुमति के न किए जाने की शर्त थी. डायरेक्टर का कारनामा, शर्तों के विरुद्ध बनाई चौपाटी लीज पर जमीन लेकर डायरेक्टर रमन जोगी ने इसे चौपाटी बनाकर किराए पर चढ़ा दिया था. एक रेस्टोरेंट का कैम्पस में संचालन किया जा रहा था. लीज की शर्तों का उल्लंघन कर व्यावसायिक उपयोग करने पर तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण की नजर पड़ी. लीज की अवधि बढ़ाने के समय इसमें कई शर्तें भी लागू की गई थी. पर शर्तों का उल्लंघन कर न केवल इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था. साथ ही किराए पर अन्य प्रतिष्ठानों को देकर इसे कमाई का माध्यम बना लिया गया था. 1994 को लीज खत्म होने के बाद 30 वर्षों तक लीज का नवीनीकरण नहीं करवाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता ने कहा था कि नितिन लॉरेंस प्रत्येक याचिका में अपना पद बदल रहे हैं और विभिन्न संस्थाओं की पॉवर ऑफ अटॉर्नी प्रस्तुत कर रहे है. अदालत को गुमराह किया जा रहा है. यह कानूनी रूप से गलत है. जस्टिस प्रसाद ने अपने फैसले में लिखा है कि अधिकारियों ने पट्टे को नवीनीकृत करने से इनकार करके और पट्टे को वापस लेने में अपने अधिकारों और अधिकार क्षेत्र के भीतर काम किया. भूमि पर पुनः कब्ज़ा प्राप्त करने के लिए कदम उठाएँ. उनके निर्णय में कोई त्रुटि या अवैधता नहीं है, जिसके लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 या 227 के अंतर्गत इस न्यायालय द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता हो.

अमरनाथ यात्रा 2025: श्रद्धालुओं का ताजा जत्था जम्मू से रवाना, जयकारों से गूंजा वातावरण

जम्मू जम्मू-कश्मीर में वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा के लिए 6365 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था शनिवार को 'बम बम भोले' का जयकारों के बीच यहां भगवती नगर स्थित यात्री निवास से दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया, 'आज सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू आधार शिविर से 6,365 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था कश्मीर स्थित श्री अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ।' उन्होंने बताया कि 211 वाहनों के बेड़े में 2,851 तीर्थयात्री पहलगाम और 3,514 बालटाल के लिए रवाना हुए। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो जुलाई को यहां से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। बाबा बर्फीनी के दर्शन के लिए इस वर्ष 03 जुलाई से शुरू हुयी 38 दिवसीय यह वार्षिक यात्रा 09 अगस्त तक चलेगी। अब तक दो लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। उपराज्यपाल ने 17 जून को अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों को एक जुलाई से 10 अगस्त के बीच 'नो-फ्लाइंग ज़ोन' घोषित करने के आदेश पारित किए थे। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उपराज्यपाल के आदेश पर जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने 'आगामी अमरनाथ यात्रा के दौरान हवाई गतिविधियों के संबंध में कड़े सुरक्षा निर्देश' जारी किए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम 'यात्रा के दौरान कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने' के लिए उठाया गया है। पहलगाम (दक्षिण कश्मीर में) और बालटाल (मध्य कश्मीर में) दोनों मार्गों पर यूएवी, ड्रोन और गुब्बारों सहित किसी भी प्रकार के विमानन प्लेटफॉर्म और उपकरणों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।  

फाइनलिसिमा 2026: स्पेन और अर्जेंटीना की टाइटन्स की टक्कर

मेड्रिड यूरोप और दक्षिण अमेरिका की दो फुटबॉल दिग्गज टीमें – स्पेन और अर्जेंटीना – अगले साल मार्च में फाइनलिसिमा 2026 में आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला यूएफा यूरो और कोपा अमेरिका के मौजूदा चैंपियनों के बीच खेला जाएगा। यह मैच 2026 फीफा विश्व कप प्लेऑफ के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय विंडो के दौरान आयोजित किया जाएगा, बशर्ते स्पेन की टीम विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर ले। यह जानकारी गोल डॉट कॉम की रिपोर्ट के हवाले से दी गई है। यूएफा, फीफा, स्पेनिश फुटबॉल महासंघ, और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन मिलकर फाइनलिसिमा को सफलतापूर्वक पुनर्जीवित करने के प्रयास में जुटे हैं। 2026 संस्करण में यह हाई-प्रोफाइल मुकाबला फुटबॉल प्रेमियों के बीच उत्साह और वैश्विक रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, खासतौर पर उस समय जब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल गतिविधियाँ कम होती हैं। गौरतलब है कि फाइनलिसिमा ने 1985 और 1993 में आयोजित आर्टेमियो फ्रांकी कप की जगह ले ली है। 1993 में अर्जेंटीना ने यह खिताब जीता था, जो दिवंगत महान खिलाड़ी डिएगो माराडोना का आखिरी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी था। 2022 में अर्जेंटीना ने इटली को 3-0 से हराकर इस विरासत को आगे बढ़ाया। फाइनलिसिमा 2026 के आयोजन की संभावित तारीख 26 से 31 मार्च के बीच तय की गई है। इसको लेकर शुरुआती बातचीत 75वें फीफा कांग्रेस के दौरान पराग्वे में हुई थी। स्पेन ने हाल ही में यूएफा यूरो 2024 में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। स्पेन के लिए निको विलियम्स ने 47वें और मिकेल ओयारज़ाबाल ने 86वें मिनट में गोल किए। इंग्लैंड की ओर से एकमात्र गोल कोल पामर ने 73वें मिनट में किया। वहीं, लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना ने कोपा अमेरिका 2024 के फाइनल में कोलंबिया को 1-0 से हराकर रिकॉर्ड 16वीं बार यह खिताब जीता। यह गोल लौटारो मार्टिनेज ने किया। फाइनल मुकाबले के दौरान मेसी को दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट किया गया, जिसके बाद वे भावुक हो गए थे। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने कोलंबिया की 28 मैचों की अपराजेय लय को भी तोड़ दिया और मेसी के करियर के अंतिम पड़ाव में उन्हें दूसरी बार कोपा अमेरिका ट्रॉफी दिलाई।  

पानी की तरह बहाया पैसा: पाकिस्तान में बिना सप्लाई के हुआ अरबों का पेमेंट घोटाला

इस्लामाबाद पाकिस्तान में गजब का घोटाला सामने आया है। इसमें जॉगर्स, जूतों और गर्म ट्राउजर्स पर अरबों रुपए के एडवांस पेमेंट की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इन सामनों की डिलीवरी मिली ही नहीं। सिर्फ इतना ही नहीं, तटीय रक्षा के लिए नौका खरीद में भी ऐसा ही खेल सामने आया है। यह सब हुआ है पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय के तहत आने वाले सिविल कानून प्रवर्तन एजेंसियों में। ऑडिट रिपोर्ट में यह खुलासा होने के बाद वहां पर खलबली मची हुई है। सुरक्षा से भी खिलवाड़ ताजा ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक इन तमाम खरीदारी में बेसिक नियमों का भी पालन नहीं हुआ है। द न्यूज इंटरनेशल के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे मामले में अनियमित खर्च, कुछ खास सप्लायर्स को फेवर करना और नियमों को तोड़ने जैसी गंभीर चीजें सामने आई हैं। यह ऑडिट पाकिस्तान के विभिन्न डिपार्टमेंट्स में हुई खरीदारी में की गई है। इनमें पाकिस्तान रेंजर्स, फ्रंटियर कोर, पाकिस्तानी तटरक्षक बल आदि शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक साफ नजर आ रहा है कि पैसों का जमकर दुरुपयोग हुआ है। इसमें यह भी सवाल उठ रहा है कि टेंडर प्रक्रिया भी गैर-पारदर्शी रही। डिलीवरी के पहले ही एडवांस पेमेंट कर दी गई। जांच की मांग ऑडिट रिपोर्ट में तमाम उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे गलत ढंग से खरीदारी की गई। एक उदाहरण में बताया गया है कि पंजाब रेंजर्स ने ऊनी मोजों और आधी बांह के वेस्ट के लिए 43 मिलियन पाकिस्तानी रुपयों का कांट्रैक्ट दिया। जिन कंपनियों को यह ठेका दिया गया वह मानकों को पूरा नहीं कर रही थीं। लेकिन इसके बावजूद तकनीकी कमेटी ने इन्हें रिजेक्ट नहीं किया। ऑडिटर्स ने मामले में गलत ढंग से फेवर करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच की भी मांग की है। कोस्ट गार्ड ने भी किया खेल रिपोर्ट में पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड द्वारा अनियमितता की बात भी कही गई है। इसके मुताबिक पाकिस्तान कोस्ट गार्ड ने एक प्राइवेट कंपनी से बोट के लिए कांट्रैक्ट किया। मामले में 560 मिलियन पाकिस्तानी रुपयों का एडवांस पेमेंट किया गया। चार महीने के अंदर बोट मिल जानी थीं। डेडलाइन 23 जुलाई, 2024 के लिए थी। लेकिन जनवरी 2025 तक बोट की डिलीवरीहो नहीं पाई थी।